फाइनल हो चुके ट्रेक को जांचा, बचे हुए काम में तेजी लाने पर जोर

फाइनल हो चुके ट्रेक को जांचा, बचे हुए काम में तेजी लाने पर जोर
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Rajesh Kumar Vishwakarma | Updated: 20 Jul 2019, 06:31:22 PM (IST) Rajgarh, Madhya Pradesh, India

-इलेक्ट्रिफिकेशन का काम देख रही मुख्य निर्माण एजेंसी राइट की स्पेशल टीम ने शनिवार को जांचा ट्रेक

ब्यावरा. मुंबई से आई सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेल्वे सेफ्टी) की टीम द्वारा पचोर से विजयपुर तक के काम को फाइनल कर देने के बाद मक्सी-विजयपुर इलेक्ट्रिेफिकेशन का बचा हुआ काम तेजी से किया जा रहा है। बन चुके हिस्से में जांच करने और चालू काम को जांचने रेल्वे की मुख्य निर्माण एजेंसी राइट (रेल इंडिया टैक्नीकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) की स्पेशल टीम शनिवार को ब्यावरा पहुंची।


दरअसल, गुना की ओर से आई टीम ने बीनागंज, चांचौड़ा, कुंभराज, रुठियाई, ब्यावरा, पचोर तक का इलेक्ट्रिफिकेशन ट्रेक जांचा। इसमें विभिन्न प्रकार की बारीकियों पर ध्यान दिया। इसके अलावा पचोर के आगे किए जा रहे पोल लगाने और वायरिंग के कार्य को भी जांचा।

 

टीम ने विभिन्न पहलुओं पर जांच की

स्पेशल राइट इंस्पेक्शन यान से पहुंची टीम ने विभिन्न पहलुओं पर जांच की। टीम में राइट के सीनियर इंजीनियर, केईसी के पांच इंजीनियर, टीआरडी (ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन) के अधिकारी, टीएनपी टूल्स सहित पांच अन्य कर्मचारियों का दल रहा। टीम ने ट्रेक से जुड़े सिग्नल वर्क, ट्रैक्शन ड्रिस्ट्रीब्यूशन, १३२ केव्ही के डिपो से इलेक्ट्रिफिकेशन का ज्वॉइंट सहित अन्य तमाम कार्य जांचे। उन्होंने निर्माण एजेंसी केईसी इंडिया लिमिटेड के अधिकारियों से भी फीडबैक लिया।

...और जनवरी-2020 में काम पूरा करने का टॉरगेट
वर्तमान में उक्त प्रोजेक्ट में फाउंडेशन, पोल और वायरिंग का काम किया जा रहा है। निर्माण एजेंसी (केईसी) का दावा है कि हर हाल में जनवरी-2020 तक पूरा काम कर लिया जाएगा। इसके बाद पूरे ट्रैक का ट्रॉयल लिया जाएगा और उसके बाद उक्त ट्रैक पर बिजली वाली ट्रेन दौड़ाई जाएगी। बता दें कि वर्ष-2017 में फाइनल हुए इलेक्ट्रिेफिकेशन का काम 2018 में शुरू किया गया। 2020-मार्च तक इसकी डेडलाइन है। ऐसे में कंपनी जल्द से जल्द इसे पूरा करने की प्लॉनिंग में है।


फैक्ट-फाइल
-141 करोड़ रुपए का है प्रोजेक्ट।
-188 किमी लंबी है लाइन।
-2020-जनवरी में है काम पूरा करने का लक्ष्य।
-05 सदस्यीय स्पेशल टीम (राइट) ने जांचा ट्रैक।
-12 अधिक ट्रेनें बढऩे की उम्मीद।
-132 केव्ही के डिपो से सप्लाई होगी 25 केव्ही बिजली।
(नोट : रेल्वे से प्राप्त जानकारी के अनुसार)

रामगंजमंडी लाइन भी होगी इलेक्ट्रिफाई
जिले के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रामजंगमंडी-भोपाल लाइन को लेकर भले ही हर बार लेटलतीफी की जा रही हो लेकिन पीएम के फॉस्ट ट्रैक प्रोजेक्ट में शामिल उक्त लाइन को भी इलेक्ट्रिफाई किया जाएगा। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि सिंगल लाइन होने के कारण सिंपल लाइन भी डाली जा सकती है लेकिन रामगंजमंडी से झालावाड़ तक चालू की गई लाइन की ही तर्ज पर यह लाइन भी बनेगी।


जनवरी-2020 है टॉरगेट
हमारा काम अभी पचोर से मक्सी के बीच जारी है, जिसमें पोल लगाने लेकर वायरिंग इत्यादि का काम किया जा रहा है। पूरी कोशिश है कि 2020 तक काम पूरा कर दिया जाए।
-संदीप सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, मक्सी-विजयपुर प्रोजेक्ट, केईसी, इंडिया लिमिटेड

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