परिजन और सहयोगी शिक्षकों ने की अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने की मांग

परिवार पर विपदा बनकर आया संक्रमण.......

By: Ashtha Awasthi

Published: 13 Jun 2021, 12:03 PM IST

ब्यावरा। कोरोना संक्रमण के दौरान आई दूसरी लहर ने कई घरों को तबाह कर दिया। इस दौरान कई बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। सारंगपुर के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य सुनील वर्मा का 21 अप्रेल को कोरोना से निधन हो गया। उनकी तीन बेटियां हैं। पत्नी संध्या पर इन सबकी जिम्मेदारी आ गई है।

बता दें ड्यूटी के दौरान शिक्षक सुनील वर्मा अप्रेल माह में संक्रमित हो गए। सांस लेने में दिक्कत होने पर 16 अप्रेल को उन्हें जिला चिकित्सालय राजगढ़ में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 21 अप्रैल को उनका निधन हो गया। घर में अब पत्नी संध्या, बेटी राशि (14) हैं, जो 9वीं कक्षा की छात्रा हैं। दो बेटियां चारुलता (12) और सबसे छोटी कनिका (5) हैं। इन तीनों के सिर से जहां पिता का साया उठ गया, वहीं पत्नी संध्या भी अकेली पड़ गई हैं। अब उन्हें सरकार से आस है कि कुछ मदद मिलेगी।

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बीए पास पत्नी को अनुकम्पा की उम्मीद

शिक्षक सुनील वर्मा की पत्नी संध्या बीए पास हैं। बेटियों की पूरी जम्मेदारी उन्हीं पर है। संविदा वर्ग-3 के लिए 2008 में आयोजित पात्रता परीक्षा भी पास कर चुकी हैं। परिजन और सहयोगी शिक्षकों ने बेटियों के पालन-पोषण के लिए अनुकम्पा नियुक्ति की मांग की है।

हाल ही में लोन लेकर बनवाया था मकान

संध्या बताती हैं कि परिवार का पूरा जिम्मा पति ने उठा रखा था। मध्यमवर्गीय परिवार में काफी चुनौतियों के साथ जीवन चल रहा था, पर बीच में ही सब कुछ थम गया। कुछ दिन पहले ही बनाए गए मकान के लिए सात लाख रुपए का लोन लिया था, जिसकी किश्तें चल रही हैं। अतिरिक्त आय का कोई अन्य साधन नहीं है। शिक्षा विभाग की ओर से अनुग्रह राशि के तौर पर 50 हजार रुपए दिए गए। शिक्षक साथियों ने भी 70 हजार रुपए की मदद की थी ।

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