सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया, कॉलोनी काटी, प्लॉट भी बेच डाले

प्लॉट बेच डाले, जिन पर अब मकान बनना शुरू भी हो गए

By: chandan singh rajput

Published: 27 Nov 2019, 02:04 AM IST

ब्यावरा. शहर से लगी शासन की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। सुठालिया-सिरोंज नेशनल हाईवे पर लोधीपुरा जोड़ के पास रोड से लगी करीब साढ़े चार बीघा जमीन पर न सिर्फ दबंगों ने कब्जा जमाया, बल्कि उसमें कॉलोनियां तक काट दी। प्लॉट बेच डाले, जिन पर अब मकान बनना शुरू भी हो गए।
दरअसल, शहर से लगे पटवारी हल्का नंबर २८ के सर्वे क्रमांक-१६ पर 1.126 हैक्टेयर रकबे की भूमि पर अवैध तौर पर कब्जा कर लिया गया। इस कब्जे को लेकर तमाम प्रकार की शिकायतें की गई, प्रकरण एसडीएम कोर्ट में भी चला, जहां यह साबित हो गया कि जमीन सरकारी है, तहसीलदार द्वारा बेदखली के निर्देश भी दे दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई आज दिनांक तक नहीं हुई है।

सीधे राजनीतिक हस्तक्षेप और कुछ प्रभावी लोगों के कारण उक्त जमीन का अस्तित्व खतरे में है, पूरी तरह से कब्जा करने में कब्जेधारी कामयाब हो गए। बेशकीमती सरकारी जमीन के लाखों रुपए कब्जेधारियों ने कमा भी लिए।
जहां कॉलोनी काटी गई वहां के पीछे के जमीन वाले ५८ वर्षीय हबगस लोधा निवासी लोधीपुरा और उनके बेटे दयाराम सहित अन्य इसलिए परेशान हैं कि उन्हें वहां से रास्ता नहीं मिल दिया जा रहा। इसी से तंग आकर वे दो साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। पटवारी, आरआई, तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर सहित तमाम आला अधिकारियों से इसकी शिकायत की गई लेकिन कहीं बात नहीं बन रही।

मंगलवार को फिर से उन्होंने कलेक्टर निधि निवेदिता के समक्ष गुहार लगाई है और उक्त जमीन शासन के कब्जे में लेकर उन्हें रास्ता दिया जाने की मांग की है।
रास्ता मांगा तो रास्ते में पटक दिए कांटे, पेड़
शिकायतकर्ता हरबगस लोधा ने बताया कि मेरी दो बीघा जमीन उक्त सरकारी जमीन से पीछे लगी हुई है। जब से इन लोगों ने कब्जा जमाया है हमारी जमीन में पहुंचने का मार्ग मुख्य रोड से बंद कर दिया गया है। जब भी हम रास्ते की मांग करते हैं और स्टे के बाद चालू करवाते हैं, तो कॉलोनी काटने वाले प्रभावी लोग बनेसिंह लोधा हमसे विवाद करते हैं साथ ही रास्ते पर कांटे, लकडिय़ां और पेड़ इत्यादि डलवा देते हैं। ये स्थिति लंबे समय से कायम है।

तहसीलदार ने दिए थे बेदखली के निर्देश
शिकायर्ताओं ने आरोप लगाया कि करीब सालभर पहले तहसीलदार के यहां से उक्त जमीन का मुआयना करने पर पाया गया कि यह सरकारी जमीन है। उसके बाद तहसीलदार ने बेदखली के निर्देश भी दिए लेकिन राजनीतिक हस्तेक्षेप और कब्जेधारी प्रभावी होने के चलते गिरदावर और पटवारी मौके पर जाकर बैरंग लौट आए। जानकारी के अनुसार उक्त सरकारी जमीन के पीछे हरबगस पिता रामकिशन लोधा निवासी लोधीपुरा की जमीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन से आगे करीब दो बीघा जमीन में लोधीपुरा के ही बने सिंह पिता भंवरलाल लोधा ने करीब दो बीघा सरकारी जमीन पर कॉलोनी काट दी।

मामला बेहद गंभीर है, मैं प्राथमिकता से इसकी जांच करवाऊंगा। इस तरह से सरकारी जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सकता। तमाम जांच पड़ताल के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
-रमेश पांडे, एसडीएम, ब्यावरा

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