कानून की परवाह नहीं , न्यायालय के आदेश के बाद भी झगड़े की जिद

कुप्रथा से परेशान युवतियां फि र पहुंची न्याय की गुहार लगाने

 

राजगढ़। झगड़ा प्रथा को खत्म करने के लिए कई तरह की कार्यशाला में और कार्रवाई हो चुकी हैं। लेकिन अभी भी यह प्रथा जिले से खत्म हो ऐसा होते नजर नहीं आ रहा। अभी भी इस प्रथा को खत्म करने में कई तरह की अड़चन है। जिनमें सामाजिक लोगों का असहयोग और गांव में होने वाली घटना के बाद पीडि़ता के परिवार को ग्रामीणों द्वारा प्रताडि़त करना ऐसे मामले हैं। जिनके कारण न चाहते हुए भी पीडि़त के परिजन कुप्रथा के बंधन में बंध ही जाते हैं। अब तो लोगों को कानून की भी चिंता नहीं रही।

बड़ी समस्या से छुटकारा मिल सके
न्यायालय से जारी हुए आदेशों को भी नहीं मान रहे और अभी भी अपने झगड़े की मांग की जिद पर अड़े हुए हैं। ऐसे ही कुछ मामलों में कानूनी सलाह लेने के लिए चार युवतियों ने अपने आवेदन लेकर विधिक सहायता तक केद्र पहुंची और मांग की कि उनके साथ न्याय ताकि इस बड़ी समस्या से उन्हें छुटकारा मिल सके।

 

मामला - 01
राजगढ़ में रहने वाली पीडि़ता का विवाह पास के ही एक गांव में भागीरथ तंवर के साथ हुआ था। जहां बच्चे न होने के कारण संतोष भाई पीडि़ता को पति द्वारा छोड़ते हुए कई तरह की यातनाएं दी गईं। बाद में घरवालों से झगड़े की मांग की जाने लगी। जब ऐसा नहीं किया तो उन्हें तरह-तरह से प्रताडि़त किया जा रहा था। जिसकी रिपोर्ट भी थाने में दर्ज कराई गई। लेकिन उसका भी कोई निकाल नहीं हुआ, उल्टा अब और गांव में आग लबातेे हुए पीडि़ता के परिवार को धमकाया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराने जब थाने में जाती हैं, तो अब मामले को टाल दिया जाता है।

 

मामला - 02
बाराद्वारी कॉलोनी में रहने वाली एक युवती का पांच साल पहले जीरापुर के पंवारखेड़ा गांव में विवाह हुआ था। आपसी मनमुटाव के बाद मामला न्यायालय तक पहुंचा और दोनों के बीच तलाक हो गया इसके बाद युवक मोहनलाल वर्मा ने दूसरी शादी कर ली। लेकिन अब वह दूसरी शादी रचाने के बाद भी चार लाख का झगड़ा मांग रहा है। यह शिकायत पुलिस में भी दर्ज कराई गई लेकिन रिपोर्ट न होने के कारण अब न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी कर ली है।


मामला -03
लटूरी गांव में रहने वाली एक युवती का विवाह 11 साल पहले छापीहेड़ा थाना अंतर्गत आने वाले गिरनार गांव में हुआ था। दोनों के बीच 2016 में तलाक होने के बाद भरण पोषण की राशि भी तय हो गई। लेकिन अभी तक आरोपी पति ने विजय सिंह ने भरण पोषण की राशि तो छोडि़ए उल्टा पांच लाख के झगड़े को लेकर दबाव बना रहा है और गांव के आसपास आग लगाने की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है।

 

मामला - 04
पाटक्या गांव कि पीडि़ता का विवाह की सगाई पांच साल की उम्र में खजूरी गोकुल निवासी राजेश के साथ हुई थी। लेकिन जब शादी की उम्र हुई तो पीडि़ता पढ़ लिख गई और राजेश अभी भी कम पढ़ा लिखा है। जिसके कारण दोनों में बात नहीं बनी सगाई तोडऩे के बदले राजेश के परिवार वालों ने पांच लाख की मांग की। लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण पीडि़त परिवार इस राशि देने को तैयार नहीं है। जिसके कारण गांव में विभिन्न तरह की वारदातें की जाएगी। जिसमें फ सल को जलाना फ सल को काटना और इटावा में आग लगाना शामिल हैं।


न्यायालय से भरण पोषण के आदेश या तलाक के आदेश होने के बावजूद यदि युवतियों को वर पक्ष परेशान कर रहा है, तो यह बहुत ही गंभीर अपराध है। इसको लेकर हम पुलिस के साथ ही इन पीडि़तों के सहयोग के लिए विधिक सहायता केंद्र के माध्यम से जो भी मदद हो इसके लिए हर संभव मदद करूगी। किसी भी बेटी के साथ इस तरह का अन्याय नहीं होने देंगे।
मोना सुस्तानी संचालक लाल चुनरिया गैंग

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Bhanu Pratap Thakur Reporting
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