Breaking news : कलयुगी पिता ने दूसरी पत्नी के साथ मिलकर अपने ही 12 साल के बेटे को मार डाला

ब्यावरा थाना क्षेत्र का मामला
पहले उसे हॉस्टल में रखा, फिर आश्रम, घर आया तो होने लगे विवाद, महिला ने दबाव बनवाकर बच्चे को मरवा दिया

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published: 31 Mar 2021, 05:29 PM IST

ब्यावरा.संतान के जन्म के लिए तमाम देवी-देवता मनाने, दुआएं मांगनेे वाले सभ्य समाज में एक नई करतूत कलयुगी पिता की सामने आई है। यहां एक पिता ने अपनी दूसरी पत्नी ेक साथ मिलकर खुद के ही 12 साल के मासूम बेटे की हत्या कर डाली। दूसरी पत्नी उसेे बर्दाश्त नहीं कर पाई और बार-बार उसे नहीं रखने का दबाव पति पर बनाती थी, बात इतनी बढ़ गई कि उसकी हत्या ही महिला ने अपने पति से करवा दी।
ब्यावरा पुलिस के अनुसार अरुण पिता पर्वतसिंह लववंशी (12) निवासी कोडिय़ाखेड़ी को उसके पिता ने ही मार डाला। होली के दिन 28 मार्च को खेत पर बेटे को ले जाकर गला दबा दिया और मार डाला। इसकी शिकायत पर्वत की पहली पत्नी ममताबाई निवासी गांगाहोनी ने थाने में आकर की। फिर पुलिस ने पड़ताल की तो पूरा मामला सामने आया। इसमें स्पष्ट हुआ कि पर्वतसिंह की दूसरी पत्नी ममताबाई निवासी (बिजावन) बैरसिया के कहने पर, उसे खुश रखने के लिए ही यह हत्या की। जिसमें चचेरे भाई जितेंद्र ने भी सहयोग किया। पुलिस ने हत्या के आरोपी पर्वतसिंह पिता हरिराम लोधा, ममताबाई पति पर्वतसिंह लोधा, जितेंद्र पिता गोपाल लोधा तीनों निवासी कोडिय़ाखेड़ी के खिलाफ धारा-302, 201, 323, 120 (बी), 109 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर तीनों को ही गिरफ्तार कर लिया है।

पत्नी के साथ मिलकर पीटता था पिता, होस्टल-आश्रम भेज दिया था
थान प्रभारी राजपालसिंह राठौर ने बताया कि पूरे मामले में जांच में सामने आया कि 12 वर्षीय मासूम अरुण के साथ आए दिन सौतेली मां ममताबाई और उसके कहने पर पिता पर्वतसिंह मारपीट करते रहते थे। कुछ माह पहले उसे हॉस्टल छोड़ दिया था, बाद में पड़ोनिया के एक आश्रम रख दिया था। लेकिन आश्रम वालों ने पर्वत को समझाकर बच्चा सुर्फुद कर दिया था लेकिन उसकी पत्नी नहीं मानी। वह कहने लगी या तो ये घर में रहेगा या मैं, यह बोलकर अपने मायके चली गई। बाद में काफी विवाद दोनों में होने लगा। बता दें कि करीब 15 साल पहले पर्वत का ब्याह गांगाहोनी की ममताबाई के साथ हुआ लेकिन पारिवारिक तनाव और आए दिन के विवाद के बाद उसे छोड़ दिया था और तीन साल की उम्र से ही अरुण को पर्वत ने रख लिया। बाद में बिजावन की ममताबाई से उसने शादी की, जिसके दो बच्चे हैं। तभी से इनमें विवाद होने लगा और इस बच्चे को दोनों परेशान करते रहते थे।
हत्या कर बोला- निकाल दिया तुम्हारे रास्ते का कांटा
पूछताछ में आरोपी पवर्त ने बताया कि रोज के विवाद से तंग आकर वह 28 मार्च को होली के दिन काम से लौटने के बाद घर पहुंचा। पूरे गांव के लोग शाम के समय होली की पूजा में लगे थे, तभी वह अपने बच्चे को खेत पर ले गया, जहां गला दबाकर उसे मार डाला। फिर अपनी पत्नी को फोन कर कहा कि मैंने तुम्हारे रास्ते का कांटा निकाल दिया है। फिर अपने चचेरे भाई को कॉल किया। हत्या के बाद वह ब्यावरा की एक धर्मशाला में आकर रुका। परिजनों, रिश्तेदारों को गुमराह करने अगले दिन कहा कि अरुण की मौत खेत पर हो गई, और जल्दबाजी में उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद अरुण की पहली मां ममताबाई निवासी गांगाहोनी ने 30 मार्च को इसकी शिकायत थाने में की तब जाकर मामला हाथ लगा। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला गंभीरता से लिया, थाना प्रभारी राजपालसिंह राठौर के नेतृत्व में, एसआई संध्या रघुवंशी, एचसीएम गंगाप्रसाद साहू सहित अन्य साथियों की मदद से केस में सफलता पाई।

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