लॉक डॉउन हल नहीं, आदत में लाना होगा कोरोना के साथ जीना!

लॉक डॉउन 4.0 को लेकर प्रारंभिक आंकलन
17 के बाद ग्रीन जोन जिलों में सशर्त खुल सकता है लॉक डॉउन, सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखना होगा, मॉस्र्क अनिवार्य

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published: 16 May 2020, 06:00 AM IST

ब्यावरा.कोरोना वायरस को लेकर लगाए जा रहे तमाम कयासों पर डब्ल्यूएचओ द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के बाद स्थानीय डॉक्टर्स, विशेषज्ञों का कहना है कि हमें आदतें बदलना होंगी। लॉक डॉउन कोरोना का हल नहीं माना जा सकता, यह सिर्फ बचाव और समय को खींचने का विकल्प मात्र है। ऐसे में कोरोना के साथ रहने की आदत हमें डालना होंगी।
दरअसल, लॉक डॉउन 1.0 से 3.0 तक का सफर करने वाले लोगों में लॉक डॉउन ४.० को लेकर काफी एक्साइटमेंट है। फिलहाल स्पष्ट नहीं हुआ है कि 17 के बाद देश में स्थितियां क्या होंगी, लेकिन राज्य शासन द्वारा ग्रीन जोन वाले जिलों से सुझाव मांगे गए हैं। इसमें लॉक डॉउन खोलने की सहमति मांगी गई है लेकिन फिलहाल राजगढ़ जिला प्रशासन ने कोई प्रतिक्रिया इसे लेकर नहीं दी है। ऐसे में फिलहाल जनता असमंजस में है कि किस हिसाब से बाजार खुलेंगे? हालांकि सतत लॉक डॉउन के बावजूद कोरोना को खत्म करने का कोई साधन फिलहाल नहीं मिल पाया है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर्स का कहना है कि अब हमें सावधानी के साथ जीना सीखना होगा। कोरोना के साथ रहकर आदत में लाना होगा।

मॉस्र्क पहनना अनिवार्य, सोशल डिस्टेंस का खुद रखना होगा ध्यान
17 के बाद के हालात लगभग छूट को लेकर माने जा रहे हैं। ग्रीन जोन में लगभग सभी प्रतिष्ठान खोले जा सकेंगे। महज सिनेमा, जिम, स्कूल, कॉलेज और कोचिंग क्लासेस को छूट नहीं रहेगी। ऐसी स्थिति में भीड़ बढऩे के भी पूरे चांस हैं और स्थितियां बिगडऩे के भी। ऐसे में प्रशासन ने मॉस्क नहीं पहनने पर डीजल-पेट्रोल नहीं दिए जाने के साथ ही 250 रुपए की चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंस का ध्यान हमें खुद रखना होगा।
17 के बाद ये कदम हमें खुद उठाना होंगे
-भीड़भाड़ वाले इलाके में जाने से बचना होगा।
-मुंह पर हमेशा मॉस्क बांधकर ही निकलने की आदत डालनी होगी।
-बार-बार हाथ धोना आदत में लाना होगा।
-अनावश्यक यात्राओं को (खुद के वाहन से भी) फिलहाल टालना होंगी।
-सब्जियां सहित अन्य बाहर से लाने वाली सामग्री को सैनीटाइज करना होगा।
-सैनीटाइजर का उपयोग भी आदत में लाना होगा।
-लोगों से सामाजिक दूरी बनाए रखने की आदत भी डालना होगी।
-शासन की छूट पर खुद का संयम रखना होगा, कोई टोकेगा नहीं लेकिन सख्ती खुद को करना होगी।


आदत में लाकर जीना होगा
कोरोना को लेकर स्वास्थ्य टीमें अपने स्तर डटी हुई हैं लेकिन फिलहाल उसका समाधान सिर्फ उससे बचाव ही है। लॉक डॉउन में हम सुरक्षित इसलिए रहे क्योंकि हम किसी के संपर्क में नहीं आए, हम उसकी चेन तोड़ पाए लेकिन अब यह वैक्सिन बनने तक हमें आदत में लाना होगा।
-डॉ. संदीप नारायण, मेडिकल ऑफिसर, ब्यावरा
शासन की गाइड लाइन ही तय करेगी
फिलहाल हम ग्रीन जोन में है, रही बात छूट की या जिले में मिलने वाली रियायतों की तो यह राज्य और केंद्र सरकार की जो गाइड लाइन होगी उसके हिसाब से ही तय होगा। फिलहाल हमारे स्तर पर हमने कोई निर्णय नहीं लिया है, सभी निर्देश, व्यवस्थाएं यथावत रहेंगे।
-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर, राजगढ़

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