जितनी डिलिवरी उतनी ही बार नहा रहे, खुद को सैनिटाइज करने हर दिन फेस कर रहा मैटरनिटी के डॉक्टर-नर्स स्टॉफ

कोरोना से वास्तविक जंग अस्पताल में
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री से ही खुद को कर रहे सैनिटाइज, हर दिन रिस्क, प्रसूता के परिजनों से कम संख्या में आने की अपील

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Updated: 27 Mar 2020, 06:45 PM IST

ब्यावरा.अस्पतालों में आम दिनों में भी रिस्की कहे जाने वाले मैटरनिटी में हर कदम पर स्टॉफ को खतरा है। हालात यह हैं कि दिनभर में जितनी डिलिवरी होती है उतनी ही बार डॉक्टर्स नहा रहे और खुद को सैनिटाइज करने पूरा स्टॉफ चैलेंज फेस कर रहा है।
अस्पताल में आने वाली प्रसूताओं और उनके परिजनों को समूह में आने से मना किया गया है। डिलिवरी के दौरान ही चिकित्सक और स्टॉफ पहुंच रहा, बाकी समय जान से बच भी रहे हैं। हालांकि डिलिवरी करवाने आने वालों में भी एक डर बना हुआ है। स्टॉफ के सामने इन्फेक्शन का दोहरा डर बढ़ जाता है। नवजात, प्रसूता और गर्भवती माता का चेकअप और पूरी डिलिवरी के दौरान काफी रिस्क उन्हें रहती है। हालांकि वे पूरा ध्यान रख रहे हैं, बकायदा मॉस्क, कैप और पूरी ड्रेस पहनकर वे काम कर रहे हैं लेकिन डर बना हुआ है।
...और जिला मुख्यालय पर नहीं मिल रहे कपड़े, इन्फेक्शन का खतरा
नवजात को शासन की ओर से मिलने वाले कपड़े नवजात को नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे इन्फेक्शन का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा स्टॉफ को पर्याप्त प्रिकोशंस सामग्री भी जिला अस्पताल में नहीं मिल रही, जिसे लेकर पैरामेडिकल स्टॉफ ने नाराजगी भी जाहिर की थी, विरोध जताया था लेकिन सिविल सर्जन ने उन्हें फटकार लगा दी। वहीं, इतने गंभीर मामले में सीएमएचओ डॉ. के. के. श्रीवास्तव भी गंभी नहीं है, उन्हें आम लोगों, पीडि़तों के फोन तक रिसिव करने की फुर्सत नहीं है।

पैदा होने पर नहीं मना रहे जश्न, साथ भी आ रहे सीमित लोग
डिलिवरी के दौरान स्टॉफ पूरी काउंसिंग प्रसूता की कर रहे हैं। उन्हें समझा रहे हैं कि आप किसी के संपर्क में न आएं। समूह में कोई न आएं। वहीं, लोगों में भी इसे लेकर जागरूकता आई है वे खुद किसी प्रकार का कोई जश्न इस दौरान नहीं मना रहे। साथ ही डिलिवरी के लिए भी सीमित लोग ही आ रहे हैं। वैसे उन्हें अस्पताल में भी समझाया जा रहा है।
न शगुन दें, न बच्चे को किसी की गोद में दें
डॉक्टर्स साफ तौर पर समझाइश दे रहे हैं कि नवजात को सिर्फ उसकी मां के पास ही रखें। आम तौर पर मिलने आने वालों के बीच परपंरा होती है कि बच्चे को एक-दूसरे की गोद में दे दिया जाता है। कोई उन्हें रुपए देता है तो कोई लाड़ करता है... इससे पूरी तरह दूर रखने की हिदायत पैरामेडिकल स्टॉफ और मैटरनिटी के डॉक्टर्स प्रसूताओं को दे रहे हैं। उन्हें समझाया जा रहा है कि पूरी तरह से खुद और नवजात को सैनिटाइज करके रखें। साथ ही पूरी सावधानी इन्फेक्शन को लेकर भी बरतें।
पूरा एहतियात बरत रहे हैं
पूरा एहतियात बरत रहे हैं, डिलिवरी के लिए आने वाली प्रसूताओं की काउंसलिंग पहले ही कर रहे। उनके कफ, कोल्ड इत्यादि की जांच कर रहे। जहां तक बात प्रिकाशंस की है तो हम जितनी बार मैटरनिटी जा रहे डिलिवरी करवा रहे उतनी ही बार आकर नहा रहे। पूरा सैनिटाइज कर खुद को प्रोटेक्ट कर रहे हैं।
-डॉ. आर. के. जैन, महिला रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल, ब्यावरा
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