विधायक बोले-सीएम से कहकर अस्पताल में ताला लगवा देते हैं!

यदि आप लोग यही चाहते हैं, तो कल मुख्यमंत्री आ रहे हैं। एक प्रस्ताव पारित करते हुए इस अस्पताल में ही ताला लगवा देते हैं

By: Praveen tamrakar

Published: 03 Mar 2019, 04:50 AM IST

राजगढ़. जिला चिकित्सालय में तमाम सुविधाएं हैं। डॉक्टरों की कमी है इसको लेकर मैं लगातार प्रयास कर रहा हूं। लेकिन क्या कारण है, जो है वे भी काम करना नहीं चाहते। यदि आप लोग यही चाहते हैं, तो कल मुख्यमंत्री आ रहे हैं। एक प्रस्ताव पारित करते हुए इस अस्पताल में ही ताला लगवा देते हैं। जब यहां मरीज को इलाज ही नहीं मिल रहा, तो फिर ऐसे अस्पताल को खोलने से क्या मतलब।

यह बात राजगढ़ विधायक बापूसिंह तंवर ने आयोजित आयुष्मान योजना शिविर के दौरान कही। उन्होंने कहा कि सरकार जो योजनाएं चला रही है, उसका मरीजों को लाभ मिले इसके लिए आपको प्रचार-प्रसार करना जरूरी है। जरूरी यह नहीं कि आप उस प्रचार-प्रसार में खर्च करें। लेकिन इतना बड़ा अमला है यदि हम सोशल मीडिया के माध्यम से ही अपने हर कार्यकर्ता और कर्मचारी को ऐसे शिविरों की जानकारी देते हुए ग्रामीण अंचल से लोगों को लाने के लिए कहें, तो इस तरह सामने 50 आदमी नहीं 500 लोग नजर आएंगे। यहां विधायक ने कुछ उदाहरण भी दिए और कहा कि छोटी-छोटी सी बीमारियों के लिए मरीजों को रेफर किया जाता है। यहां तीन एनेथीस्या और तीन सर्जन हैं। दो डीजीओ इसके बाद भी प्रसुताओं को हर दिन रेफर किया जा रहा है। जो सही नहीं है। मैं लगातार स्टाफ बढ़ाने को लेकर प्रयास कर रहा हूं पर आप लोगों से सहयोग नहीं मिल रहा। इसके कारण मरीज परेशान होते हैं। विधायक के अलावा जिला पंचायत सदस्य मोना सुस्तानी भी मंच पर थीं। उन्होंने भी आयोजनों के प्रचार-प्रसार के लिए डॉक्टरों से अपील की। इस अवसर पर सुरेन्द्र दुबे पप्पा भी मौजूद थे।

निजी अस्पतालों का दिया निमंत्रण
सरकारी अस्पताल में लगाए जा रहे शिविर में कुछ निजी चिकित्सालयों के डॉक्टर भी आए थे। जहां वे मरीजों को उनके अस्पतालों में आने के लिए कह रहे थे। हद तो तब हो गई, जब शिविर के दौरान एक महिला को पैर में दर्द था। उसका भी एक्सरा राजगढ़ अस्पताल में नहीं हो सका और इसके लिए भोपाल से आए चिकित्सक ने उनके अस्पताल में आने को कह दिया। बकायदा अस्पताल का नाम भी लिखा। जब चिकित्सक से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यहां एक्सरा नहीं हो रहा, इसलिए अस्पताल का नाम लिख दिया। ऐसे में इन शिविरों की हकीकत पता लगती है। जहां छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी इलाज के लिए भोपाल बुलाया जाता है, इसका भुगतान शासन करता है, लेकिन बीमारियों का इलाज जिला चिकित्सालय में भी हो सकता है।

प्रायवेट जांचें लिखने पर उठाई आपत्ति
यहां विधायक ने कहा कि अस्पताल का ढर्रा इसलिए बिगड़ रहा है। क्योंकि यहां रहते हुए भी परिसर में ही निजी अस्पतालों जैसा काम हो रहा है। जहां न सिर्फ इलाज के लिए पैसे लिए जा रहे हैं। बल्कि मरीज को जांच कराने या दवाओं के लिए निजी क्लीनिक या लेब के नाम बताए जाते हैं, जो सही नहीं है।

1400 बीमारियों का निशुल्क इलाज
सिविल सर्जन आरएस परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि 1400 बीमारियों का इलाज आयुष्मान योजना के तहत निशुल्क हो रहा है और अभी तक 1700 पंजीयन में से 345 लोग जिला चिकित्सालय से इस योजना का लाभ ले चुके हैं।

Praveen tamrakar
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned