संबल योजना का मजदूरों को नहीं मिल रहा फल, पंचायतें बरत रही लापरवाही

संबल योजना का मजदूरों को नहीं मिल रहा फल, पंचायतें बरत रही लापरवाही

Bhanu Pratap | Publish: Sep, 08 2018 12:51:38 PM (IST) Rajgarh, Madhya Pradesh, India

संबल योजना का मजदूरों को नहीं मिल रहा फल, पंचायतें बरत रही लापरवाही

राजगढ़. प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई संबल योजना, जिसमें असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के पंजीयन कराए जा रहे है। ताकि शासन की विभिन्न योजनाओंं के लाभ एक बड़े तबके को दिए जा सके। लेकिन कुछ जनपदें और नगरीय निकाय द्वारा बरती जा रही लापरवाही के कारण वे पिछडे हुए हैं। जबकि बात यदि नरसिंहगढ़ जनपद की जाए। तो वहां सबसे ज्यादा पंजीयन हुए हैं। वही नगरीय निकाय में सारंगपुर इस क्रम में सबसे आगे हैं।

ऐसे निकाय जो पंजीयन में पिछड़ रहे है या फिर 2011 की जनगणना के अनुसार जहां तेजी से पंजीयन का प्रतिशत बढ़ा है। वहां संबंधित पंजीयन का वेरिफिकेशन और ऐसे निकाय जो पिछडे है, वहां पंजीयन की संख्या को बढ़ाया जाए। इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। शासन की इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक से लोगों को विभिन्न प्रकार की लाभ दिया जाएगा।

टॉप तीन में कौन
जनपद पंचायत नरसिंहगढ़ में अब तक 127595 पंजीयन हो चुके हैं। दूसरे स्थान पर ब्यावरा है, जहां 101009 और राजगढ़ में 99040 श्रमिकों के पंजीयन हुए हैं। यहां सारंगपुर जीरापुर खिलचीपुर आदि के पंजीयन में काफी कमी हैं। हालांकि जनसंख्या के प्रतिशत के अनुमान से राजगढ़ में ज्यादा पंजीयन हुए हैं। यहां नगरीय निकाय में भी ब्यावरा का स्थान पहला हैं। ब्यावरा में 15618 और सारंगपुर में 11355 व नरसिंहगढ़ में 8668 पंजीयन हुए हैं। यहां भी जनसंख्या के अनुमान से राजगढ़ का पंजीयन प्रतिशत अधिक हैं। राजगढ़ में 8289 पंजीयन हुए हैं।

क्या मिलेंगे लाभ
पंजीकृत मजदूरों को जहां एक अप्रेल से पूर्व के सभी बिजली बिलों को माफ किया गया हैं। वही स्कूल की फीस, स्वास्थ्य में पांच लाभ तक के इलाज मुफ्त, अत्येष्ठि सहायता, प्रसुति सहायता, उज्जवला योजना का लाभ आदि में लाभ बढ़ाकर शुरु किए गए हैं।

कौन है असंगठित गरीब श्रमिक
खेतों में मजदूरी करने वाले, गृहकर्मी, स्ट्रीट हाकर्स, मछली पकडऩे वाले, पत्थर तोडऩे वाले, ईट निर्माता, दुकानदार, परिवहन, हाथकरघा, बिजली का सामान, ड्राइंग, प्रिटिंग, सिलाई बुनाई, लकड़ी के सामान, चमड़े के सामान, जूते बनाने वाले, पटाखे बनाने वाले, चाय पोहे की दुकान वाले, कारीगर, चौकीदार, सुतार और अन्य मजदूर असंगठित क्षेत्र की श्रेणी में हैं।

असंगठित मजदूरों के पंजीयन में कही तेजी है, तो कही कम पंजीयन हो रहे हैं। जहां कम पंजीयन हो रहे है, वहां के लिए हम ओर प्रयास कर रहे हैं कि वहां अधिक से अधिक लोगों को योजना का लाभ दिया जा सके।
ऋषभ गुप्ता, जिला पंचायत सीईओ राजगढ़

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