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शैक्षणिक व्यवस्था का आंकलन करने होगा नेशनल अचीवमेंट सर्वे

देश में वर्ष-2001 में शुरू सर्वे हर तीन साल में होता है। प्रदेश में 2017 में सर्वे हुआ था, बीते साल कोरोना काल होने के कारण नहीं हो पाया।

राजगढ़

Published: November 08, 2021 02:19:45 pm

राजगढ़/ब्यावरा. जिले की सरकारी और निजी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था को जांचने के लिए नेशनल अचीवमेंट सर्वे 12 नवंबर को होगा। जिले के साथ ही प्रदेश और देश की शैक्षणिक व्यवस्था का आकलन करने हर तीन साल में होने वाले इस सर्वे में राजगढ़ के 180 स्कूलों का चयन किया गया है, जो कि 04 नवंबर को आई सूची में फाइनल हुआ है।
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दरअसल, रेंडमली सर्वे में चयनित उक्त स्कूलों के बच्चों से विषयवार और अन्य व्यवहारिक प्रश्न पूछे जाएंगे। कक्षा 3, 5, 8 और 10वीं के विद्यार्थियों द्वारा परीक्षा दी जाएगी। इसका आयोजन सीबीएसई बोर्ड द्वारा कराया जाएगा, वहीं से निर्धारित मापदंड के हिसाब के प्रश्न पूछे जाएंगे, इनमें ऑब्जेक्टिव प्रशन होंगे। सामान्य तरीके से ही परीक्षा होगी, इसके परिणाम तय होने के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले के बच्चों की स्थिति क्या है और संबंधित जिले में शिक्षा का स्तर क्या है? तीसरी और पांचवीं में हिंदी, गणित, पर्यावरण, आठ और 10वीं में सामाजिक विज्ञान, गणित,
विज्ञान, अंग्रेजी शामिल है। वहीं, 10वीं में संस्कृत छोड़कर बाकी के विषय रहेंगे।

हर तीन साल में यह सर्वे
देश में वर्ष-2001 में शुरू सर्वे हर तीन साल में होता है। प्रदेश में 2017 में सर्वे हुआ था, बीते साल कोरोना काल होने के कारण नहीं हो पाया। किसी भी देश की शैक्षणिक गुणवत्ता, बच्चों के लेवल का पता लगाने के लिए यह सर्वे किया जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होने वाला सर्वे है जो फिलहाल तीन कैटेगिरी में प्रदेश में होता है। इसमें बच्चों ने कितना सीखा, उसका कितना ज्ञान है और उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों का नॉलेज कितना है, स्कूल की स्थिति क्या है, यह पता लगाया जाता है। तीन कैटेगिरी में प्रश्न होंगे जिनमें एस क्यू - स्कूल क्वेशनिंग, टी क्यू- टीचर्स क्वेशनिंग और पी क्यू- स्टूटेंड्स क्वेशनिंग होंगी।

पिछले सर्वे में 17वें नंबर पर था जिला
2017 में इससे पहले का सर्वे हुआ था। जिसमें प्रदेश के 52 जिलों में राजगढ़ की रैंक 17वें नंबर पर थी और प्रदेश 19वें नंबर पर था। बच्चों से किए गए प्रश्नों के आधार पर आकलन निकला, जिसमें सामने आया कि तीसरी क्लास के बच्चों पढ़ाई में अ'छे थे और बाकी क्लासेस के कमजोर। वहीं, सब्जेक्ट के हिसाब से गणित में बच्चे काफी कमजोर थे, हिंदी की स्थिति अच्छी थी। वहीं, बच्चों के प्रश्न देने का प्रतिशत राजगढ़ में 52.2% था।

रिजल्ट के आधार पर बनता है प्लान
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार एनएएस सर्वे के आधार पर ही आगामी पंचवर्षीय योजना बनती है। यानी कौन सा शिक्षक कमजोर है, नहीं पढ़ा पा रहा है, या कौन सा विद्यार्थी किस विषय में कमजोर है उस पर फोकस किया जाएगा। साथ ही उसी अनुरूप काम किया जाता है। आगामी पांच साल के लिए उसी हिसाब से प्लान तैयार कर गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा।

12 को होगी परीक्षा
एनएएस परीक्षा हर तीन साल में होती है, हमारे यहां के 180 स्कूलों का चयन किया गया है। इसके माध्यम से बच्चों, शिक्षकों और स्कूलों का आकलन किया जाएगा। शैक्षणिक स्थिति का पता लगाने के लिए हर सर्वे होता है।
-बीएस बिसारिया, जिला शिक्षा अधिकारी, राजगढ़

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