पिछले अप्रैल की शुरुआत में नहीं रहा एक भी केस, अब 15 मौतें और 269 पॉजिटिव इसी माह

कोरोना की डराने वाली तस्वीर : 2020 से भयावह लग रहा 2021
लोगों की सतर्कता नाकाफी, इसीलिए संक्रमण की रफ्तार तेज, दूसरी वेव खतरनाक फिर भी नहीं मान रहे लोग

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Updated: 09 Apr 2021, 07:36 PM IST

ब्यावरा.कोरोना की सैकेंड वेव शुरू होने के बाद इसकी डरा देने वाले तस्वीर सामने आ रही है। इससे राजगढ़ जिला भी अछूता नहीं है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि पिछले साल अप्रैल की शुरुआत में एक भी केस नहीं था और इस बार न सिर्फ पॉजिटिव बढ़े बल्कि मार्च-अप्रैल में मरने वालों की संख्या ही 15 के पार जा पहुंची है।
दरअसल, बेकाबू होते कोरोना ने लोगों को एक बार फिर से दहशत में डाल दिया है फिर भी लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे। प्रशासनिक सख्ती और कार्रवाई के बावजूद लोग सुधर नहीं पा रहे, न मॉस्क लगा रहे न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे। इसीलिए लगातार कोरोना वायरस का स्पै्रड बढ़ता जा रहा है। अकेले अप्रैल माह की बात करें तो करीब 269 पॉजिटव इतने कम समय में सामने आए हैं। साथ ही लगातार मौतें भी कोरोना के कारण हुई है। विशेषज्ञों की मानें तो आगे और भी स्थिति बिगड़ सकती हैं, यदि लोग सतर्क और सावधान नहीं रहे तो दिक्कत में आ सकते हैं।

डरें और समझें... कई अपनों को खो चुके हैं आपके अपने
2020 को हम सभी ने नजदीक से देखा है, समझा है और चुनौतियां फेस की हैं। कई हमारे मिलने-जुलने वालों, रिश्तेदारों और दोस्तों ने अपनों को खोया है। अपने इन अपनों को खोने का डर समझकर ही मान जाएं और डर समझकर ही मान लें, लगातार मॉस्क का उपयोग करें। गैर जरूरी यात्राएं टालें और सामाजिक दूरी बनाए रखें। यदि यह सावधानी नहीं बरती गई तो स्थिति भयावह हो सकती है। कई लोग पिछले साल अपने परिजनों, पिता, माता व अन्य को बचा नहीं पाए हैं। मृत्यु का आंकड़ा फिर से बढऩे लगा है चो कि डरावना है।
...और लॉक डॉउन, बढ़ते संक्रमण से गांवों की खरीददारी पर कोई असर नहीं
तमाम हिदायतों, समझाइश, कड़ी कार्रवाई और लगातार दो दिन के लॉक डॉउन, बढ़ते संक्रमण के बावजूद गांवों से आने वालों की खरीददारी पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालात ये हैं कि किराना, कपड़ा, बर्तन, कॉस्मेटिक और ज्वैलरी की दुकानों को त्योहारों जैसी भीड़ लगी है। जिसमें से अधिकतर लोगों ने न मॉस्क का उपयोग किया न ही सामाजिक दूरी का पालन। दुकानदार भी उन्हें पे्ररित नहीं कर रहे। यहां आश्चर्य की बात यह है कि संक्रमण काल में भी बिना प्रशासनिक सख्ती, कार्रवाई के हम मॉस्क नहीं पहनना चाहते, नियमों का पालन नहीं करना चाहते। यही सर्वाधिक चिंताजनक और डराने वाला मामला है।

फैक्ट फाइल
-15 लोगों की मौत अभी तक।
-68 पॉजिटिव अधिकतम आ चुके हैं एक दिन में।
-2020 की अपेक्षा इस बार बढ़ गई मृत्यु दर।
-269 पॉजिटिव अकेले अप्रैल में सामने आए।
-2020 वाले अप्रैल में इस दिन तक शून्य था आंकड़ा।
(नोट : आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार)
जरूरत पड़ी तो हम सख्त होंगे
कोरोना से लड़ाई हम सभी की है, सभी को सहयोग करना होगा। यदि लोग नहीं माने तो हमें सख्ती करना पड़ेगी। किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोरोना की चैन तोडऩे के लिए यह बेहद जरूरी भी है।
-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर, राजगढ़
एक्सपर्ट कमेंट्स... खतरनाक है दूसरी वेव, वायरस में म्यूटेशन हुआ
अभी जो मरीज आ रहे हैं उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत काफी ज्यादा है। वाकई में दूसरी वेव खतरनाक है, इसका कारण है कि वायरस बदल चुका है, म्यूटेशन हुआ है। यदि गलती से भी फेफड़े संक्रमित हुए, 50 फीसदी से ज्यादा इन्फेक्शन हो गए तो रिकवर हो पाना मुश्किल है। हम भी को यह समझने की जरूरत है कि यह बेहद खतरनाक समय है, इसमें सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
-डॉ. सुधीर कलावद, सीनियर एमडी मेडिसीन, जिला अस्पताल, राजगढ़

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