Railway line news : रेल्वे और जिला प्रशासन का संयुक्त सर्वे करेंगे, सीमांकन के लिए गठित होंगे दल

रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन की उम्मीद जागी
भोपाल के रेल अधिकारी पहुंचे राजगढ़, कलेक्टर की मौजूदगी में हुई बैठक में लिया गया निर्णय

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published: 06 Mar 2021, 07:35 PM IST

ब्यावरा.रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन (railway line) के लिए धीरे-धीरे ही सही लेकिन अब उम्मीद जागने लगी है। बीते सप्ताह डीजीपीएस सर्वे के लिए आई रेल्वे की टीम के बैरंग लौटने के बाद शुक्रवार देर रात भोपाल से आए अधिकारियों के साथ कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बैठक ली।
जिला मुख्याल पर हुई बैठक में आईएएस ब्यावरा एसडीएम निधि सिंह, एडीएम कमल नागर, तहसीलदार एम. एस. किरार, आर. आई. ओ. पी. चौधी सहित अन्य मौजूद रहे। बैठक में सुनिश्चित किया गया कि सोमवार से ब्यावरा के रेल्वे में आए हुए सात गांवों का संयुक्त सर्वे शुरू किया जाएगा। जिसमें टीएसएम (टोटल स्टेशन मशीन) के माध्यम से सर्वे होगा। भोपाल रेल मंडल के अधिकारी और आरआई, पटवारी इत्याति राजस्व विभाग के साथ मेें रहेंगे। यह सुनिश्चित करेंगे इसके बाद सीमांकन किया जाएगा, सीमांकन के बाद जमीन आवंटित की जाएगी और फिर संबंधित जमीन का अवॉर्ड पारित होगा। कलेक्टर ने बताया कि आगामी 20 दिन में यह संयुक्त सर्वे पूरा किया जाना है, इसके बाद आगे की प्रक्रिया होना है। यह फिलहाल ब्यावरा के सात गांवों में होना है, इसके बाद नरसिंहगढ़ के 25 गांवों के नक्शों का मिलान किया जाएगा, इसके बाद वहां भी सीमांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

120 करोड़ रुपए डाल चुकी है रेल्वे
जमीन आवंटन और अवॉर्ड के लिए 120 करोड़ रुपए काफी दिन पहले रेल्वे डाल चुकी है, जिसमें से जिले के रेल्वे लाइन में आने वाले गावों का मुआवजा अवॉर्ड पारित कर दिया जाएगा। इसके अलावा 87 करोड़ रुपए भोपाल जिले की जमीन के लिए रेल्वे पहले ही दे चुकी है, वहीं 50 करोड़ के आस-पास सीहोर जिले के भी कुछ गांव आए हैं उनके लिए जारी किए गए हैं। बता दें कि ब्यावरा में सर्वे शुरू होना है, इससे पहले खिलचीपुर और राजगढ़ क्षेत्र की जो जमीन रेल लाइन में आई है उसका निपटारा किया जा चुका है।
लंबे समय से नहीं बन पा रहा रेल्वे-प्रशासन का तालमेल
ब्यावरा सब-डिविजन में लगातार एसडीएम के तबादलों और अन्य तकनीकि दिक्कतों के कारण रेल्वे और स्थानीय प्रशासन का तालमेल नहीं बन पा रहा। इसीलिए सर्वे और सीमांकन कार्य टलता आ रहा है। रेल्वे के अधिकारियों का तर्क है कि कलेक्टर, एसडीएम निर्देश जारी कर देते हैं लेकिन नीचले तबके के कर्मचारी जमीनी स्तर पर न नक्शे का मिलान करते हैं न ही सर्वे कार्य को बढ़ाते हैं, जबकि हम नक्शा दो से तीन बार लाकर दे चुके हैं। इधर, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि रेल्वे की ओर से ढील-पोल है, वहां के अधिकारी आते ही नहीं है। सर्वे में साथ नहीं रहते। जमीनी सर्वे में दोनों विभागों का होना जरूरी है। इस बैठक में यही तय हुआ इसलिए संयुक्त सर्वे होगा।
राशि जारी हो गई, सर्वे होना शेष
हमारी ओर से जिले में राशि कभी की जारी कर दी गई है। अब संयुक्त सर्वे के बाद सीमांकन हो जाएगा, फिर जिला प्रशासन जमीन आवंटित कर अवॉर्ड पारित कर देगा।
-धर्मेंद्र पांडे, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, रेल मंडल, भोपाल
20 दिन में पूरा करेंगे सर्वे
टोटल स्टेशन मशीन के माध्यम से हमारी और रेल्वे की टीम संयुक्त सर्वे करेगी। अगले 20 दिन में यह काम पूरा करना होगा। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर, राजगढ़

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Rajesh Kumar Vishwakarma
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