ट्रेनों में जाने वाले गार्ड्स व पुलिसकर्मियों को बॉस को भेजना होगी सेल्फी

- हेडक्वॉर्टर से कनेक्ट रहेगा वाट्स-एप ग्रुप, प्रत्येक स्टेशन पर उतरकर उसके नाम के आगे का फोटो भेजना होगा ( railway passengers safety )

 

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Updated: 07 Jul 2019, 04:50 PM IST

ब्यावरा. रेलवे में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा ( railway passengers safety ) बढ़ाने के लिए रेल मंडल ने एक नया फरमान जारी किया है। इसके तहत रात और दिन में ट्रेनों में गश्त करने, घूमने वाले पुलिसकर्मियों सहित गार्ड को खुद का सेल्फी ट्रेन के भीतर ( railway passengers safety ) और संबंधित स्टेशन के नाम के आगे खींचकर रोजाना डालना होगा।

प्रतिदिन की ड्यूटी में उक्त सेल्फी ( selfie ) हेडक्वॉर्टर के वाट्स-एप ग्रुप में डालना होगा। इससे पल-पल की जानकारी रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को रहेगी। इसी साल एक जुलाई से शुरू हुईइस नई व्यवस्था के बाद पुलिसकर्मी, गाडर््स ने फोटो भेजना शुरू कर दिया।

यानि मक्सी से रुठियाईके बीच जाने वाले गाडर््स पहले खुद का फोटो ट्रेन के अंदर से डालते हैं, फिर जहां-जहां भी ट्रेन रुकती है उस स्टेशन के आगे का सेल्फी लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्टकरते हैं।

रेलवे का मानना है कि अभी तक मैनुअल सिस्टम में यह सुनिश्चित नहीं किया जा रहा था कि संबंधित ट्रेन में सुरक्षा के मापदंड के अनुसार पुलिसकर्मी या गॉड्र्स दजा भी रहे हैं या नहीं? इन्हीं पर शिकंजा कसने और सुरक्षा-चौकसी ( railway passengers safety ) बढ़ाने के मकसद से यह नईव्यवस्था लागू की गई है।

उल्लेखनीय है कि वाट्स-एप पर रिपोर्ट नहीं करने वाले संबंधित कर्मचारियों को रेलवे में अनुपस्थित माना जाएगा। यानि ड्यूटी टाइम पर सोशल मीडिया ( social media ) पर एक्टिव रहना भी बेहद जरूरी है और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को आठ घंटे की ड्यूटी की पूरी जानकारी मुहैया करवाना अनिवार्य होगा।

...और मोडिफाई हुआ एप, ट्रेन में दो मिनट में पहुंचेगी पुलिस
ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों के लिएएक और राहतभरी खबर है। अब यात्रियों को चंद मिनट में पुलिस की सुरक्षा मिल जाएगी। अभी तक कोई भी दिक्कत होने पर पहले हेडक्वॉटर्र को कॉल जाता था फिर वे संबंधित डायल-100 या थाने को सूचित करते थे, तब जाकर पुलिस पहुंचती थी लेकिन अब रेल्वे ने एक जुलाईसे जीआरपी हेल्प एप को मोडिफाई किया है।

इसके तहत एप में संबंधित जोन के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों के मोबाइल नंबर रहेंगे, जिसे आम आदमी भी लगा सकता है। संबंधित कप्लेंट नंबर पर बात करने पर हाथोंहाथ पुलिस आपके पास मौजूद होगी।साथ ही रेल्वे ने एप में कुछफंक्शन भी बढ़ाए हैं जिनमें फोटो शेयर करने, अलग-अलग प्रकार के अपराध की जानकारी अपलोड कर हाथोंहाथ पुलिस को सूचित किया जा सकेगा।


हेडक्वॉर्टर से ही निर्देश हैं
वाट्स-एप पर जानकारी लेना शुरू कर दिया है। हर स्टेशन की रिपोर्ट हम इंदौर जोनल कार्यालय में देते हैं। ग्रुप में सभी अधिकारी जुड़े हैं, चंद मिनट में उन तक जानकारी पहुंच जाती है। इसके अलावा एप में जो बदलाव हुए हैं उसे लेकर हमने स्टेशन पर डिस्प्ले लगा दिया है।
- उमेशचंद्र मिश्रा, प्रभारी, जीआरपी थाना, ब्यावरा

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