हमें विरासत में मिला कर्ज में डूबा प्रदेश, फिर भी हमने 20 लाख किसानों का कर्ज माफ किया,देखें वी​डियो

-ब्यावरा पहुंचे ऊर्जा मंत्री बोले-
-यूरिया की किल्लत पर बोले- प्रदेश में गेहूं का रकबा बढ़ा इसलिए आ रही परेशानी, प्रदेश सरकार ने हल निकाल लिया है

ब्यावरा. कर्ज माफी और यूरिया पर चल रही घमासान के बीच ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि हमें कर्ज में डूबा हुआ प्रदेश विरासत में मिला, हम उबरने की कोशिश कर रहे हैं। 2004 में बिजली कंपनी बनीं और 47 हजार करोड़ का कर्ज के घाट में है। हमने इसी माह पहली बार 2000 करोड़ का भार कम किया है। फिर भी हम दावे के साथ कह सकते हैं कि प्रदेश के 20 लाख किसानों का कर्ज हमने पहली किश्त (50 हजार रुपए) के तौर पर माफ किया।

 


वे शहर के कोली मोहल्ला स्थित सैनिक ललित रावत के निवास पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे थे। यूरिया सप्लाई को लेकर किसानों को हो रही परेशानी पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस बार बारिश जरूरत से ज्यादा हुई है, इसलिए जहां लोग चना बोते थे वहां गेहूं की बुआई हुई है। गेहूं का रकबा बढ़ जाने के कारण ही अचानक से यूरिया की किल्लत बढ़ी है। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को लेकर गंभीर है। जल्द ही उनके लिए पर्याप्त व्यवस्था की।



कानून कमजोर इसलिए ऐसे लोगों को मिल रहा बल
मीडिया से चर्चा करते हुए हैदराबाद की घटना को लेकर प्रियव्रत सिंह ने कहा कि अपराधी व्यक्ति मानसिकता से होता है लेकिन अपराधी व्यक्ति भी किसी का बेटा, भाई और पिता है, ये उस स्थिति में पहुंच कैसे रहे, इस पर हमें विचार करना होगा।

हमें सामाजिक अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करना होगा, तभी बात बनेगी। जहां तक बात कानून व्यवस्था की है तो मैं मानता हूं अपने यहां का कानून कमजोर है, इसलिए 2012 में हुए निर्भया कांड के आरोपियों को अभी तक सजा नहीं मिली है।

हमें विरासत में मिला कर्ज में डूबा प्रदेश, फिर भी हमने 20 लाख किसानों का कर्ज माफ किया

सीधी-बात, प्रियवृत सिंह, ऊर्जा मंत्री, मप्र शासन
सवाल- किसानों की खाद के लिए फजीहत हो रही है, एक-एक बोरी के लिए किसान परेशान हैं?
जवाब : इस बार रकबा बढ़ जाने के कारण दिक्कत आई है, छह दिसंबर को रेक आने वाली है, किसानों को दिक्कत नहीं आएगी?
सवाल- क्या कारण है कि सरकारी सोसायटियों में खाद नहीं है और बड़े डीलर्स के यहां आसानी से मिल जाता है?
जवाब : देखिए हमने निजी दुकानदारों की पॉलिसी में भी बदलाव किया है, 70 फीसदी नियम सरकारी स्तर मुहैया करवाने का है, बचे हुए 30 प्रतिशत में निजी दुकानों से ले सकते हैं। पहले यह ६०-40 का रेशो था।
सवाल- कोई साध्वी प्रज्ञा में लगा है तो कोई सोशल मीडिया पर विधायक को ट्रोल कर रहा है, हैदराबाद की घटना को क्या किस हिसाब से देखते हैं?
जवाब : अपराधियों की कोई जात-पात नहीं होती है, अपराधी-अपराधी है, लेकिन बार-बार दोहराई जा रही इन घटनाओं पर पूरे देश को विचार करना होगा। हमें सोचना होगा कि हम किस समाज में रह रहे हैं।

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Rajesh Kumar Vishwakarma
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