शौचालय की कमी विकलांग बेटा व अंधी मां के लिए अभिशाप

करेड़ी ग्राम पंचायत का मामला, कई बार मांग के बावजूद घर में नहीं बन पाया शौचालय

By: Jagdeesh Ransurma

Published: 17 Jun 2016, 10:54 PM IST


करेड़ी.     स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रशासन द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में बड़ी संख्या में शौचालय निर्माण के दावें किए जा रहे है। हर घर में शौचालय निर्माण के लिए प्रशासन जागरुकता अभियान के सहत अन्य कई प्रयास कर रह है।
वहीं दूसरी तरफ जिलामुख्यालय के बड़े गांव करेड़ी में शौचालय की कमी एक वृद्ध अंधी मां और उसके अधेड़ विकलांग बेटे के लिए अभिशाप बनी हुई है। गांव के बीच एक टूटीफूटी घर में रहने वाले अस्सी वर्षीय महिला  पार्वती बाई दोनो आंखो से अंधी है वहीं उनका करीब पचपन वर्षीय पुत्र घीसालाल  दोनेा पैरो के विकलांग से है।

बेहद खराब आर्थिक स्थिति में जैसे तैसे अपना जीवन काट रहे इन मां बेटे को अपनी शारीरिक कमजोरी के चलते घर से निकलने तक में परेशानी होती है। लेकिन घर में शौचालय नहीं होने के कारण विकलांग घीसालाल को रोजना अपनी अंधी मां को घर से दूर शौच के लिए ले जाना पड़ता है।  ऐसे में शासन की योजनाओं के तहत अपने घर में शौचालय बनवाने के लिए घीसालाल ने कई बार
स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मचारियों से गुहार लगाई है। लेकिन वहां से हर बार पहले अपने स्तर से शौचालय बनवाने और बाद में भुगतान करने की बात करते हुए घीसालाल को चलता  कर दिया गया।

 शासन द्वारा दी गई खाद्यान पर्ची के माध्यम से अपना और अंधी मां का  पोषण करने वाले घीसालाल की शौचालय संबंधी समस्या से गांव के अन्य लोग भी उसके घर में शीघ्र शौचालय बनवाने  की मांग कर रहे है। जगदीश सोनी, देवराज सिंह, मुकेश, गोपाल आदि ने स्थानीय सरपंच व जनपद के अधिकारियों से मांग करते हुए घीसालाल के घर का दौरा करने ओर वहां शौचालय बनवाने की मांग की है।

Jagdeesh Ransurma
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