फिर सजने लगे निजी वाहनों पर नंबर प्लेट के साथ पदनाम

जिम्मेदार ही तोड़ रहे नियमों को

By: Bhanu Pratap Thakur

Published: 02 Mar 2019, 11:54 AM IST

राजगढ़. विधानसभा चुनाव से पहले यातायात नियमों के तहत ऐसी हर एक नंबर प्लेट को अवैध घोषित किया गया था। जिसमें किसी का पद या फिर नाम आदि लिखा हो। जिसके बाद बड़ी संख्या में इनके खिलाफ कार्रवाइ भी की गई थी और इनके खिलाफ चालानी कार्रवाइ भी की गई। लेकिन समय के साथ एक बार फिर चाहे वाहनों में हुटर की बात हो या फिर निजी वाहनों की नंबर प्लेटों में जिम्मेदारों द्वारा अपने पदों को लिखना अब एक बार फिर आम बात हो चली है।

खास बात यह है कि लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पुलिस के साथ ही यातायात पुलिस ने अपनी गश्ती बढ़ा दी है और वाहनों की चेकिंग लगातार हो रहीं है। लेकिन कलेक्ट्रेट के अंदर खड़े इन वाहनों को देखकर ऐसा कहीं भी नहीं लग रहा कि कार्रवाइ निष्पक्ष तरीके से हो रहीं हो। फिर चाहे नेताओं के वाहनों की बात हो या फिर कुछ सरकारी कर्मचारी या अधिकारियों की। जिन पर नियम विरूद्ध अपने नाम या पद लिखे होने के बावजूद इनके खिलाफ कार्रवाइ नहीं कर पा रहे।

वर्जन- नंबर प्लेट पर नंबर के अलावा कुछ नहीं लिख सकते है और सरकारी वाहनों या फिर अधिकारियों के लिए अनुबंधित किए गए वाहनों पर उनका पदनाम लिखा जा सकता है। लेकिन इसके लिए श्रेणी तय कर रखी है। हर किसी के लिए यह लागू नहीं होता। अभी वापस से चेकिंग शुरू हो रहीं है। ऐसे वाहनों पर कार्रवाइ की जाएगी।
एचएससिंह, परिवाहन अधिकारी राजगढ़

निजी वाहन पर भी नंबर से बड़ा पदनाम
कलेक्ट्रेट में निर्वाचन को लेकर एक मीटिंग आयोजित की गई थी। जिसमें कई अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए थे। लेकिन सबसे अधिक इन नियमों का पालन विधानसभा चुनाव के दौरान हीं देखने को मिला था। लेकिन वर्तमान स्थिति देखे तो जिम्मेदार हीं इन नियमों को तोड़ते नजर आ रहे है। किसी ने निजी वाहनों पर अपने पद की नेम प्लेट लगा रखी है, तो किसी ने अपने पदों का हवाला दिया है। जबकि कुछ ने अपने विभाग का नाम लिखवा रखा है। यहीं टैक्सी परमिट के अनुबंध के जगह अधिकारी अपने परिचितों या खुद के वाहनों को दूसरे नंबरों से चला रहे है।

Bhanu Pratap Thakur Reporting
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