कोरोना संक्रमणकाल में हजारों कर्मचारी हुए बेरोजगार, कैसे करे परिवार का पालन पोषण

पूरे जुलाई स्कूल नहीं लगेंगे।

By: KRISHNAKANT SHUKLA

Published: 20 Jul 2020, 12:51 PM IST

राजगढ़। कोरोना काल का असर जहां बड़े-बड़े उद्योग और कंपनियों पर पडऩे से कई मजदूर और अन्य कर्मचारी बेरोजगार हुए हैं, वहीं उससे भी ज्यादा असर निजी स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों पर पड़ा है। जिसके कारण हजारों लोग बेरोजगार हो चुके हैं। इनमें शिक्षक, ड्राइवर, क्लीनर, आयाबाई, चौकीदार आदि सहित अन्य कार्यालयीन स्टाफ शामिल है, जो इन दिनों आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है, लेकिन कब इन्हें वापस मौका मिलेगा यह वक्त ही बताएगा। लेकिन कोरोना के कारण अब स्कूल खुलने का समय और बढ़ाया जा सकता है। पूरे जुलाई स्कूल नहीं लगेंगे। विभिन्न स्कूल अपनी ऑनलाइन कक्षाएं चलाते हुए बच्चों को पढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

 

कोरोना के बाद स्कूलों द्वारा ली जाने वाली फीस पर सरकार ने नियंत्रण कर दिया, जहां उन्होंने एडमिशन फीस के साथ ही सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेने के निर्देश दिए हैं। इस साल किसी भी तरह की फीस बढ़ाने का भी कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में जो स्कूल बच्चों से ली जाने वाली फीस की दम पर अपने विभिन्न स्टाफ का परिवार चलाते थे, उनकी भी आर्थिक स्थिति डगमगा गई और सबसे पहले स्कूल बसों के पूरे स्टाफ को घर बैठा दिया गया। इसके बाद प्राइमरी स्कूलों की आयाबाई और अन्य चौकीदार भी बेरोजगार हो गए। बता दें कि राजगढ़ में ही सात हजार से ज्यादा ऐसे कर्मचारी हैं। उनके पास कोई रोजगार नहीं है।


शिक्षकों की भी कमी
कई स्कूलों में बड़ी संख्या में शिक्षकों की भी कमी कर दी गई है। क्योंकि स्कूल लगने के दौरान अलग-अलग कक्षाओं में एक ही विषय के विभिन्न टीचर क्लास लेते थे। लेकिन अब एक ही शिक्षक के माध्यम से ऑनलाइन कक्षाएं ली जा रही है। ऐसे में जो स्टाफ शिक्षकों का अधिक था, वह कम कर दिया गया है।

स्कूल खुलने की उम्मीद
जिन कर्मचारियों या फिर शिक्षकों को स्कूलों द्वारा निकाला गया है, उन्हें अब यह उम्मीद है कि बहुत जल्द स्कूल खुलें और वापस उन्हें रोजगार मिले, ताकि वह अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।


आप फीस भर कर भी कर सकते है सहयोग
लॉकडाउन के दौरान कई ऐसे दानवीर हैं जिन्होंने खुलकर गरीबों की सेवा की और उनका परिवार चलता रहे इसके लिए आर्थिक मदद भी की है। इसी तरह की मदद लोग स्कूल की फीस जमा करके भी कर सकते हैं, ताकि कई ऐसे कर्मचारियों और शिक्षकों का रोजगार बचा रहे जो लंबे समय से इसी काम में लगे हुए।

अभी कई कर्मचारियों की जरूरत न होने से उन्हें नहीं बुलाया जा रहा। यह भी सही है कि उन्हें पूरा वेतन नहीं दिया जा रहा। हमने किसी को हटाया नहीं है।
ए साहा, अध्यक्ष सीबीएसई स्कूल


निजी स्कूल फीस पर डिपेंड होते हैं। इन दिनों बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। ऐसे में हमारे वाहन भी खड़े हुए हैं, उनकी किस्त भी जमा करनी होती है और अन्य तरह की व्यवस्थाएं भी हैं। हर स्कूल में एक बड़े स्टाफ की कमी की गई है।
तेजेन्द्र उपाध्याय संरक्षक निजी स्कूल संघ

कई स्कूलों में स्टाफ की कमी की गई है, क्योंकि ऑनलाइन कक्षाओं में कुछ ही शिक्षकों की जरूरत है। स्टाफ में भी कर्मचारी कम हुए हैं। आगामी जैसे आदेशों होंगे, उन्हें बुला लिया जाएगा।
राकेश पांडे, संरक्षक, निजी स्कूल संघ

जुलाई तक स्कूल नहीं लगने हैं। अभी शासन के जैसे निर्देश होंगे, उस आधार पर ही हम आगे तो कार्रवाई करेंगे। बच्चों को किताबें वितरण करने के साथ ही उनको प्रवेश दिए जा रहा है।
बीएस विसोरिया, डीइओ राजगढ़

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