टोटल लॉक डॉउन में भी उल्लंघन किया, 20 के बाद छूट मिली तो कैसे मानेंगे लोग, सख्ती नहीं हुई तो बढ़ सकती है मुसीबत!

लॉक डॉउन 2.0 : कोरोना का कहर बरकरार, हमारा खतरा टला नहीं
24 दिन बाद भी सुधरने को तैयार नहीं लोग, हर तीन-चार दिन में करना पड़ती है सख्ती

By: Rajesh Kumar Vishwakarma

Published: 18 Apr 2020, 04:00 AM IST

ब्यावरा.सीमावर्ती जिलों लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या ने जिले की चिंता बढ़ा रखी है। केंद्र सरकार के प्लॉन के हिसाब से 20 अपैै्रल के बाद मिलने वाली छूट थोड़ी परेशानी बढ़ा सकती है।
दरअसल, इसका आंकलन इसी से लगाया जा सकता है कि जो लोग टोटल लॉक डॉउन, नो व्हीकल जोन के दौरान भी बाहर निकल आए और जिनके लिए प्रशासन की सख्ती कोई मायने नहीं रखती उन्हें पुलिस और प्रशासन कैसे मैनेज करेगी? आवश्यक वस्तुओं, कृषि सामग्री सहित अन्य बैंकिंग, सरकारी दफ्तरों में छूट के बीच आखिर कैसे भीड़ को प्रशासन संभाल पाएगा? 21 दिन के टोटल लॉक डॉउन के बीच तमाम प्रकार की चुनौतियां प्रशासन और पुलिस को झेलना पड़ी, सख्ती करना पड़ी, कई केस भी बनाए लेकिन लोग मानने को तैयार नहीं है। दूसरे चरण के लॉक डॉउन 2.0 के शुरुआती दिनों में ही राजगढ़ और ब्यावरा में लोग सड़कों पर आ गए। तमाम सख्ती के बावजूद नहीं माने। पुलिस को प्रकरण बनाना पड़े? ऐसे में आखिर छूट के दौरान किस तरह प्रशासन इन्हें मैनेज करेगा?

यदि समय रहते इन पर सख्ती नहीं की गई तो जिले में परेशानी बढ़ सकती है। बता दें कि आगर मालवा, शाजापुर, झालावाड़़, भोपाल और विदिशा जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीज पहले ही आ चुके हैं, यहां संख्या भी बढ़ रही है। इन्हीं तमाम जिलों से घिरे हुए राजगढ़ जिले की मुसीबतें इसी छूट से बढऩे के आसार हैं? हालांकि राजस्थान बॉर्डर पर सख्ती की गई है, गांवों के रास्ते भी बंद किए गए हैं। बावजूद इसके कहीं से आ जाने वाले की पूरी स्क्रीनिंग की जा रही है।ब्यावरा में सख्ती की, वाहनों की हवा निकाली
एक दिन पहले अनावश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहने पर प्रकरण बना देने के बाद प्रशासन शुक्रवार अलसुबह से ही सक्रिय हो गया। प्रशासनिक टीम ने बेवजह घूम रहे बाइक सवारों को खदेड़ा, उनकी गाड़ी की हवा निकाल दी गई। साथ ही झुंड बनाकर खड़े फल-फ्रूट के ठेले वालों को भी थाने ले जाया गया, इन्हें बार-बार समझाइश के बावजूद ये लोग मान नहीं रहे थे। ऐसे में इन्हें समझाइश देकर बाद में छोड़ा गया। साथ ही एसडीएम संदीप अस्थाना ने विशेषकर ब्यावरा के लिए खास निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी अनावश्यक वस्तुओं की दुकान बेवजह खुली पाई गई तो कड़ी कार्रवाई करेंगे।

पत्रिका व्यू : 20 के बाद की छूट को आजादी न समझ ले जनता!
राजगढ़ में जांच की रफ्तार को देखते हुए और लॉक डॉउन का उल्लंघन करने वालों की स्थिति दो देखकर यह तय है कि हमारा अतिरिक्त सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। हर आने-जाने वालों की स्क्रीनिंग के साथ ही सीमाओं पर चौकसी और बढ़ाना होगी। खास बात यह है कि सोशल डिस्टेंस को मैनेज करने ब्लॉक स्तर पर भी सख्ती करना होगी। 20 अप्रैल के बाद की छूट को जनता आजादी न समझ लें इसके लिए पुख्ता तैयारी जिला प्रशासन को करना होगी, तभी हम कोरोना से यह जंग जीत पाएंगे और ग्रीन जोन में ही बने रह पाएंगे।
जरूरत के हिसाब से सख्ती करेंगे
फिलहाल मैं एक वीसी में हूं, लेकिन जिले में व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए हर तरह की सख्ती हम करेंगे। 20 के बाद छूट जरूर है लेकिन आम आदमी को नहीं, लॉक डॉउन का पालन तो नियमानुसार ही करना होगा।
-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर, राजगढ़
स्थानीय तौर पर समीक्षा करेंगे
छूट का मतलब यह कतई नहीं है कि आम आदमी को बाहर आने दिया जाए? हम भले ही ग्रीन जोन में हों लेकिन सारे निर्णय स्थानीय स्तर पर ही लेंगे। उन्हीं के हिसाब से तय होगा कि कितनी सख्ती करना है।
-प्रदीप शर्मा, एसपी, राजगढ़

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