रिपोर्ट लिखाई तो घर तोड़कर दबंगों ने वहां बांध दिए मवेशी

अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए एक दलित परिवार पिछले 18 दिन से कभी ब्यावरा तो कभी राजगढ़ के चक्कर लगा रहा है

राजगढ़.़ अपनी जमीन पर कब्जा पाने के लिए एक दलित परिवार पिछले 18 दिन से कभी ब्यावरा तो कभी राजगढ़ के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे जमीन तो छोड़ो अब रहने का आसरा भी नहीं बचा। क्योंकि गांव के दबंगों ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उनका मकान भी तोड़ दिया और उस मकान में मवेशी बांध दिए।
जानकारी के अनुसार मामला हवाईहेड़ा गांव का है। जहां धापूबाई और उनकी मां सहित पांच लोगों के नाम पर एक जमीन थी। बताया जा रहा है कि यह जमीन गांव के ही हेमराज, भारत, बलराम, लखन के परिवार को उसके काका के लड़के ने बेच दी। जिसका जमीन पर कोई नाम ही नहीं था। हालांकि काका के बेटे गोरीलाल के नाम पर दूसरी जमीन थी। लेकिन दबंग उस जमीन की जगह धापूबाई और ओमप्रकाश की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। मामला न्यायालय में भी लंबित है। जिसकी 31 दिसंबर को पेशी थी और पेशी में बयान देने के लिए धापूबाई के पति नारायण सिंह बयान देने के लिए पहुंचे थे और बयान को लेकर गांव के दबंग पहले से ही मना करते आ रहे थे। लेकिन जब न्यायालय में पेशी करने के लिए वह पहुंचे और लौटकर आए तो 1 जनवरी को दबंगों ने घर जाकर उनके साथ मारपीट की घायल अवस्था में उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।

धापूबाई को तो भोपाल में तक इलाज कराना पड़ा। इस मामले की ब्यावरा थाने में रिपोर्ट भी दर्ज हुई, लेकिन मामला दर्ज होने से दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए उनकी गिरफ्तारी तो हुई, लेकिन थाने से जाने के बाद उन्होंने दलित परिवार के मकान में भी तोडफ़ोड़ कर दी और वहां मवेशी बांध दिए। अब 18 दिन से पीडि़त परिवार गांव भी नहीं जा पा रहा। क्योंकि उन्हें धमकी दी जा रही है कि यदि गांव में आओगे तो जान से मार देंगे। शुक्रवार को धापूभाई और नारायण एक बार फिर गुहार लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे और गांव में रहने दिया जाए इसकी अपील करते हुए दबंगों पर कार्रवाई की मांग की। लेकिन पुलिस का अमला डीआईजी के प्रोग्राम में व्यस्त होने से उनसे नहीं मिला। पीडि़त ने बताया कि इस पूरे मामले में गांव का पंचायत सचिव भी दबंगों का साथ दे रहा है।

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Praveen tamrakar Desk
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