जहां जनता की समस्या सुनने पहुंची थी शहर सरकार वहीं सर्वाधिक दिक्कतें

- जनता के हिस्से सिर्फ मुसीबतें
- कागजों में सिमटा शहर का विकास, साढ़े चार साल में गली-मोहल्लों की हालत तक नहीं सुधार पाई नई परिषद
- कहीं नालियां ही साफ नहीं होती तो कहीं आधे-अधूरे रोड नहीं बन पाए, हर दिन परेशान हो रही आम जनता

ब्यावरा। जनता की समस्याओं को जानने,समझने व सुलझाने के नाम पर वार्डों में घूम-घूमकर मिलने वाली शहर सरकार अब तक शहर के लोगों की बुुनियादी दिक्कतों से अनजान बनी हुई हैं।

जिन वार्डों, गली-मोहल्लों में कुछ माह पहले ही शहर सरकार पहुंची थी, वहां आज भी धूल उड़ रही है,साथ ही रोड आधे-अधूरे पड़े हुए हैं।

यहां तक की इन जगहों पर नालियों में सफाई तक ढंग से नहीं होती। जानकारों की मानें तो तमाम प्रकार के दावे-आश्वासनों की बीच जनता के हिस्से में सिर्फ मुसीबतें ही आई हैं।

दरअसल, यहां भाजपा की परिषद को साढ़े चार साल पूरे होने वाले हैं और जनता उन्हीं तमाम समस्याओं से जूझ रही है, जिन्हें पूरा करने के वादे चुनावी घोषणा के दौरान किए गए थे।

दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश सरकार ने आपकी सरकार-आपके द्वार अभियान तो चलाया, लेकिन वह भी फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गया।

इसमें भी जहां जनता से बातें की गईं, उनकी काउंसलिंग भी हुई लेकिन किसी ने समस्या का हल नहीं निकाला जा सका। आज भी शहर की जनता गड्ढे वाली सड़़कों से गुजरने को मजबूर है, धूल, धुएं के कारण अस्थमा के मरीज बढ़ रहे हैं।

इसके अलावा सालभर पहले पाइप लाइन के लिए खोदी गई सड़कों को अब तक ठीक भी नहीं किया गया। वहीं, स्वच्छता अभियान में अव्वल आने के सपने देखने वाली नगर परिषद शहरी क्षेत्र की नालियां तक साफ नहीं करवा पा रही है। वहीं, कई हिस्सों में अभी तक भी पानी नहीं पहुंचा।

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इन बिंदुओं पर चुनाव जीती थी भाजपा, आधे भी पूरे नहीं...
- शहर में गॉर्डन बनाए जाएंगे, जो थे वे भी नष्ट हो गए।
- पीपल चौराहे पर फूड जोन बनेगा, दो चार ठेलों के अलावा कुछ नहीं बचा।
- चौराहों का विस्तार होगा और डवलपमेंट भी, लाखों रुपए सिग्नल लगाकर इतिश्री।
- अतिक्रमण मुक्त ट्रैफिक मिलेगा, आज भी जनता रोजाना जाम में उलझ रही।
- लाइटिंग वाली सब्जी मंडी बनाएंगे, रोड पर धूल के बीच खुल रही सब्जी की दुकानें।
- डिवाइडर वाला सुविधायुक्त रोड बनाएंगे, काम अधूरा, जितना बना वह भी पूरा नहीं।
(नोट : नपा के चुनाव के मैनीफेस्टो (घोषणा-पत्र) में अन्य कई बिंदू हैं यहां सिर्फ नाममात्र के दर्शाए हैं लेकिन उनमें से आधे भी पूरे नहीं हो पाए हैं)


साफ नहीं हो रही नालियां, रहवासियों की फजीहत
वार्ड-छह के अंतर्गत आने वाले अपना नगर, सुदामा नगर, तुलसी नगर सहित शहर की अनय् तमाम कॉलोनियों में भी सफाई नाममात्र की भी नहीं होती।

यहां के रहवासी लंबे समय से परेशान हैं, शिकायतें कर-कर परेशान हो चुके हैं लेकिन न सफाई दरोगा ध्यान देते हैं न ही नपा के अन्य सफाईकर्मी। महज ऐसी ही जगह शहर में थोड़ी बहुद सफाई दिखाई देती है जहां से नेता-अधिकारी होकर निकलते हैं। बाकी शहरभर की हालत दयनीय है।

दर्जनों बार बोल दिया, कोई नहीं सुनता
हमने दर्जनों बार सफाई के लिए बोल दिया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। जगह-जगह नालियां रौंधी पड़ी हैं। कोई सफाई तक ढंग से नहीं करता। हमें काफी उम्मीदें इन पांच सालों में थी, लेकिन सब पर पानी फिर गया, फिर पूरा शहर शून्य पर आ गया है।
- अनिल विजयवर्गीय, वार्डवासी, अपना नगर, ब्यावरा


जहां दिक्कत है वहां समाधान करवाएंगे
शहर के विकास के कुछ प्रोजेक्ट चल रहे हैं, कुछ पर काम किया जा रहा है। जहां तक बात परेशानियों की है तो जहां भी दिक्कतें आ रही हैं उनका समाधान करवाया जाएगा। जिन भी वॉर्डों में ज्यादा परेशानियां हैं वहां अलग से टीम भेजकर समाधान करवाएंगे
- इकरार अहमद, सीएमओ, नपा, ब्यावरा

Rajesh Kumar Vishwakarma
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