जांच दल ने कहा- जो सबसे अच्छा है, उसे दिखाओ, खराब का अनुमान लगा लेंगे

जांच दल ने कहा- जो सबसे अच्छा है, उसे दिखाओ, खराब का अनुमान लगा लेंगे

Satish More | Publish: Sep, 07 2018 11:26:06 PM (IST) Rajgarh, Madhya Pradesh, India

टीम ने अस्पताल प्रबंधन से पूछा- बेहतर व्यवस्थाएं कहां हैं, वहां लेकर चलो

राजगढ़. नीति आयोग की रिपोर्ट में जिले की स्वास्थ्य सेवाएं खासी पिछड़ी हुई हैं। ऐसे में इनमें सुधार हो, इसके लिए लाखों रुपए शासन से भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं में कितना सुधार हुआ ग्रामीणों को योजना का लाभ मिल रहा या नहीं। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की क्या स्थिति हैं। यह सब जानने के लिए दिल्ली और भोपाल की संयुक्त १३ सदस्यीय टीम शुक्रवार को राजगढ़ पहुंची।

 

यहां उन्होंने राजगढ़ आकर सीएमएचओ सहित प्रबंधन से जुड़े अन्य अधिकारियों की एक बैठक ली। जहां सीएमएचओ विजय सिंह ने कहा कि हमने करीब एक सप्ताह पहले जिम्मेदारी संभाली हैं। ऐसे में जांच दल ने पूछा, आप में से सबसे ज्यादा सीनियर कौन हैं। जिस पर डीपीएम एसएस सोलंकी का नाम बताया गया, जो लंबे समय से जिले की व्यवस्थाएं देख रहे हैं।

डीपीएम से जांच दल ने कहा कि जिले में कितने वेल हेल्थ सेंटर बने हैं, यहां अभी तक दो ही सेंटर तैयार हुए हैं, जिनमें कुरावर और माचलपुर शामिल हैं। दो सेंटर बताने पर जांच दल ने कहा कि जो सबसे अच्छा हैं उसमें से एक सेंटर बताए और उस सेंटर में एक ऐसा गांव बताए, जहां सबसे बेहतर व्यवस्थाएं हो। ऐसे में माचलपुर का नाम सामने आया। वही जीरापुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पीपल्दा गांव में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बताई गई।

 

जांच दल ने कहा हम वहीं जाएंगे। वहां से खराब अस्पतालों की व्यवस्थाएं खुद समझ में आ जाएंगी। यहां वेल हेल्थ सेंटर नए तैयार किए जाने थे, लेकिन जल्दबाजी में पुराने को ही अपडेट करके तैयार किया गया हैं। लंच से पूर्व पीपल्दा गांव जांच दल पहुंचा। यहां पहले से ही सभी को समझाकर खड़ा कर रखा था। जो जांच दल भी समझ चुका था, जिसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से चर्चा की और आरकेएस के शिविर और नेत्र शिविर के बारे में पूछा, लेकिन ग्रामीणों को ज्यादा जानकारी नहीं थी, जिस पर उन्होंने कहा कि गांव में सुधार की जरूरत है। स्टाफ की बेहतर तैयार की गई, लेकिन जो जानकारी हमारे स्टाफ को है, ग्रामीणों को भी इसके बारे में जानकारी होना चाहिए।

रिपोर्ट तैयार कर सौंपेंगे सरकार को
स्वास्थ्य सेवाओं को लिए जारी होने वाले बजट का जिले में किस तरह से उपयोग हो रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं की हालत क्या है, इसके लिए जहां स्वास्थ्य केन्द्र आदि का निरीक्षण किया जा रहा हैं। वही गांव में पहुंचकर वे आशा कार्यकर्ताओं की टीम और हितग्राहियों की सूची लेकर उनके घरों पर पहुंच, वहां हितग्राहियों से अस्पतालों में मिली सेवाओं के बारे में जानकारी जुटाएंगे। इसके बार यह रिपोर्ट जिला प्रशासन और सरकार को सौंपेंगे।

माचलपुर में बिफर गईं डिप्टी डायरेक्टर
माचलपुर में जब जांच दल पहुंचा तो वहां कुछ मीडियाकर्मी भी पहुंच गए। जहां फोटो खींचने को लेकर जांच दल ने आपत्ति दर्ज की और मीडियाकर्मियों से कहा कि हमारी परमिशन के बगैर फोटो न ले। यहां वे माचलपुर में मिली कमियों को लेकर प्रबंधन को फटकार लगा रही थी। ऐसे में मीडिया ने पूछा कि जब सबकुछ सुधार के लिए हो रहा है तो उसमें पारदर्शिता क्यों न हो।

कलेक्टर के साथ की बैठक
जीरापुर जाने से पहले जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर टीम ने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के साथ बैठक की। जहां अभ्युदय के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए किए गए प्रयासों को बताया गया। साथ ही अन्य व्यवस्थाओं के बारे में चर्चा की गई। यहां अभ्युदय अभियान की प्रशंसा भी जांच दल ने की।

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