मिले 25 नए मामले, 65 ठीक होकर लौटे, ज्यादातर कोरोना हब बन चुके लखोली इलाके के हैं मरीज...

राजनांदगांव जिले में अनलॉक के बाद मिले दो सौ से ज्यादा केस

By: Nitin Dongre

Published: 29 Jun 2020, 07:03 AM IST

राजनांदगांव. जिले के लिए रविवार को एक बार फिर बडी़ राहत की खबर आई है। यहां एक साथ 65 कोरोना मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हुए हैं। हालांकि शनिवार देर रात और रविवार को मिलाकर 31 नए मरीज मिले हैं। डिस्चार्ज होने वाले ज्यादातर मरीज कोरोना से मृत लखोली सेठीनगर निवासी बुजुर्ग के संपर्क के हैं। अकेले इसी संपर्क वाले 53 लोग रविवार को ठीक होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं। नए मिले कोरोना के मामलों ने अकेले जून महीने में दो सौ का आंकड़ा पार कर लिया है। रविवार को कुल 25 नए केस सामने आए हैं।

राजनांदगांव के पेंड्री स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति मेडिकल कालेज अस्पताल से कोरोना मरीजों के ठीक होने का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को फिर एक साथ 65 मरीज ठीक हुए हैं। कोरोना संक्रमण के बाद अस्पताल में भर्ती हुए मरीजों का उपचार के बाद उनकी लगातार दो रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। ठीक होने वालों में छह ग्रामीण क्षेत्र के हैं जबकि बाकी शहर के अलग-अलग हिस्सों के हैं।

नए केस मिल भी रहे, ठीक भी हो रहे

कोरोना से लखोली सेठीनगर निवासी बुजुर्ग की मौत और इसके बाद उसके संपर्क में आए लोगों के कोरोना पाजिटिव पाए जाने का सिलसिला अब भी जारी है। कोरोना ने इस बुजुर्ग के बाद उसके पिता की भी जान ले ली लेकिन उसके संपर्क के लोग ठीक भी हो रहे हैं। मृत बुजुर्ग की पत्नी और बेटा पहले ठीक हुए थे। अब उसके परिवार और रिश्तेदारों के साथ ही उसके अनाज व्यापारी मालिक के परिवार के सदस्य भी कोरोना से ठीक हो गए हैं। लखोली, सेठीनगर, विकासनगर, राहुलनगर, गंज चौक (लाइन) में कोरोना के खौफ के बीच यह बडी़ राहत की बात है कि यहां के ज्यादातर लोग ठीक हो रहे हैं।

यहां-यहां के हुए ठीक

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रविवार को लखोली के 5, विकासनगर के 10, सेठीनगर के 21, राहुलनगर के 5, गंज चौक ( लाइन) के 10, लोहारपारा के 1, चौखडिय़ापारा के 1, कन्हारपुरी के 1, शंकरनगर के 1, गौरीनगर के 1, पीटीएस के 1, इंदावानी सोमनी के 1, बजरंगपुर नवागांव के 1 और कोटराभांठा के 4 मरीज के साथ ही शहर के दो अन्य ने कोरोना को पराजित कर घर वापसी की है।

जून ने बना दिया रिकार्ड

राजनांदगांव जिले में जून महीने के इन 28 दिनों में 224 मरीज मिले हैं। इससे पहले 25 मार्च को राजनांदगांव में पहला कोरोना मामला सामने आने के बाद मई अंत तक सिर्फ 3७ कोरोना केस ही थे। लॉकडाउन के बाद अनलाक की प्रक्रिया शुरु होने के बाद तेजी से कोरोना केस बढ़े हैं। हालांकि राहत की बात है कि मरीज ठीक भी हो रहे हैं।

लखोली से सबक लेने की जरूरत

राजनांदगांव शहर के सबसे घनी आबादी वाले इलाके लखोली में कोरोना के लगातार मिलते मामलों से शहर के अन्य हिस्सों और घनी बस्ती वाले क्षेत्रों को सबक सीखने की जरूरत है। कोरोना के मामले में इस इलाके में जो प्रारंभिक लापरवाही बरती गई है, अब वैसी गलती से बचना होगा। राजनांदगांव एसपी जितेंद्र शुक्ल का कहना है कि कारोना संक्रमण के फैलाव को समझने के लिए लखोली एक अच्छी केस स्टडी है। उन्होंने राय जाहिर की है कि थोड़ा भी लापरवाह हुए तो किसी भी मोहल्ले की स्थिति ऐसी हो सकती है। उन्होंने लोगों से बाजार के दिनों में कोरोना संक्रमण से बचाव के सारे प्रोटोकाल का गंभीरता से पालन करने कहा है।

दो सौ से ज्यादा हो गए यहीं ठीक

कोरोना संक्रमण के फैलाव से काफी पहले राजनांदगांव के मेडिकल कालेज अस्पताल में कोविड अस्पताल तैयार करने की जिला प्रशासन की दूरदर्शी सोच का सुखद परिणाम दिखने लगा है। तत्कालीन कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने जनसहयोग से यहां कोविड अस्पताल तैयार कर दिया था। राजनांदगांव के कुछ कोरोना केस को छोड़कर ज्यादातर मरीज यहीं भर्ती किए गए। साथ ही कवर्धा और बालोद के मरीजों को भी यहां लिया गया। अब तक मेडिकल कालेज अस्पताल राजनांदगांव से 209 कोरोना मरीजों को ठीक कर डिस्चार्ज किया जा चुका है।

Nitin Dongre Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned