4 लाख रुपए खर्च के बाद भी नहीं बचा पाए बेटे को, डाक्टरों की लापरवाही से बालक की मौत

4 लाख रुपए खर्च के बाद भी नहीं बचा पाए बेटे को, डाक्टरों की लापरवाही से बालक की मौत

Nitin Dongre | Publish: Sep, 04 2018 03:36:28 PM (IST) Rajnandgaon, Chhattisgarh, India

शहर के डीएनए इलाज के बाद किए थे रेफर, रायपुर में दो सफल ऑपरेशन के बाद भी बच्चे की मौत

राजनांदगांव. जब पूरा देश भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारी कर रहा था, इस बीच सोमवार सुबह शहर के लखोली वार्ड 29 राजीव नगर में एक परिवार के 17 वर्षीय एकलौते बेटे की अस्पताल से मौत की खबर आई। इलाज में पूरी संपत्ति फंूक देने के बाद भी अस्पताल सेे बच्चे की मौत की खबर सुन पूरा परिवार बिलख पड़ा। मोहल्ले में भी मातम छा गया। लंबी इलाज के बाद रविवार रात को 12.30 बजे रायपुर के कालड़ा हास्पिटल में बच्चे की मौत हो गई।

गमगीन माहौल में सोमवार को बच्चे का लखोली स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया। परिवार वालों ने इलाज में डाक्टरों की लापरवाही व बीमारी को लेकर गुमराह करने का आरोप लगाया है और मामले की जांच कर अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता व परिजनों के रोष को देखते हुए सांसद अभिषेक सिंह परिजनों को ढांढस बंधाने पीडि़त के घर पहुंचे थे। उन्होंने परिजनों को जांच का आश्वासन दिए हैं।

परिजनों ने बताई पूरी कहानी

ज्ञात हो कि लखोली राजीव नगर निवासी बलबीर सिंह राजपूत के 17 वर्षीय बेटे ओमप्रकाश को 09 जुलाई को तबीयत बिगड़ी। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया। ठीक हो गए। फिर 13 जुलाई को स्वास्थ्य खराब हुआ। परिजन उन्हें डीएनए अस्पताल ले गए। वहां जाते ही बच्चे की इलाज शुरू की गई। बच्चे की स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ। डीएनए के डाक्टरों ने 15 अगस्त को ओमप्रकाश को रायपुर के लिए रेफर कर दिया।

रायपुर के डॉक्टरों ने बताया, हुआ गलत इलाज

बलबीर सिंह राजपूत व परिजनों ने बताया कि ओमप्रकाश को रायपुर के राम-कृष्ण केयर अस्पताल ले गए, वहां ७०-८० हजार रुपए खर्च कर डाले। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ, उसे रायपुर के कालड़ा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी हास्पिटल में भर्ती कराए, वहां के डाक्टरों ने कहा कि इसका गलत इलाज किया गया है। बच्चे की हालत खराब हो गई। सिर में पानी चढ़ गया है, तत्काल ऑपरेशन करना पड़ेगा। परिजनों ने पैसा जमा किया। दो दिन बाद फिर डाक्टरों ने कहा कि बच्चे के सिर में ट्यूमर है। इसका दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा। परिजनों ने फिर जैसे-तैसे इलाज के लिए पैसा जमा किए। तीन दिन बाद दूसरा ऑपरेशन किया गया।

आखिरकार दम तोड़ दिया बच्चे ने

डॉक्टरों ने कहा दोनों ऑपरेशन सक्सेसफुल हुआ है। कुछ दिन बाद छुट्टी कर देंगे, लेकिन बच्चे की स्वास्थ्य में नहीं दिख रहा था। फिर सांस लेने की में दिक्कत की बात बताते हुए उसके श्वासनली का ऑपरेशन कर दिया गया। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी और ओमप्रकाश के पेशाब नली में भी इन्फेक्शन फैल चुका था। अब तक परिजनों ने ओमप्रकाश के इलाज के लिए करीब तीन लाख रुपए खर्च कर चुके थे। इसके अलावा मुख्यमंत्री संजीवनी कोष व स्मार्टकार्ड के रुपए भी निकाले जा चुके थे। इसके बाद रविवार रात को करीब 12.30 बजे ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया।

9वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था

बताया गया कि ओमप्रकाशन स्टेट स्कूल में ९वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहा था। एक छोटी बहन है। पिता मेकेनिक का काम करते हैं। इससे पहले ओमप्रकाश लंबे समय के लिए कभी बीमार नहीं पड़ा था। पीलिया व सिर दर्द की भी शिकायत कभी नहीं आई थी।

किसी प्रकार का कोई टेस्ट नहीं हुआ

डॉ. रहमान खान, डीएनए अस्पताल प्रमुख ने कहा कि मामला जुलाई का है। हमारे यहां दो दिन ही इलाज कराए हैं। सिर दर्द व उल्टी की शिकायत थी, उसी का इलाज कर रहे थे, लेकिन बच्चे की हालत में सुधार नहीं आया, तो परिजनों के कहने पर रेफर कर दिया गया। यहां किसी प्रकार का कोई टेस्ट नहीं हुआ है।

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