डोंगरगढ़ क्षेत्र में अवैध उत्खनन करते 5 टैक्टर सहित एक डीआई को किया जब्त, राजस्व विभाग की कार्रवाई, खनन विभाग को तो पता ही नहीं ...

ब्लाक के ग्राम पंचायत मेढ़ा नदी में अवैध उत्खनन करते हुए 5 ट्रैक्टर और एक डीआई को जब्त कर आज प्रकरण दर्ज किया गया है।

By: Nitin Dongre

Updated: 01 Aug 2020, 08:20 AM IST

डोंगरगढ़. ब्लाक के ग्राम पंचायत मेढ़ा नदी में अवैध उत्खनन करते हुए 5 ट्रैक्टर और एक डीआई को जब्त कर आज प्रकरण दर्ज किया गया है। अनुविभागीय अधिकारी अविनाश भोई ने बताया कि विगत लंबे समय से अवैध उत्खनन की शिकायत आ रही थी, जिलाधीश के निर्देश पर अवैध उत्खनन पर अब लगातार कार्रवाई की जाएगी। इसके अंतर्गत मेढ़ा नदी से अवैध रेत उत्खनन कर रहे पांच ट्रैक्टर व एक डीआई वाहन को जप्त किया गया। सभी वाहनों को जब्त कर थाना के सुपुर्द कर दिया गया है। जब्ती के प्रकरण की कार्रवाई के बाद अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रकरण बनाकर जिले के खनिज विभाग को भेजा जा रहा है।

क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन चल रहा है शासकीय जमीन के सांथ साथ निजी जमीन में भी खनन माफिया उत्खनन करने से बाज नहीं आ रहे भंडारपुर गाजमर्रा पनियाजोब बोरतलाव सहित आसपास के अन्य क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में अवैध उत्खनन हुआ है। खनन माफियाओं ने अवैध उत्खनन से रिजर्व फॉरेस्ट तो को नहीं छोड़ा है। लगातार हो रहे खनन के बाद भी खनिज विभाग का मौन आश्चर्यजनक है, जिससे खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। रेत के अवैध उत्खनन के साथ-साथ भारी मात्रा में मुरूम का खनन भी बदस्तूर जारी है। खनन कर रहे वाहनों के नंबर प्लेट भी हटा दिए जाते हैं। पुलिस विभाग सहित राजस्व विभाग भी इस मामले में सामान्यत: मौन ही रहता है।

खनन माफियाओं को कोई फर्क नहीं पड़ता

नियम अनुसार अवैध उत्खनन वाले क्षेत्र में पटवारियों को खनन की तत्काल रिपोर्ट तहसीलदार को सौंपनी चाहिए किंतु ऐसा हो नहीं रहा जिसके चलते अवैध उत्खनन के मामले बढ़ रहे हैं। विकासखंड के मुसरा, भानपुरी, पारागांवकला, पारागांव खुर्द, मुड़पार, लेड़ीजोब, बछेराभाटा सहित आसपास के क्षेत्रों में लगातार खनन चल रहा है। सुबह 6 बजते ही ट्रैक्टरों की आवाजाही प्रारंभ हो जाती है वह भी सिर्फ खनन के कार्य से ही ट्रैक्टर चल रहे हैं। कृषि कार्य के लिए दो कभी भी ट्रैक्टरों की आवाजाही नजर नहीं आती। यदा-कदा साल 6 महीने में एक बार कार्रवाई करने से खनन माफियाओं को कोई फर्क नहीं पड़ता।

शासन को पहुंचा रहे करोड़ों के राजस्व की हानि

अवैध उत्खनन से जहां धरती बदसूरत हो रही है पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। वही शासन को भी भारी राजस्व की हानि हो रही है। करोड़ों अरबों रुपए के राजस्व की चोरी प्रतिवर्ष की जा रही है। फिर भी खनिज विभाग का मौन आश्चर्यजनक है। पता करने पर खनिज विभाग के अधिकारी यही बोलते हैं कि उनके पास इंस्पेक्टर की कमी है एक इंस्पेक्टर कई तहसीलों को संभाल रहे हैं। जबकि एक तहसील में खनन के इतने मामले हैं कि तीन-चार अधिकारी भी कम पड़ेंगे नागरिकों ने शासन प्रशासन से इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। कृषि कार्य के लिए खरीदने जा रहे ट्रैक्टरों से ही खनिज संपदा का अवैध दोहन लगातार किया जा रहा है कृषि कार्य से ट्रैक्टर खरीदने पर अनुदान भी प्राप्त होता है और उसका उपयोग अवैध खनन के लिए किया जाता है। यह सब देखते हुए भी शासन के आरटीओ विभाग द्वारा भी कार्रवाई की जा सकती है, किंतु इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं होने से अवैध धंधों की बाढ़ सी आ गई है, जिससे शासन को लगातार राजस्व की हानि हो रही है।

Nitin Dongre Desk
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