गृह निर्माण मंडल के अधिकारी के खिलाफ तीन साल बाद भी नहीं हुई कार्रवाई ...

केस में देरी करने का आरोप, मंडल के वकील की भूमिका पर भी सवाल

By: Nitin Dongre

Updated: 24 May 2020, 07:45 AM IST

राजनांदगांव. छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के विवादित ईई की शिकायत की अब तक जांच नहीं हो पाई है। इसके बाद से जांच अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। शिकायतकर्ता अधीनस्थ कर्मचारियों ने हाल ही में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त को सौंपे पत्र में जांच अधिकारी के खिलाफ भी कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। तीन साल से लंबित प्रकरण में जान बूझकर देरी करते हुए जांच को प्रभावित करने और गृह निर्माण मंडल के ईई बेलचंदन को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है।

राजनांदगांव मंडल संभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा मुख्यालय नवा रायपुर के गृह निर्माण मंडल आयुक्त को सौंपे गए पत्र में नया खुलासा किया है। शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि विवादित अधिकारी बेलचंदन को 2017 में ही भारमुक्त किया जा चुका है। इसके बाद भी मंडल द्वारा ऐसे अधिकारी को वेतन, टीए, डीए, पारिवारिक टीए-डीए, मेडिकल, डीजल व गाड़ी मुहैय्या करा लाखों रुपए मंडल द्वारा बर्बाद किया गया है। इससे पहले भी उक्त अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में आरोप सही भी पाए गए हैं। इसके बावजूद मंडल इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। शिकायकर्ताओं ने मंडल अधिवक्ता की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने केस में जल्द सुनवाई स्टे आर्डर को खारिज कराने की मांग रखी है।

जांच अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध

वरिष्ठ कर्मचारी राजनांदगांव मंडल योगेश मिश्रा ने कहा कि सभी शिकायत दस्तावेजों के आधार पर ही किया गया है। इसके बाद भी भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ जांच व कार्रवाई में देरी की जा रही है। इसमें जांच अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्हें भी मामले में पार्टी बनाकर याचिका लगाएंगे।

Nitin Dongre Desk
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