भैंसरा के आश्रित ग्राम कटली में प्रवासी मजदूरों तक अब तक नहीं पहुंचा प्रशासन

ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि निभा रहे महती भूमिका

By: Nakul Sinha

Published: 29 May 2020, 05:38 AM IST

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. कोरोना वायरस संक्रमण से लडऩे स्थानीय प्रशासन अब अक्षम नजर आने लगा है। डोंगरगढ़ विकासखंड के लगभग सभी दो सौ गांवों में प्रवासी मजदूरों को क्वॉरेंटाइन रखने के लिए सेंटर बनाए गए हैं जिसमें प्रत्येक सेंटर में पंचायत सचिव व पंचायत पदाधिकारियों के नेतृत्व में टीम कार्य कर रही है। इन सेंटर में प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच किया जाना अत्यंत आवश्यक है किंतु इसकी अनदेखी स्वास्थ्य विभाग व स्थानीय प्रशासन प्रारंभ से ही कर रहा है। संसाधनों की कमी कहें या इच्छाशक्ति एवं कार्य प्रणाली की कमी के चलते ऐसा संभव नहीं हो पा रहा। कुछ सेंटरों में तो पखवाड़ा बीतने के बाद भी अभी तक प्रशासनिक अमला वहां नहीं पहुंचा है।

क्वारेंटाइन शिविर में अभी 40 से अधिक प्रवासी मजदूर रह रहे
ऐसा ही एक सेंटर विकासखंड मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर दूर स्थित है ग्राम पंचायत भैंसरा के आश्रित ग्राम कटली में चालीस से अधिक मजदूर इन दिनों क्वॉरेंटाइन हैं। प्रवासी मजदूरों को पंचायत ने ग्रामीण नियमों के हिसाब से सुरक्षित रखा है पंचायत इसमें महती भूमिका निभा रही है ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों ने एक नियम बनाकर इस सेंटर में भोजन की व्यवस्था प्रवासी मजदूरों के घरों उनके रिश्तेदारों के साथ मिलकर की है। इसमें पंचायत की ओर से सूखा चावल दिया जा रहा है तथा सब्जी व मसाले की व्यवस्था श्रमिकों के परिजन कर रहे हैं।

पंचायत की अनुमति के बिना क्वारेंटाइन सेंटर में जाने वालों को लगेगा जुर्माना
पंचायत ने क्वॉरेंटाइन सेंटर में पंचायत सहित बाहर के लोगों की आवाजाही पर पूर्णत: प्रतिबंध लगा रखा है सूखा अनाज व सब्जी भी दूर से ही दे दी जाती है इसमें पंचायत ने कड़े नियम लागू किए हैं जिसमें क्वॉरेंटाइन सेंटर से बाहर आने पर मजदूर को पांच हजार रुपए का जुर्माना भरना होगा साथ ही यदि कोई नागरिक या ग्रामीण बिना पंचायत की अनुमति के क्वॉरेंटाइन सेंटर में जाएगा तो उसे भी इसी तरह पांच हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा इस कारण पूरा गांव संक्रमण के खतरे से बचा हुआ है ग्रामीण राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि अब तक प्रशासन ने इस सेंटर की सुध नहीं ली है मितानिन गंगाबाई भी इस सेंटर मे अपनी महती भूमिका निभा रही है वह अपने ज्ञान के अनुसार लोगों को जागरूक कर रहीं हैं एक दूसरे से सोशल डिस्टेंस का पालन करने व कपड़े प्रतिदिन धोने के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी वे क्वॉरेंटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों को दे रही है अब जरूरत है इस सेंटर में सभी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच की जिससे वे अपने 14 दिन का क्वॉरेंटाइन पीरियड पूर्ण होने के बाद अपने घरों व काम पर लौट सकें ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द ही इस सेंटर की सुध लेने की गुहार लगाई है।

Nakul Sinha
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