कोरोना को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर, ठेले-खोमचों, अस्थाई दुकानें तथा मांस-मटन दुकानों को बंद करने के निर्देश

नगर पंचायत अध्यक्ष टीम के साथ उतरे मैदान में

राजनांदगांव / डोंगरगांव. राज्य शासन व जिला प्रशासन द्वारा जारी एडवाईजरी के बाद नगर पंचायत प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए गुरूवार को खाद्य पदार्थों के ठेले-खोमचों, अस्थाई चाट, पकौड़े, फास्ट फूड सहित मांस मटन के दुकानों को ऐतिहातन शुक्रवार से बंद करने की अपील करते हुए निर्देश जारी कर दिया है। इसके लिए नगर पंचायत अध्यक्ष हीरा निषाद, उपाध्यक्ष ललित लोढ़ा व उनकी पूरी टीम पैदल ही पुराने बस स्टैंड, बाजार एरिया, सब्जी मार्केट, मेन रोड व शहर के अन्य भीतरी भागों में स्थित झाला ठेला व अस्थाई दुकानदारों को प्रशासन के इस बचाव अभियान में साथ देते हुए शुक्रवार से दुकानों को बंद करने की अपील की है।

ठेले-खोमचे वालों को दी गई समझाईश
ज्ञात हो कि नगर में लगभग दो सौ से अधिक ऐसे व्यवसायी हैं जो कच्चे खाद्य पदार्थों जिसमें फल, चाट, आईसक्रीम, मिठाईयाँ व अन्य वस्तुओं का क्रय विक्रय करते हैं ऐसे सभी व्यवसायियों को जो अस्थाई रूप से इस कारोबार से जुड़े हैं सभी को प्रशासन ने शुक्रवार को प्रशासन से आगामी आदेश तक बंद करने का नोटिस जारी कर दिया है. वहीं नगर में संचालित छात्रावास व किरायेदार के रूप में रह रहे विद्यार्थियों को भी खाली किये जाने के निर्देश जारी किये हैं।

जानिए क्या हैं आदेश में
गुरूवार को कलेक्टर राजनांदगांव द्वारा जारी निषेधाज्ञा में मंदिर, मस्जिद, मजार, गुरूद्वारा, चर्च तथा अन्य धार्मिक स्थलों मेला, सभा, रैली, धरना को आगामी आदेश तक बंद किये जाने के आदेश जारी किया गया है। वहीं आम नागरिकों को इन धार्मिक स्थलों पर प्रवेश को भी आगामी आदेश तक प्रबंधित कर दिया गया है परन्तु विधिवत पूजा अर्चना जारी रहने का उल्लेख आदेश में किया गया है। ज्ञात हो कि गुरूवार को जारी हुए इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। वहीं शुक्रवार को जुमे की नमाज व रविवार को नगर में चर्च सहित विभिन्न सार्वजनिक सहित निजी आवासों में सामूहिक प्रार्थना सभा होता है, उन्हें अप्रैल के प्रथम सप्ताह में नगर के सबसे बड़े आयोजन हनुमान जयंती का पर्व भी होना है। इस आदेश के चलते इन आयोजनों पर प्रतिबंध का क्या असर होगा यह प्रशासन के लिए चिंता का विषय है. ज्ञात हो कि प्रशासन का आदेश किसी भी स्थल पर भीड़ होने से रोकना है ताकि संक्रमण की आशंका शून्य हो।

लगातार आ रहे हैं बाहरी व प्रवासी
महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में अघोषित रूप से लॉकडाऊन की स्थिति के बाद बड़ी संख्या में पलायन करने वाले मजदूर अब अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। इन मजदूरों व प्रवासियों का डाटाबेस अब तक प्रशासन के पास नहीं है जबकि प्रतिदिन यात्री बसों व अन्य संसाधनों से ऐसे लोगों का लौटना जारी है। हालांकि बुधवार को छुरिया व डोंगरगांव क्षेत्र में एसडीएम डोंगरगांव ने बैठक लेकर ग्राम पंचायतों के माध्यम से पलायन पंजी को अपडेट करने तथा कोटवारों के माध्यम से मुनादी किए जाने के आदेश जारी किए हैं। परंतु भौतिक रूप से इसका क्रियान्वयन नहीं हो पाया है. इसी प्रकार नगर पंचायत की बैठक में बुधवार को ही अन्यत्र से आने वाले यात्रियों, मजदूरों व प्रवासियों की प्रारंभिक जांच बस स्टैंड पर किए जाने के निर्देश जारी किए थे।

चखना दुकान भी होंगे बंद
बुधवार को नगर पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में शराब दुकान के पास संचालित चखना दुकानों द्वारा फैलाई जा रही गंदगी का मुद्दा जोरशोर से उठा था। इस पर नपं अध्यक्ष हीरा निषाद, उपाध्यक्ष ललित लोढ़ा सहित नपं की टीम गुरूवार की सुबह ही करियाटोला शराब दुकान पहुंची थी। सूचना है कि अध्यक्ष हीरा निषाद ने विभाग के अध्यक्ष द्विवेदी को चखना दुकानों को लेकर खूब लताड़ा।

क्या कहते हैं जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी
अध्यक्ष नगर पंचायत, हीरा निषाद ने कहा कि मुख्य मार्ग से लेकर शराब दुकान तक दोनों ओर गंदगी का आलम है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया था और इसे लेकर सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। निरीक्षक आबकारी विभाग, एसके द्विवेदी ने कहा कि कोरोना को लेकर सभी मौके पर पहुंचे थे। चखना दुकान, डिस्पोजल व पानी पाऊच की समस्या के लिए सभी विभागों को सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता है।

Nakul Sinha Desk
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