प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुआ संशोधन, ऋणी और गैर ऋणी किसान भी हो सकते हंै शामिल

योजना से लाभ लेने के इच्छुक किसान दस्तावेज जमा कर सकते हैं

By: Nakul Sinha

Published: 28 May 2020, 05:40 AM IST

राजनांदगांव. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ मौसम वर्ष 2020-21 जिले में संचालित है। इसके तहत खरीफ में मुख्य फसल धान सिंचित, धान असिंचित एवं अन्य फसल मक्का, सोयाबीन शामिल है। योजना के अंतर्गत ऋणी और गैर ऋणी किसान (भू-धारक और बटाईदार) शामिल हो सकते हैं। जिस ग्राम में अधिसूचित फसल निहित है। वह किसान फसल बीमा करा सकते हंै। किसानों को फसल बीमा कराने के लिए जिले में फसलवार निर्धारित ऋणमान के आधार पर प्रति हेक्टेयर 2 प्रतिशत प्रीमियम दर से योजना में शामिल हो सकते है। बीमा इकाई में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी ऋणी एवं गैर ऋणी किसान जो इस योजना में शामिल होने के इच्छुक हो वे बुआई पुष्टि प्रमाण पत्र क्षेत्रीय पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से सत्यापित कराकर तथा आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खसरा बी-1 एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज (बोनी प्रमाण पत्र) प्रस्तुत कर योजना में शामिल हो सकते है।

योजना में संशोधन
शासन द्वारा योजना के तहत फसल बीमा कराने की अंतिम में संशोधन करते हुए खरीफ मौसम के लिए 15 जुलाई तथा रबी के लिए 15 दिसंबर निर्धारित की गई है। इस वर्ष से ऋणी कृषक फसल बीमा में स्वेच्छापूर्वक शामिल हो सकेंगे। योजना के प्रावधान के अनुसार फसल बीमा में शामिल नहीं होने वाले ऋणी कृषक फसल बीमा की अंतिम तिथि के 7 दिवस पूर्व अर्थात खरीफ के लिए 8 जुलाई एवं रबी के लिए 8 दिसंबर तक निर्धारित असहमति प्रपत्र में केसीसी प्रदायकर्ता बैंक को लिखित सूचना देनी होगी अन्यथा पूर्व वर्षों की तरह स्वमेव ही फसल बीमा किया जाएगा।

क्षतिपूर्ति राशि का निर्धारण
योजनांतर्गत बीमा क्षतिपूर्ति राशि का निर्धारण अनावारी के आधार पर नहीं किया जाता है, बल्कि आयुक्त भू-अभिलेख रायपुर द्वारा आबंटित रैंडम नंबर पद्धति से बीमित क्षेत्र एवं फसल में पटवारी एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा संपन्न किए गए 2-2 प्रयोगों से प्राप्त औसत उपज का थ्रेस होल्ड उपज से तुलना करके किया जाता है। तुलना से प्राप्त क्षति प्रतिशत के आधार पर बीमित क्षेत्र एवं फसल में बीमा क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाती है।

लोकसेवा केंद्र की ले सकते हैं मदद
किसानों से आग्रह है कि अधिसूचना जारी होने के बाद 15 जुलाई से पूर्व अपनी फसलों का बीमा संबंधित बैंक, लोक सेवा केंद्र के माध्यम से करा सकते है। योजना से संबंधित जानकारी क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, हल्का पटवारी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, बीमा कंपनी एवं उप संचालक कृषि कार्यालय से प्राप्त कर सकते हंै।

बीज का अग्रिम उठाव समिति में जारी
राजनांदगांव. जिले के किसानों द्वारा मौसम खरीफ 2020 में फसल बोनी के लिए खेतों की साफ-सफाई, समतलीकरण, मेढ़ बंधान, खाद बिखराव एवं भूमि सुधार कार्य अंतिम चरण में है। जिससे मानसून के आगमन के साथ समय पर विभिन्न खरीफ फसलों की बोनी की जा सके। इस वर्ष खरीफ में 3 लाख 66 हजार एक सौ साठ हेक्टेयर में खरीफ की विभिन्न फसल लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें से अनाज फसल में धान 2 लाख 98 हजार हेक्टेयर, मक्का फसल 5 हजार 860 हेक्टेयर एवं कोदो कुटकी 3 हजार 540 हेक्टेयर लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शासन के मंशानुरूप दलहनी, तिलहनी फसलों के क्षेत्र विस्तार के लिए दलहनी फसलों में प्रमुख रूप से अरहर 6 हजार 400 हेक्टेयर, उड़द मूंग 8 हजार 700 हेक्टेयर तथा कुल्थी फसल 1 हजार 225 हेक्टेयर में बोनी का कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसी प्रकार तिलहनी फसलों में सोयाबीन 30 हजार 400 हेक्टेयर, तिल 1 हजार 500 हेक्टेयर फसलें प्रमुख है। साथ ही 10 हजार 250 हेक्टेयर रकबे में सब्जी एवं अन्य रेशेदार फसल बोनी का लक्ष्य निर्धारित कर कार्यायोजना तैयार की गई है। धान के खेतो में मेढ़ का उपयोग कर अरहर फसल लगाने के लिए विशेष कार्यक्रम तैयार किया गया है। जिससे किसानों को अतिरिक्त उत्पादन के साथ अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके।

Nakul Sinha
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