ये क्या जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी गबन राशि भी घट गई, यूरिया का हिसाब नहीं मिला

Satya Narayan Shukla

Publish: Sep, 13 2017 10:59:34 (IST)

Rajnandgaon, Chhattisgarh, India
ये क्या जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी गबन राशि भी घट गई,  यूरिया का हिसाब नहीं मिला

गैंदाटोला सेवा सहकारी समिति में सामने आए गबन के मामले में चार माह तक अफसरों ने जांच की तब जाकर गबन की पूरी राशि का स्पष्ट ब्योरा सामने आया।

राजनांदगांव. गैंदाटोला सेवा सहकारी समिति में सामने आए गबन के मामले में चार माह तक अफसरों ने जांच की तब जाकर गबन की पूरी राशि का स्पष्ट ब्योरा सामने आया। प्रारंभिक जांच में अफसरों ने 85लाख रुपए तक गबन का आकलन करते हुए गैंदाटोला थाने में एफआईआर कराई थी। जांच में पता चला है कि गबन की राशि कुल 70 लाख रुपए है। इस तरह विभागीय जांच में गबन राशि घट गई है।
वहीं यह भी खुलासा हुआ है कि समिति में रखे गए १० टन यूरिया का हिसाब ही नहीं है। सिलक की राशि भी गबन है। वहीं चना, गेहूं की बीज की बिक्री का भी कोई रिकॉर्ड नहीं। जांच अधिकारियों ने पूरी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है।

सैकड़ों किसानों से जुड़ा मामला होने की वजह से जांच में भी देरी

जिले में सहकारिता के क्षेत्र में लाखों रुपए के गबन का यह पहला मामला है। सैकड़ों किसानों से जुड़ा मामला होने की वजह से जांच में भी देरी हुई। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की ओर से 2 मई को जांच का आदेश दिया गया था। मई से शुरू हुई जांच सितंबर में पूरी हुई है। इस तरह अफसरों को जांच करने में चार माह तक लग गए। हालही में अफसरों ने रिपोर्ट सौंपी तो पुलिस को पता चला कि गबन की राशि घट गई है, क्योंकि शुरुआत में 85 लाख रुपए गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें समिति के सहायक प्रबंधक को आरोप बताया गया है। विभागीय जांच में सिर्फ उक्त प्रबंधक की ही गलतियां सामने आई है। जांच में 10 टन यूरिया, गेहूं, चना बिक्री का हिसाब नहीं मिल रहा है। जांच अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में 85 लाख रुपए तक गबन का अंदेशा था, पर कागजातों का मिलान करने पर स्थिति स्पष्ट हुई।

 

कई तरह के राज खुलेंगे

मामले में पुलिस को विभागीय जांच रिपोर्ट का इंतजार था। इस वजह से मामले में बयान अलावा आगे कुछ कार्रवाई नहीं हो पाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले की पड़ताल करेंगे तो कई तरह के राज खुलेंगे। पुलिस की ओर से समिति से जुड़े पदाधिकारियों का बयान ले लिया गया है। वहीं पूर्व में पदस्थ रहे अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है।

रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई
एनके दिल्लीवार ने बताया कि विभागीय जांच में गबन की राशि में अंतर आया है। ८५ लाख की जगह ७० लाख रुपए गबन सामने आ रहा है। रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस जांच कर रही है। सीईओ जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक

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