नए वर्ष में चंद्रगिरी में चंद्रप्रभु का 1008 कलशों से हुआ मस्ताभिषेक

108 दीपों से हुई संध्या आरती

By: Nakul Sinha

Published: 03 Jan 2020, 10:55 AM IST

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. 1 जनवरी 2020 को नए वर्ष के अवसर पर जैनियों के तीर्थस्थल दिगम्बर जैन चंद्रगिरी में 108 आचार्य विद्यासागर महाराज की आज्ञानुवर्ती शिष्या 105 आर्यिका तपोमती माताजी ससंघ के सानिध्य में 1008 कलशों से चंद्रप्रभु भगवान का रिद्धि सिद्धि मंत्रो निखिल जैन के गीतों से सजी महामस्तभिषेक व आचार्य विद्यासागर महाराज के स्वास्थ्य लाभ के लिए तपोमती माताजी के द्वारा शांति धारा का वाचन किया किया गया। इसके बाद दोपहर 3 बजे शांति विधान तथा संध्या बेला में भक्तामर स्त्रोत एवं 108 दीपों से आरती की गई। इस मौके पर डोंगरगढ़, खैरागढ़, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, जबलपुर, विदिशा, बालाघाट, धमतरी सहित अन्य स्थानों से जैन धर्मावलंबियों ने उपस्थिति दर्ज कर पूण्य लाभ अर्जित किया।

वाहन चलाते समय मोबाइल पर नहीं करें बात
दूर-दूर से भक्तों को आशीर्वचन देते हुए तपोमती माताजी ने कहा कि नए वर्ष के शुभ अवसर पर सभी भक्तजन यह संकल्प लें कि वाहन चलाते समय कभी मोबाइल पर बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने आचार्य विद्यासागर के संयम सवर्ण महोत्सव का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां एक ओर सारा हिंदुस्तान यह राह देख रहा था कि आचार्य के संयम के 50 वर्ष कहां पूरे होंगे और संयम सवर्ण महोत्सव मनाने का सौभाग्य किसे मिलेगा। पर यह सौभाग्य छत्तीसगढ़ की धर्मनगरी डोंगरगढ़ में स्थापित चंद्रगिरी को मिला। जहां पर आचार्य विद्यासागर ने अपने 50 वर्ष पूरे किए और डोंगरगढ़ जैन समाज के लोगों ने बड़े ही धूमधाम से आचार्य के संयम का सवर्ण महोत्सव मनाया।

Nakul Sinha
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