छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम: बच्चों को बांटने वाली पुस्तकों को कबाड़ और पेपर मिल में बेचा, शिक्षा विभाग में हड़कंप

शासकीय पुस्तकों की हेराफेरी की एक और मामला उजागर हुआ है। इन पुस्तकों को बच्चों को न देकर कबाडिय़ों को बेचा जा रहा है। छ

By: Dakshi Sahu

Published: 24 Feb 2021, 11:29 AM IST

राजनांदगांव/डोंगरगांव. शासकीय पुस्तकों की हेराफेरी की एक और मामला उजागर हुआ है। इन पुस्तकों को बच्चों को न देकर कबाडिय़ों को बेचा जा रहा है। छत्तीसगढ़ पैरेन्ट्स एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस भी शक के घेरे में हैं। इधर शिक्षा विभाग के गोदाम से इतनी बड़ी मात्रा में पुस्तकों का बिना किसी के जानकारी के निकलना और जब्ती के बाद पुलिस द्वारा कोई जानकारी साझा न करना कई सवाल खड़े करता है। इस मामले में एसोसिएशन ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर एफआईआर दर्ज करा कार्रवाई की मांग रखी है। इस मामले में खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति है। वहीं मामले की जानकारी के दो दिन गुजर जाने के बाद भी पुलिस इस मामले में कुछ नहीं बोल पा रही है। बच्चों को नि:शुल्क प्रदाय किए जाने वाले पुस्तकों को डिपो से सीधे कबाडिय़ों और धन लक्ष्मी पेपर मिल में को बेचा जा रहा है।

यह किताबें हुई हैं जब्त
छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम की नि: शुल्क किताबों को धन लक्ष्मी पेपर मिल के कबाड़ी स्थान से राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा योग शिक्षा भाग-1 कक्षा 1 से 5 तक वर्ष 2016-17 की कुल 28 नग पुस्तक तथा 73 नग कोरा डायरी एवं वर्ष 2020-21 के कक्षा 1 द्विभाषीय छत्तीगढ़ी रायपुर दुर्ग, बस्तर संभाग के कुल 35 नगर पुस्तक, सामाजिक विज्ञान, भूगोल भाग-2 कक्षा 8वीं की कुल 24 नग पुस्तकें, योग शिक्षा पुस्तक भाग-2 कक्षा 6वीं से 8वीं 4 नग, कक्षा 7वीं के कुल 25 नग पुस्तक, पर्यावरण अध्ययन कक्षा 5वीं के 25 नग पुस्तक, छत्तीसगढ़ भारती कक्षा 7वीं के कुल 25 नग, सुरभि कक्षा 6वीं के 14 नग पुस्तक, गणित कक्षा 2री के 5 नग, गणित कक्षा 3री के 10 नग, विज्ञान एवं प्राद्योगिकी कक्षा 6वीं के 3 नग, इंग्लिश रीडर कक्षा 6वीं के 7 नग, गणित कक्षा 1ली के 3 नग, हिन्दी कक्षा 2री के 3 नग, अवसर कक्षा 2 री के 6 नग पुस्तकें जब्त की गई हैं।

ज्ञापन में इस बात का भी उल्लेख है कि 18 फरवरी 2021 को शाम 6 बजे से 8 बजे के बीच दो वाहनों में जिसका क्रमांक सीजी 08 एपी 7176 तथा सीजी 07 सीए 1108 में डिपो से लगभग 4 क्विंटल किताबों को भरकर कबाडिय़ों और धनलक्ष्मी पेपर मिल को बेचा गया है। इस संबंध में डोंगरगांव पुलिस ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर धन लक्ष्मी पेपर से कुछ पुस्तकों को जब्त किया गया है और अधिकारियों के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

एसोसिएशन ने उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने मामले पूरी जानकारी देते हुए बताया है कि 21 फरवरी दोपहर 2 से 4 बजे के बीच राजनांदगांव से पुलिस ड्रायवरों को लेकर धनलक्ष्मी पेपर मिल पहुंची थी। वहीं भारी मात्रा में छत्तीसगढ़ राज्य पाठ्यपुस्तक निगम की शासकीय किताबों की जब्ती बनाकर डोंगरगांव पुलिस के हवाले किया गया है। इस संबंध में डोंगरगांव पुलिस अन्य जानकारी जुटाने की बात कह रही है। वहीं एसोसिएशन ने एसपी को 23 फरवरी 2021 को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

यह है मामला
छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसिएशन ने मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें यह उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम रायपुर से राजनांदगांव डिपो में शासकीय और अशासकीय विद्यालय के बच्चों के लिए नि:शुल्क किताबें भेजा जाती है। जिसे डिपो में रखकर वितरण किया जाता है, लेकिन इन पुस्तकों को बच्चों को बांटने के बजाए कबाडिय़ों और मिल को बेचे जाने की जानकारी मिल रही है। इनमें अधिकांश किताबें शिक्षा सत्र 2020-21 की है।

मतलब साफ है लॉकडाउन के दौरान स्कूलें नहीं लगी और किताबें डिपो में ही रह गई, ऐसे में इन किताबों को बिना किसी उच्चाधिकारियों के गुपचुप तरीके से कबाडिय़ों को बेच दिया गया। विेनोद लोहिया, संचालक धनलक्ष्मी पेपर मिल ने बताया कि पेपर मिल में कच्चे माल के रूप में अनेक राज्यों से कई टन रद्दी माल खाली किया जाता है। एक ड्रायवर के साथ पहुंची पुलिस कचरे के ढेर से लगभग 25-30 किलो रद्दी बोरी में भरकर ले गए हैं, प्रतिदिन के इतने बड़े ढेर से कौन सी क्या पुस्तकें हैं, यह छांट पाना हमारे लिए संभव नहीं हैं। हमारे व्दारा पुलिस को उनकी कार्रवाई में पूरा सहयोग किया गया है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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