ठेकेदार विवाद में सीएमओ पड़े भारी, दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज ...

ठेकेदार विजय अग्रवाल नगरपालिका के सीएमओ व इंजीनियर के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय पहुंचे

By: Nitin Dongre

Updated: 24 Jul 2020, 08:41 AM IST

डोंगरगढ़. नगर में विगत दो दिनों से चल रहे टेंडर फार्म विवाद के अंतर्गत मुख्य नगरपालिका अधिकारी सत्ता सरकार के संरक्षण से भारी पड़ते दिखाई दे रहे हैं। उनकी शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने दो ठेकेदारों के खिलाफ धारा 341, 294 व 506 के तहत एफआईआर दर्ज की है। बुधवार को ठेकेदार विजय अग्रवाल नगरपालिका के सीएमओ व इंजीनियर के खिलाफ अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी शिकायत दर्ज कराई कि विधायक निधि सांसद निधि पार्षद निधि व अध्यक्ष निधि के अंतर्गत नगर में 9 निर्माण कार्य के टेंडर निकाले गए जिसका 200 रूपए खर्च कर उन्होंने टेंडर फार्म लेने के लिए रसीद भी कटाई, किंतु अंतिम तिथि के दिन पालिका अधिकारी उन्हें सुबह से ही गुमराह करते रहे पहले कहा एक घंटे बाद आना घंटे भर बाद पहुंचने पर कहा कि शाम को 5 बजे टेंडर फार्म में हस्ताक्षर करूंगा तब लेना। विजय अग्रवाल सहित अन्य ठेकेदार जब शाम 5 बजे पहुंचे, तो सीएमओ ने बात करने से इंकार कर दिया उपयंत्री विजय मेहरा ने कहा कि टेंडर फॉर्म पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हुए हैं, हस्ताक्षर होने पर ही वे फार्म दे पाएंगे। इस पर विजय अग्रवाल ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने दीवाल पर अपना सिर पटक कर तथा पेट्रोल डालने की धमकी भी दी तथा अन्य ठेकेदारों के साथ मिलकर टेंडर फार्म के लिए दबाव बनाया, किंतु उसे टेंडर फार्म नहीं दिया गया।

बुधवार को ही जब ठेकेदार विजय अग्रवाल को पता चला कि उनके खिलाफ सीएमओ की शिकायत पर जुर्म दर्ज किया गया है तथा उनकी शिकायत पर थाने में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्होंने राजनांदगांव जाकर पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई। पुलिस अधीक्षक ने बात सुनने के बाद उनके आवेदन पर अपनी सील लगाकर कहा कि डोंगरगढ़ जाइए आपकी शिकायत दर्ज होगी। डोंगरगढ़ थाने में इसके बाद भी उनका आवेदन तो लिया गया, किंतु शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस संबंध में टीआई एलेग्जेंडर कीरो ने बताया कि नगरपालिका अधिकारी तथा उपयंत्री दोनों ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई है, जिस पर नगर पालिका अधिकारी की शिकायत पर ठेकेदार विजय अग्रवाल व आशीष अग्रवाल के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। अब जांच के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। उधर पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में बयान देते हुए कहा कि पीडि़त विजय अग्रवाल उनके पास पहुंचा था, उनकी शिकायत पर अनुविभागीय अधिकारी को पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी, तब कार्रवाई होगी।

पालिका अधिकारी का अपना बयान

इस संबंध में मुख्य नगरपालिका अधिकारी हेमशंकर देशलहरा ने बताया कि वे विधायक निवास से निकल रहे थे, तब ठेकेदार विजय अग्रवाल व आशीष अग्रवाल ने उनका रास्ता रोककर गाली गलौज की इसलिए उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। ठेकेदार को टेंडर फॉर्म ईशू करने के जवाब में उन्होंने चुप्पी साध ली।

सांसद से हुई शिकायत

नेता प्रतिपक्ष अमित छावड़ा ने टेंडर फार्म के मामले में सांसद से शिकायत दर्ज कराई है उन्होंने सांसद को बताया कि पालिका में बिना टेंडर के ही निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, निर्माण कार्य होने के बाद जब आपत्ति आती है, तो टेंडर निकाल दिए जाते हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस समर्थित ठेकेदारों को टेंडर ईशु कर पुराने कार्यों में लीपापोती की जा रही है तथा चहेते ठेकेदारों को ही टेंडर दिए जा रहे हैं। सांसद ने फोन पर ही नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य होना चाहिए उन्होंने जिलाधीश से शिकायत करने की बात भी कही।

क्या है पूरा मामला

नगर पालिका में सत्ता परिवर्तन के साथ निर्माण कार्य का विभाजन सत्ता पक्ष अपने हिसाब से कर रहा है तथा अपने चहेते ठेकेदारों को ही निर्माण कार्यों के टेंडर फॉर्म दिए जा रहे हैं। कई निर्माण कार्य तो बिना टेंडर के ही करा लिया जा रहे हैं, किंतु जब कुछ पत्रकारों ने निर्माण कार्यों पर आपत्ति दर्ज की तो निर्माण कार्य होने के बाद उनके टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जा रही हैं। पालिका में चल रही इस तरह की भर्राशाही की उच्च स्तर पर शिकायत भी की गई है किंतु पालिका अधिकारी स्वयं को मंत्री का रिश्तेदार बताते हुए लोगों से अभद्र व्यवहार करने पर आमदा है वे लगातार ठेकेदारों सहित अन्य लोगों से भी उचित व्यवहार नहीं करते जिसकी शिकायत विधायक सहित अन्य कांग्रेस नेताओं व अनुविभागीय अधिकारी को भी की गई है, किंतु कार्रवाई के अभाव में उनके हौसले बुलंद हैं।

अधिकांश ठेकेदारों में रोष

इस संबंध में ठेकेदार विजय अग्रवाल सहित अन्य ठेकेदारों ने बताया कि पालिका में लगातार गलत तरह से टेंडर प्रक्रिया का संचालन किया जा रहा है। यह सब नए मुख्य नगरपालिका अधिकारी के आने के बाद से ही हो रहा है, जिसकी शिकायत समय-समय पर की जा रही है, किंतु इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे अधिकांश ठेकेदारों में रोष व्याप्त है।

शिकायत मिली है

डोंगरगढ़ अनुविभागीय अधिकारी अविनाश भोई ने कहा कि मामले की शिकायत मिली है। पूरी जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाउंगा।

Nitin Dongre Desk
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