कलक्टर ने आवश्यक वस्तुओं से संबंधित उद्योगों को शुरू करने अधिकारियों से किया विचार-विमर्श ...

उद्योग शुरू करने से पहले कार्ययोजना बनाने के निर्देश

By: Nitin Dongre

Updated: 18 Apr 2020, 04:29 PM IST

राजनांदगांव. कलक्टर जयप्रकाश मौर्य ने निकट भविष्य में आवश्यक वस्तुओं के उत्पादन से संबंधित उद्योगों को शुरू करने के राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर जरूरी विचार-विमर्श किया। कलक्टर ने बैठक में कहा कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सेवाओं जैसे खाद्य प्रसंस्करण, चिकित्सा संबंधित आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों से संबंधित औद्योगिक ईकाईयों को शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह की ईकाईयों को शुरू करते समय वहां के कामगारों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए समुचित उपाय करना पड़ेगा।

कलक्टर मौर्य ने कहा कि जरूरी उद्योगों को शुरू करने के लिए कार्ययोजना बनाने तथा केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का परिपालन सुनिश्चित करने के लिए सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। इसमें संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, श्रम विभाग, उद्योग तथा हेल्थ एण्ड सेफ्टी विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे। समिति पर शासन की गाईडलाईन का पालन करने की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने जरूरी सामग्री से संबंधित उद्योगों के प्रतिनिधियों की कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

28 दिन तक लगातार करेंगे काम

कलक्टर मौर्य ने उद्योग शुरू करने के लिए कामगारों की व्यवस्था करने के संबंध में भी अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि उद्योगों में उत्पादन शुरू करने स्थानीय श्रमिकों को नियोजित किया जाना उचित होगा। उद्योग संचालकों को कार्यशाला में स्पष्ट रूप से बताया जाए कि एक बार श्रमिक उद्योग परिसर के अंदर आएंगे तो वे बाहर नहीं जा पाएंगे। 28 दिन तक लगातार रहकर काम करेंगे। श्रमिकों के लिए भोजन और आवास की व्यवस्था परिसर में ही होगी।

रेट लिस्ट बनाने दिए निर्देश

उन्होंने अधिकारियों को नाश्ते और भोजन के लिए मीनू और रेट लिस्ट बनाने के निर्देश दिए। मौर्य ने कहा कि भोजन में दाल, सब्जी, चावल की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। भोजन साफ-सुथरा हो इसका भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रबंधन की ओर से कामगारों के लिए मास्क, सेनेटाईजर, टॉयलेट, साबुन की व्यवस्था होनी चाहिए। श्रमिकों के लिए परिसर में ही आवास के प्रबंध किए जाएं। कूलर और पंखे की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

व्यवस्था को मजबूती देना जरूरी

मौर्य ने कहा कि उद्योग शुरू होने के बाद निरीक्षण के लिए विभिन्न अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाए। निरीक्षण के लिए प्रपत्र भी बनाया जाए। श्रमिकों की सुरक्षा और उत्पादन की नियमितता के लिए निरीक्षण की व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। मौर्य ने कहा कि किसी भी उद्योग में तकनीकी कौशल से संबंधित वर्करों की व्यवस्था बाहर से करने की जरूरत पड़े तो इसके लिए कलेक्टर से अनुमति लेना जरूरी होगा। मौर्य ने इन सभी मुद्दो पर उद्योग संचालकों से चर्चा करने की जरूरत पर जोर दिया। मौर्य ने कहा कि जिन उद्योगों में उत्पादन शुरू करना है उनका पहले निरीक्षण किया जाए और संचालकों से सहमति लेकर कार्ययोजना बनाई जाए। निरीक्षण रिपोर्ट के बाद ही उद्योगों को चालू किया जाना उचित होगा।

Nitin Dongre Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned