छत्तीसगढ़ी लोककला को जिंदा रखने वाले खुमान साव का हुआ अभिनंदन

छत्तीसगढ़ी लोककला को जिंदा रखने वाले खुमान साव का हुआ अभिनंदन

Nitin Dongre | Publish: Sep, 09 2018 04:09:06 PM (IST) Rajnandgaon, Chhattisgarh, India

संस्कारधानी में हुआ नागरिक अभिनंदन

राजनांदगांव. भारत सरकार द्वारा संगीत नाटक अकादमी सम्मान से विभूषित छत्तीसगढ़ी लोक सांस्कृतिक मंच 'चंदैनी गोंदाÓ के संगीत सर्जक खुमानलाल साव के नागरिक अभिनंदन समारोह में छत्तीसगढ़ अंचल के साहित्यकार और कलाकार बड़ी संख्या में यहां पहुंचे और सभी ने साव का अभिनंदन कर लोक संगीत के प्रांत उनके समर्पण का सम्मान किया।

साव के 89वें जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार को स्थानीय म्यूनिस्पल स्कूल के गांधी सभागृह में चंदैनी गोंदा परिवार और अंचल के सांस्कृतिकर्मियों द्वारा उनके नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह की अध्यक्षता भिलाई के वरिष्ठ साहित्यकार रवि श्रीवास्तव ने की। प्रमुख वक्ता के रूप में सुप्रसिद्ध गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिया (रायपुर), प्रसिद्ध कवि मुकुंद कौशल (दुर्ग), प्रसिद्ध कथाकार परदेशीराम वर्मा ( भिलाई), गीतकार केदार दुबे (बिल्हा), लोक समीक्षक डा. पीसीलाल यादव (गंडई), विदुषी वक्ता सरला वर्मा (दुर्ग), कुबेर साहू और लोकरंग के निर्देशक दीपक चंद्राकर (अर्जुंदा) मचस्थ थे।

सदस्यों ने अतिथियों का किया सम्मान

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ हुआ। तत्पश्चात आयोजन समिति के सदस्यों ने अतिथियों को बैच लगाकर एवं पुष्पहार से स्वागत किया। अतिथियों ने सामूहिक रूप से शाल, श्रीफल, अंग वस्त्र और स्मृति प्रतीक चिन्ह भेंट कर छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के भीष्म पितामह खुमानलाल साव का भावभीनी अभिनंदन किया। आयोजक समिति चंदैनी गोंदा के कलाकारों ने अपने पितृ पुरूष साव का शाल श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र भेंटकर उनका आत्मीय अभिनंदन किया। अभिनंदन पत्र का वाचन दुर्ग के युवा साहित्यकार संजीव तिवारी ने किया। अभिनंदन के क्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों से आये लोक कलाकारों, संस्कृतिकर्मियों, साहित्यकारों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्था के पदाधिकारियों ने बारी-बारी से साव का अभिनंदन किया।

इनकी रही उपस्थिति

साव का अभिनंदन करने वाले प्रमुख लोगों में लोक सांस्कृतिक मंच लोकरंग के निर्देशक दीपक चंद्राकर, अनुराग धारा की प्रमुख गायिका कविता वासनिक, दूधमोंगरा (गंडई), के संचालक डा. पीसीलाल यादव, स्वरधारा राजनांदगांव के संचालक विष्णु कश्यप व बाबूलाल देवांगन, बैगा गु्रप के हर्षकुमार बिन्दु व सुदेश यादव, रंग झरोखा के संगीत निर्देशक दुष्यंत हरमुख, मेलाडी आर्केस्ट्रा की ओर से डॉ. विकास अग्रवाल, चक्रधर कत्थक कल्याण केंद्र की ओर से डॉ. कृष्ण कुमार सिन्हा एवं तुषार सिन्हा, दुर्ग जिला हिन्दी साहित्य समिति के अध्यक्ष अरूण कुमार निगम, वाीणपाणी साहित्य समिति की ओर से प्रदीप वर्मा और सरला शर्मा, भरथरी गायिका रेखा जलक्षत्रिय, गायिका रजनी रजक वरिष्ठ रंगकर्मी भैयालाल हेड़ाऊ, गायक कुलेश्वर ताम्रकार, महादेव हिरवानी, माटी के फूल लोहारा के चतुर साहू, 'जवाराÓ के धन्नूलाल साहू शामिल थे।

Ad Block is Banned