तेंदुपत्ता संग्रहण में ठेकेदारों ने नहीं दिखाई रूचि, खरीदी में पिछड़ गया वन विभाग

लक्ष्य का ७० फीसदी ही हो पाई है खरीदी

By: Nakul Sinha

Published: 23 May 2018, 03:54 PM IST

राजनांदगांव / खैरागढ़. ठेकेदारों की उदासीनता के बाद वनविभाग द्वारा विभागीय तौर पर कराए जा रहे तेदुपत्ता संग्रहण कार्य इस साल पिछड़ गया। उल्लेखनीय है पिछले 14 साल से जिला लघुवनोपज संघ में स्थापित सभी 24 समितियों का तेंदुपत्ता ठेकेदारों द्वारा पहले ही निलामी में ले लिया जाता था। इस साल आधी समितियों के पत्ते खरीदने में ही ठेकेदारों ने रूचि दिखाई, जिसके बाद आधे से ज्यादा समितियों के लाट से विभागीय तौर पर ही तेंदुपत्ते का संग्रहण किया जा रहा है।

मिली जानकारी मुताबिक इस साल तेंंदुपत्ता संग्रहण के लक्ष्य 42 हजार 6 सौ मानक बोरा में अब तक 29 हजार 7 सौ मानक बोरा तेंदुपत्ते का ही संग्रहण किया गया है, जो लक्ष्य का 70 फीसदी है। तेंदु़पत्ता संग्रहण के दौरान विभागीय कार्यवाही में लेटलतीफी और कम दर होने के कारण इसकी कार्यवाही में विभाग की नींद उड़ गई है। आधे लाट का संग्रहण कर रहा विभाग : खैरागढ़ वनमंडल अंतर्गत 20 समितियों के 24 लाट में से 12 लाट नीलामी में नहीं बिकने के कारण इन लाटो में तेंदुपत्ते का संग्रहण वनविभाग द्वारा अपनी लघुवनोपज समितियों द्वारा कराई जा रही है। ठेकेदारों द्वारा संग्रहण के लिए मजदूरों को दिए जाने वाले दर और शासकीय दर में काफी ज्यादा अंतर होने के कारण समितियों और विभाग की परेशानी बढ़ गई है।

मंडल में पिछले पखवाड़े भर तेंदुपत्ता संग्रहण कार्य अंतिम चरण में है। सरकार ने संग्राहकों का दर प्रति मानक बोरा 18 सौ से बढ़ाकर 25 सौ कर दिया है, लेकिन विभागीय तौर पर संग्रहण दर में कोई बदलाव नहीं होने से विभागीय परेशानियां बढ़ गई है। फड़ों से शासकीय गोदामों तक लाने के लिए अभी तक परिवहन दर तय नहीं हो पाया है। परिवहन के लिए किए गए टेंडर दर में शासकीय दर से तीन गुना अधिक दर परिवहन ठेकेदारों ने दिया है, जिसके कारण विभाग इसमें अभी कोई कार्यवाही नहीं कर पाया है। दूसरी परेशानी बोरा भर्ती सहित मजदूरी को लेकर सामने आई है। बोरा भर्ती और उल्टाई-पल्टाई का दर भी विभाग द्वारा बढ़ाया तो गया है, लेकिन दर ठेकेदारों द्वारा दिए जाने वाले दर से काफी कम है।

परिवहन दर भी तीन से पांच गुना, समस्या
तेंदुपत्ता लाटो की निलामी नहीं होने के बाद वनोपज यूनियन ने अपने मुख्यालय को पत्र लिखकर बोरा भराई उल्टाई-पल्टाई सहित 15 कार्यों के शासकीय दर को बढ़ाने पत्र लिखा, लेकिन केवल बोरा भराई का दर 22 रुपए से 40 रू ही किया गया। जबकि ठेकेदार इसका 80 से 85 रू देते हैं। ऐसे मे इसके लिए मजदूर नहीं मिल रहे। विभाग लेदेकर कार्य करवा रहा है। परिवहन दर भी तीन से पांच गुना ज्यादा आने से सबसे बड़ी समस्या परिवहन की है। अभी तक विभाग ने दरों को मंजूरी नहीं दी है। बोरा भराई ढुलाई के लिए अब समितियों पर दबाव बनाया जा रहा है। ताकि समय पर कार्य पूरा हो सके। तेंदुपत्ता को गोदाम तक सुरक्षित लाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

साल्हेवारा की क्वालिटी सबसे बेहतर
तेंदुपत्ता संग्रहण मे इस बार साल्हेवारा समिति का पत्ता क्वालिटी में सबसे बेहतर पाया गया है। जंगल अंदर और आवाजाही कम होने वाले इलाका होने के कारण इस बार साल्हेवारा में उच्च क्वालिटी के पत्ते सामने आए है। जबकि हर साल बेहतर क्वालिटी में मिलने वाले ईटार समिति में इस बार संग्रहण मे गिरावट आई है। पिछले बार सबसे ज्यादा रेट ईटार समिति के पत्तों को मिला था। इस बार यहां उत्पादन काफी कम होनो बताया गया।

समय पर काम करना चुनौती
वनविभाग के सामने समय पर कार्य पूर्ण कराना चुनौती है। ठेकेदारो द्वारा 12हजार 268 मानकबोरा संग्रहण किया जाना है। जबकि विभाग द्वारा 17 हजार 375 मानकबोरा संग्रहण कार्य होना है। तुड़ाई के बाद अब इसे सुरक्षित संरक्षित करना चुनौती बन रही है। मानसून पूर्व तेदुपत्ते को गोदाम तक पहुंचाना और काम समेटने के लिए विभाग के पास बमुश्किल दस से बारह दिन शेष है। ऐसे में समय पर काम पूर्ण कराने विभागीय अमला जुटा है। विभाग के पास गंडई मानपूर, पिपरिया, ठेलकाडीह व डोगरगढ़ मे गोदाम है जहां संग्रहण किया जाना है।

उपप्रबंध संचालक जिला लघुवनोपज सहकारी यूनियन खैरागढ़ योगेश पांडे ने कहा कि विभागीय संग्रहण कार्य जारी है। समय सीमा में तेंदुपत्ता को गेादाम तक पहुंचाने की कवायद जारी है। मजदूरी दर को लेकर परेशानियां है, लेकिन काम जारी है। समय पर संग्रहण कार्य पूर्ण किए जाएंगे।

Nakul Sinha
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