कोरोना टीकाकरण में बड़ी लापरवाही, वैक्सीनेशन के बाद बुखार की जगह लोगों को बांट दिया शुगर का टेबलेट, कई लोगों की तबीयत बिगड़ी

Corona vaccination in Chhattisgarh: वैक्सीनेशन के बाद लोगों को बुखार की जगह शुगर की दवाई बांट दी गई। शुगर की दवा खाने से एक परिवार के सात सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई तब इस मामले का खुलासा हुआ।

By: Dakshi Sahu

Published: 13 May 2021, 10:43 AM IST

राजनांदगांव/डोंगरगांव. राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव ब्लॉक के एक गांव में कोरोना टीकाकरण में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां वैक्सीनेशन के बाद लोगों को बुखार की जगह शुगर की दवाई बांट दी गई। शुगर की दवा खाने से एक परिवार के सात सदस्यों की तबीयत बिगड़ गई तब इस मामले का खुलासा हुआ। मामला डोंगरगांव ब्लॉक के ग्राम अर्जुनी का है, जहां शासकीय अस्पताल में बीते 11 मई को टीकाकरण के बाद मरीजों को बुखार के लिए दिया जाने वाला पैरासिटामॉल की जगह शुगर के रोगियों को दी जाने वाली टेबलेट बांट दिया गया। स्थिति यह हुई कि दवाई खाने वाले अनेक हितग्राहियों को उल्टी चक्कर व अन्य शारीरिक परेशानियां सामने आई और तब जाकर मामला सामने आया।

वैक्सीनेशन के बाद बिगड़ गई तबीयत
घटना की जानकारी मंगलवार को उस समय सामने आई जब ग्राम रातापायली के एक परिवार के सात सदस्यों के वैक्सीनेशन के बाद पांच की तबीयत बिगडऩे लगी, तब परिजनों ने दवाई की जांच कराई, तो पता चला कि उन्होंने जो दवाई टीकाकरण के बाद पैरासिटामॉल की दी है। वह शुगर की दवाई मेटफॉर्मिन है। मंगलवार 11 मई को अर्जुनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शासन की योजना से टीकाकरण का कार्य किया जा रहा था। इस दौरान कुल 68 हितग्राहियों को टीका लगाया गया।

दवाई लौटाने केंद्र पहुंचे लोग
टीकाकरण के साइड इफेक्ट से राहत के लिए अस्पताल के कर्मचारियों ने पेरासिटामॉल टेबलेट के बजाय शुगर की दवाई मेटफार्मिन दे दी। इस संदर्भ में अस्पताल के कर्मचारियों का तर्क है कि दोनों के रेपर समान होने के कारण यह चूक हुई है, बता दे कि कुल 41 हितग्राही ऐसे हैं, जिन्हें यह दवाई मिली है। इनमें से अनेक हितग्राहियों ने इसका सेवन भी किया है, जिसके बाद दवाई के साइड इफेक्ट साफ दिखाई दे रहे हैं। वहीं बुधवार को इसकी भनक लगते ही अस्पताल के कर्मचारियों ने संबंधित हितग्राहियों से दवाइयां वापस देनी शुरू कर दी। यह क्रम देर शाम तक जारी था।

घातक को सकता है सेवन
मधुमेह रोगियों को दी जाने दवाइयों का सामान्य व्यक्तियों के द्वारा सेवन किया जाना विशेष रूप से खाली पेट की अवस्था में प्राणघातक हो सकता है। इस संदर्भ में मेडिकल विशेषज्ञ के अनुसार इसके सेवन से शरीर का शुगर लेबल तेजी से कम हो जाता है। मरीज को चक्कर सिरदर्द व उल्टी होने लगती है। समय रहते इलाज नहीं होने से मृत्यु तक हो सकती है।

घटना की जानकारी सोशल मीडिया में सामने आते ही सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बीएमओ को मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया। जिसके बाद बुधवार शाम 5 बजे बीएमओ डॉ. रागिनी चंद्र व उनकी टीम अर्जुनी अस्पताल पहुंची थी। बीएमओ ने बताया कि टीकाकरण के दौरान दवाई वितरण में लापरवाही की घटना सामने आई है, जिसमें जांच जारी है। जांच पूर्ण कर प्रतिवेदन उच्च कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे।

Dakshi Sahu
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