कोरोना जांच करने गए स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ हुई गाली गलौच

बाहर से आए व्यक्ति में कोरोना के लक्षण, क्षेत्र में दहशत का माहौल

By: Nakul Sinha

Published: 23 Apr 2020, 04:29 PM IST

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. समीपस्थ गांव हरनसिंघि में महाराष्ट्र (नागपुर) से आए युवक में सर्दी खांसी के होने से गांव में दहशत का महौल व्याप्त हो गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम हरनसिंघि निवासी शेष कुमार टंडन पिता बुधराम टंडन अपने मौसा सुखदास कुर्रे के साथ एम्बुलेंस में 16 अप्रेल को ग्राम हरनसिंघि पहुंचकर पंचायत को सूचना दी। जिसके आधार पर डोंगरगढ़ स्वास्थ्य केन्द्र के डॉक्टरो की टीम बीपी एक्का सहित पुलिस की एक टुकड़ी हरनसिंघि शेष कुमार को कोरोना जांच के लिए लेने पहुंची। गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों पर गाली गलौच एवं अभद्र व्यवहार किया गया। पुलिस ने गाली गलौच करने वाले व्यक्ति को उठाकर थाने लाया गया जहां उनके परिजनों के कहने पर पुलिस द्वारा समझाईस देते हुए उक्त व्यक्ति को छोड़ दिया गया। वहीं शेष कुमार टंडन कोरोना जांच कर 29 अप्रेल तक के लिए ग्राम पंचायत हरनसिंघि में होम कोरोटाईन कर दिया गया है।

नागपुर से ग्राम देवकट्टा लौटा है युवक
विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार शेष कुमार टंडन टाईल्स मिस्त्री का कार्य करता है और वह होली त्यौहार के 5 दिन पहले ही मौसी/मौसा यहां रहकर नागपुर में टाईल्स का कार्य कर रहा था। किन्तु लॉकडाउन हो जाने से कार्य बंद हो जाने के कारण बेरोजगार हो गया था, वहीं उनके मौसा सुखदास कुर्रे निवासी देवकट्टा जो कि नागपुर में ही रहता था, जिन्हे मुंह का कैंसर होने के कारण नागपुर के हास्पिटल में ईलाज चल रहा था, कैंसर का लास्ट स्टेज होने के कारण पैसे अधिक लगने तथा पैसे की कमी की वजह से उन्हें रायपुर रिफर कर दिया गया। उक्त एम्बुलेंश मे शेष कुमार अपने मौसा कैसर पीडि़त सुखदास कुर्रे रायपुर जाने की वजाय अपने घर आ गए जिसके चलते एम्बुलेंश से उन्हें रायपुर ले जाने की बजाय शेष कुमार टंडन को हरनसिंघि एवं सुखदास कुर्रे को देवकट्टा में छोड़कर नागपुर चला गया।

स्वास्थ्य व पुलिस विभाग की टीम रोज कर रही क्वारेंटीन में रह रहे युवक की जांच
वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं पुलिस अमला रोजाना हरनसिंघि पंचायत मे पहुंचकर कोरोटिन किए गए शेष कुमार के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा उक्त युवक के सर्दी एवं खांसी के दवाईयां चल रही है। वहीं गांव के सरपंच से मिडिया द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम से अभद्र व्यवहार एवं संदिग्ध युवक के बारे मे पूछे जाने पर जानकारी छुपाते हुए कहा गया कि गांव में कुछ नही हुआ है सब ठीक है। ऐसे में शासन द्वारा कोरोना संदिग्धों की जानकारी छुपाने वाले पर कड़ी कार्यवाही करने के आदेश दिए जाने के बाद भी सरपंच द्वारा मिडिया कर्मियों से जानकारी छुपाकर ग्रामीणो एवं समाज को खतरे में डालने की प्रयास किया गया है।

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