कोरोना कहर रोकने आज से राजनांदगांव और डोंगरगढ़ में सीरो सर्वे, दिल्ली से आई टीम, सैंपल लेकर जांचेगी एंटीबॉडी

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राजनांदगांव जिले में 17 सितम्बर यानी आज से से सीरो का सर्वे शुरू हो गया है। संक्रामक बीमारियों के संक्रमण को मॉनिटर करने के लिए सीरो सर्वे कराए जाते हैं। (chhattisgarh coronavirus update )

By: Dakshi Sahu

Updated: 17 Sep 2020, 11:56 AM IST

राजनांदगांव. कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राजनांदगांव जिले में 17 सितम्बर यानी आज से से सीरो का सर्वे शुरू हो गया है। संक्रामक बीमारियों के संक्रमण को मॉनिटर करने के लिए सीरो सर्वे कराए जाते हैं। इस सर्वे को एंटीबॉडी सर्वे भी कहा जाता है। इस सर्वे में ब्लड सैंपल लेकर उसका टेस्ट कर संक्रामक बीमारी के खिलाफ शरीर में पैदा हुए एंटीबॉडी का पता लगाया जाता है।

दिल्ली से आए टीम
राजनांदगांव जिले में गुरुवार से राजनांदगांव और डोंगरगढ़ ब्लाक में सर्वे कर इसकी शुरुआत की गई है। सीरो सर्वे के लिए दिल्ली और रायपुर से टीम यहां आ गई है और इस टीम की निगरानी में यहां का स्वास्थ्य अमला सैंपल कलेक्शन का काम शुरु करेगा। गुरुवार से ब्लड सैंपल लिए जाने का काम शुरु हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हर क्लस्टर से 84-84 सैंपल लिए जाएंगे। इसके बाद सभी सैंपल को जांच के लिए रायपुर के लैब में भेजा जाएगा।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के संक्रमण के स्तर को जानने के लिए सीरो सर्वे शुरु किया है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ में यह कवायद की जा रही है। सीरो सर्वेक्षण में ब्लड के सीरम का परीक्षण किया जाता है और इसके जरिए देखा जाता है कि संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडीज का विकास शरीर में हुआ है या नहीं।

यहां होगा सीरो सर्वे
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राजनांदगांव और डोंगरगढ़ ब्लाक में तीन-तीन क्लस्टर बनाकर सीरो सर्विलांस का काम होगा। राजनांदगांव में सुरगी, रेंगाकठेरा और नवागांव क्लस्टर बनाया गया है। डोंगरगढ़ में राका, मुरमुंदा और मेढा़ क्लस्टर बने हैं।

दिया गया प्रशिक्षण
सीरो के सर्वे के लिए राजनांदगांव के स्वास्थ्य अमले को प्रशिक्षण देने का काम आज यहां दिल्ली और रायपुर से आई टीम ने किया। केन्द्र और राज्य की टीम की देखरेख में यहां की टीम सैंपल कलेक्शन का काम करेगी और जांच के लिए रायपुर भेजा जाएगा।

ये होगा फायदा
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों के अनुसार सीरो सर्वे में पता चलता है कि कितने लोग संक्रमित हो चुके हैं, और उन्हें इसका पता भी नहीं चला। सर्वे के माध्यम से यह अनुमान लगेगा कि उस क्षेत्र में कोरोना का प्रकोप कितना था और कितने प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज बन गई है। सर्वे में कम एंटीबॉडी वाले इलाकों में गंभीरता से काम करने में मदद मिलेगी। सीएमएचओ राजनांदगांव डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि सीरो सर्विलांस का काम गुरुवार से शुरु हो गया है। राजनांदगांव और डोंगरगढ़ में तीन-तीन क्लस्टर बनाकर सैंपल लिए जाएंगे।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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