अनावारी से नहीं बल्कि फसल कटाई प्रयोग के आंकड़ों से तय होती है फसल बीमा राशि ...

मौसम खरीफ में धान सिंचित, धान असिंचित, सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग तथा मौसम रबी में गेहूं सिंचित, गेहूं असिंचित, चना, अलसी, सरसों फसल अधिसूचित है। योजना के तहत् बीमा की इकाई ग्राम निर्धारित किया गया है।

By: Nitin Dongre

Updated: 24 Jul 2020, 07:54 AM IST

राजनांदगांव. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। जिसके तहत् मौसम खरीफ में धान सिंचित, धान असिंचित, सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग तथा मौसम रबी में गेहूं सिंचित, गेहूं असिंचित, चना, अलसी, सरसों फसल अधिसूचित है। योजना के तहत् बीमा की इकाई ग्राम निर्धारित किया गया है। जिसमें बीमित किसानों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि अनावारी के आधार पर तय नहीं होती है। अपितु फसल कटाई प्रयोग के आधार पर तय होती है।

किसानों में इसके संबंध में भ्रम है कि अनावारी के आधार पर फसल बीमा की क्षतिपूर्ति तय होती हैं, लेकिन एैसा नहीं है। इसके लिए भू-अभिलेख द्वारा जारी रेण्डम नंबर से चयनित खसरा में निर्धारित संख्या में फसल कटाई प्रयोग किया जाता है। इसके लिए प्रत्येक बीमित गांव में बीमित फसल के लिए 2 फसल कटाई प्रयोग पटवारी द्वारा तथा 2 फसल कटाई प्रयोग ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा किए जाते है। इस प्रकार समग्र रूप से 4 प्रयोगों के औसत से फसल की वास्तविक उपज निकाली जाती है। इस वास्तविक उपज की पूर्व से निर्धारित थ्रेस होल्ड उपज से तुलना करते है।

बीमित फसल में थ्रेसहोल्ड उपज अलग-अलग निर्धारित

बीमित क्षेत्र के बीमित फसल के विगत 7 वर्षों में से उच्चतम 5 वर्षों के औसत उपज को थ्रेस होल्ड उपज कहते है। इस थ्रेसहोल्ड उपज से वास्तविक उपज में जितने प्रतिशत की कमी आती है। इसके आधार से फसलवार बीमा राशि तय होती है। प्रत्येक गांव की बीमित फसल में थ्रेसहोल्ड उपज अलग-अलग निर्धारित होता है। यदि धान असिंचित में बीमित राशि 35 हजार 500 रूपए प्रति हेक्टेयर है। किसी एक ग्राम के धान असिंचित फसल का थ्रेसहोल्ड उपज 1503 किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर जिसमें एक किसान के द्वारा अपने 1 हेक्टेयर फसल का बीमा कराया गया है। जिसमें इस ग्राम के फसल कटाई में उपज 544.16 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर आता है तो आंकलन के बाद इसमें उपज में कमी 63.79 प्रतिशत होगी। जिसमें गणना करने पर एक हेक्टेयर में किसान को 22 हजार 645 रूपए बीमा राशि प्राप्त होगा।

एक हेक्टेयर फसल का बीमा कराया गया

इसी प्रकार यदि धान सिंचित में बीमित राशि 44 हजार रूपए प्रति हेक्टेयर है। किसी एक ग्राम के धान सिंचित फसल का थ्रेसहोल्ड उपज 1961 किलो ग्राम प्रति हेक्टेयर जिसमें एक किसान के द्वारा अपने 1 हेक्टेयर फसल का बीमा कराया गया है। जिसमें इस ग्राम के फसल कटाई में उपज 1044 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर आता है तो आंकलन के बाद इसमें उपज में कमी 46.76 प्रतिशत होगी। जिसमें गणना करने पर 1 हेक्टेयर में किसान को 20 हजार 575 रूपए बीमा राशि प्राप्त होगा। यदि फसल कटाई से प्राप्त वास्तविक उपज, थ्रेसहोल्ड उपज से अधिक होने की स्थिति में दावा राशि की पात्रता नहीं बनेगी।

आधार कार्ड अनिवार्य

योजना के तहत् आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। प्राय: देखने में आया है कि किसानों के द्वारा आधार कार्ड में नाम एवं अन्य जानकारी सुधार कराया गया है, परन्तु सुधार किया हुआ आधार कार्ड की प्रति बैंक/वित्तीय संस्थाओं में जमा नहीं किया जाता है। जिसके कारण से फसल बीमा पोर्टल में किसानों की एन्ट्री करने में बैंकों को समस्या आती है। सुधार किया गया आधार कार्ड बैंक में जमा नहीं करने की स्थिति में फसल बीमा नहीं किया जा सकेगा।

Nitin Dongre Desk
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