जब फौजी पिता को तीन साल की मासूम बेटी ने दी मुखाग्नि तो रो पड़ा पूरा गांव, श्मशान में सिसकने लगे लोग

डोंगरगांव थानाक्षेत्र के बड़भूम निवासी फौजी पिता को जब उसकी तीन साल की मासूम बेटी ने मुखाग्रि दी तो पूरा गांव रो पड़ा। आंसुओं के सैलाब के बीच जवान को अंतिम विदा देने हर उम्र के लोग श्मशान घाट पहुंचे।

By: Dakshi Sahu

Updated: 30 Dec 2018, 12:02 PM IST

राजनांदगांव/डोंगरगांव. जिले के डोंगरगांव थानाक्षेत्र के बड़भूम निवासी फौजी पिता को जब उसकी तीन साल की मासूम बेटी ने मुखाग्रि दी तो पूरा गांव रो पड़ा। आंसुओं के सैलाब के बीच जवान को अंतिम विदा देने हर उम्र के लोग श्मशान घाट पहुंचे। शुक्रवार को कोण्डागांव में पदस्थ सीआरपीएफ जवान भोलाशंकर साहू ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर लिया था। जिसका शव शनिवार को गृहग्राम लाया गया। जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।

परिजनों को मौत पर संदेह
जवान के आत्महत्या के संबंध ने पुलिस ने परिजनों को बताया कि अपने सर्विस राइफल से खुद पर गोली चलाई है। ये बात जवान के परिजनों के गले से नीचे नहीं उतर रही। मौत पर संदेह जता रहे हैं। जवान के पार्थिव शरीर का शनिवार को उसके गृहग्राम बड़भूम में अंतिम संस्कार किया गया। जवान को उसकी तीन साल की मासूम बेटी हितांशी ने मुखाग्नि दी।

जवान के पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में मातम
जवान भोलाशंकर के पार्थिव शरीर को कोण्डागांव से शुक्रवार की सुबह उसके पैतृक गांव बड़भूम लाया गया। पार्थिव शरीर के आते ही गांव में मातम पसर गया। वहीं उसके परिजनों का रो -रो कर बुरा हाल है। पत्नी पति के शव को देखकर बदहवास हो गई थी। जवान की मृत्यु से पूरा गांव शोकमय है और ग्रामीणों का यह यकीन नहीं हो रहा है कि उसने आत्महत्या की है।

भोलाशंकर साहू के परिवार के ही उनके भाई ने उनकी मृत्यु पर संदेह जाहिर किया है। उनका और परिवार वालों का मानना है कि भोला को परिवार या उनकी निजी जिंदगी से कोई भी परेशानी थी और ना ही ड्यूटी में उसने कोई तकलीफ बताया था। भोला को सीआपीएफ में नौकरी करते करीब 12 वर्ष बीत चुके थे। अब इतनी बड़ी घटना की वजह किसी के गले नहीं उतर रहा है। उन्होंने बताया कि उनके कैंप से किसी ने भी कोई अधिक जानकारी नहीं दी है। घटना से पूरा परिवार सकते में है।

अंतिम संस्कार में शामिल हुआ पूरा गांव
शनिवार को जवान भोलाशंकर का अंतिम संस्कार गांव के मुक्तिधाम में किया गया। जवान के परिवार और मित्रों से मिली जानकारी के अनुसार भोलाशंकर 4-5 दिनों की छुट्टी में अपने घर बड़भूम आया था। परिवार वालों से मिलने के बाद 26 दिसबर को अपनी ड्यूटी में लौट गया था। इधर घरवालों को अंदाजा भी नहीं था कि ऐसी घटना घट जाएगी। उन्होंने बताया कि भोलाशंकर की एकलौती बेटी हितांशी का 6 जनवरी को जन्मदिन है। जवान अपनी बेटी की जन्म दिन में आने वाला था।

चर्चा मुझसे नहीं की
टीआई डोंगरगांव गिरीश तिवारी ने बताया कि यह मामला कोंडागांव का है। परिवार वालों को शंका है, तो जांच के लिए संबंधित थाने में आवेदन दे सकते हैं। मैं जवान के घर गया था। उसके परिवार वालों ने ऐसी कोई चर्चा मुझसे नहीं की है।

Dakshi Sahu Desk/Reporting
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