बड़ी राहत: कोरोना मृतक अनुदान के लिए अब CDS प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म, समिति करेगी सर्टिफिकेट पर हस्ताक्षर

आवेदकों को सीडीएसी (मृत्यु विनिश्चियन समिति) का प्रमाण पत्र जमा करने की बाध्यता से छूट दी गई है। आवेदन जमा होने के बाद सारे आवेदन एक साथ इस समिति को भेजे जाएंगे और समिति एक साथ इस प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर करेगी।

By: Dakshi Sahu

Published: 11 Oct 2021, 04:48 PM IST

राजनांदगांव. कोरोना से मृत (Coronavirus Death in Chhattisgarh) व्यक्तियों के परिजनों को आर्थिक अनुदान के लिए यहां आवेदन जमा करने वालों के लिए प्रशासन ने बडी़ राहत दी है। आवेदकों को सीडीएसी (मृत्यु विनिश्चियन समिति) का प्रमाण पत्र जमा करने की बाध्यता से छूट दी गई है। अब आवेदन जमा होने के बाद सारे आवेदन एक साथ इस समिति को भेजे जाएंगे और समिति एक साथ इस प्रमाण पत्र में हस्ताक्षर करेगी।

रिकॉर्ड में अलग-अलग हैं मौत के आंकड़े
राजनांदगांव जिले में कोरोना से बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं। सरकारी रिकार्ड से परे बात की जाए तो एक अनुमान के अनुसार करीब डेढ़ हजार लोगों की मौत कोरोना संक्रमण के चलते हुई है लेकिन सरकारी रिकार्ड इससे काफी कम हैं। हालांकि जिले और राज्य के आंकड़ों में भी अंतर की स्थिति है। जिले के रिकार्ड के अनुसार कोरोना से अब तक 526 लोगों की मौत हुई है जबकि राज्य के आंकड़ों में यहां 515 लोगों की जान कोरोना ने ली है।

मिलेगी इतनी राशि
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कोरोना से मृत लोगों के परिजनों को 50 हजार रुपए अनुदान देने का फैसला सरकार ने लिया है। इसके बाद मृतकों के परिजनों से आवेदन लिए जा रहे हैं। यदि जिला स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध 526 मृतकों की सूची के आधार पर बात करें तो जिले में 2 करोड़ 63 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा।

जमा हो रहे आवेदन
राजनांदगांव जिला मुख्यालय में नगर निगम सीमा क्षेत्र के लोगों के लिए नगर निगम में और ब्लाक के लोगों के लिए तहसील कार्यालय में काउंटर बनाकर आवेदन लिए जा रहे हैं। इसी तरह अन्य ब्लाक मुख्यालयों में आवेदन लिया जा रहा है। शुक्रवार तक नगर निगम राजनांदगांव से करीब 180 लोगों ने आवेदन लिया था और इनमें से सवा सौ से ज्यादा ने आवेदन जमा भी कर दिया था।

अनुदान राशि के लिए आवेदकों को अन्य वांछित जानकारी के साथ सीडीएसी द्वारा जारी कोविड 19 से मृत्यु के संबंध में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने कहा गया था। इस प्रमाण पत्र के लिए लोगों को परेशानी हो रही थी और नगरीय निकाय या तहसील से आवेदन पत्र लेने के बाद स्वास्थ्य विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे थे। इसके बाद भी लोगों को यह प्रमाण पत्र नहीं मिल पा रहा था। इस समस्या का हल निकालते हुए प्रशासन ने आवेदनों के जमा होने के बाद समिति की बैठक कर एक साथ सभी आवेदनों की जांच कर प्रमाण पत्र तैयार करने का फैसला लिया है।

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