एसी कमरे में बैठकर ही कर दिया वार्डों का परिसीमन, नगर निगम में ऐसे ही चल रहा काम ...

नियमों को ताक में रखकर बनाया गया नया वार्ड

राजनांदगांव. शहर में हुए वार्डों के परिसीमन में निगम प्रशासन ने सारे नियम कायदों की जमकर धज्जियां उड़ाई है। निगम के जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी वार्डों की वस्तुस्थिति जानने के बजाय दफ्तर के एसी कमरा में बैट कर परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण कार्य को किया है। निगम की अंधेरगर्दी यह है कि नियमों को ताक में रक कर 398 मतदाता संख्या वाला नया वार्ड बना दिया गया है। जबकि में वार्ड में मतदाताओं की संख्या कम से कम 2000 के आसपास होनी चाहिए।

राज्य शासन द्वारा कुछ समय पहले नगरीय निकाय चुनाव को लेकर शहर में वार्डों का परिसीमन व सीमांकन कराया गया । परिसीमन कार्य में निगम प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। निगम के अधिकारियों द्वारा सारे नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हुए वार्ड 21 मेडिकल कॉलेज वार्ड नया बनाया गया है। इस वार्ड में मतदाताओं की संख्या मात्र 398 ही है।

मैप में आवासों की संख्या देख कर आंकलन

मिली जानकारी के अनुसार निगम के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा परिसीम कार्य मैप के जरिए वार्ड में आवासों की संख्या देख कर जनसंख्या के आधार पर नया वार्ड बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि नए बनाए गए मेडिकल कॉलेज वार्ड में आवासों की संख्या मैप में 1072 दिखा रहा है। निगम के अधिकारियों द्वारा आवास संख्या में प्रति घर 2 से 3 सदस्य का आंकलन कर नया वार्ड बनाया गया। सीमांकन के बाद मतदाता सूची जारी होने पर इस वार्ड में मतदाताओ्ं की संख्या सिर्फ 398 सामने आया है। ऐसे में निगम के कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।

राजनीतिक पार्टियों पर भी उठ रहा सवाल

परिसीमन बाद मतदाता सूची जारी की गई। इस दौरान दावा आपत्ति के लिए भी समय दिया गया था। बावजूद इसके किसी भी राजनानीतिक पार्टी का इस गंभीर मामले में ध्यान नहीं गया। जबकि प्रदेश में सत्ताधारी दल कांग्रेस द्वारा इस संबंध में जिला प्रशासन से दावा आपत्ति के लिए समय की मांग भी की गई थी। वहीं विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने भी इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई।

कार्रवाई की मांग की जाएगी

निगम अध्यक्ष शिव वर्मा ने कहा कि यह एक बहुत ही गंभीर मामला है। निगम के अधिकारी- कर्मचारी परिसीमन के समय वार्डों का भौगोलिक स्थिति जानने के बजाय दफ्तर में बैठ कर काम किए हैं। मामले की शिकायत कलक्टर व राज्य शासन से करेंगे और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की जाएगी।

Nitin Dongre
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned