नेटवर्क की समस्या बन रही थी बच्चों की पढ़ाई में रूकावट तो दिव्यांग शिक्षक लडखड़़ाते हुए खुद पहुंच गए मोहल्ला क्लास लेने

Mohalla class in Rajnandgaon: कोरोना महामारी के कारण स्कूल अनिश्चित काल के लिए बंद है, तब बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए बिरसिंगटोला के दिव्यांग शिक्षक दिलीप कुमार तारम ने मोहल्ला क्लास की कमान संभाली है।

By: Dakshi Sahu

Published: 28 Oct 2020, 12:07 PM IST

राजनांदगांव. ऐसे समय में जब कोरोना महामारी (covid-19) के कारण स्कूल अनिश्चित काल के लिए बंद है, तब बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए बिरसिंगटोला के दिव्यांग शिक्षक दिलीप कुमार तारम ने मोहल्ला क्लास की कमान संभाली है। अपंगता के चलते दिव्यांग टीचर ठीक से चल नहीं पाते लेकिन एक गुरु के नाते अपनी जिम्मेदारी निभाना बखूबी जानते हैं। देश का नन्हा भविष्य बिना पढ़े पीछे न रह जाए इसलिए हर रोज सबसे पहले पहुंचकर बच्चों के लिए मोहल्ला क्लास की पूरी तैयारी करते हैं। ताकि हर दिन एक नई शुरूआत के साथ बच्चों के अंदर विद्या और संस्कार की नींव डाल सके। लडखड़़ाते कदमों से चलते हुए जब वे मोहल्ला क्लास में पहुंचते हैं तो बच्चे भी अपने गुरु के सम्मान में तालियां बजाते हैं।

नलाइन पढ़ाई में नेटवर्क बनी बड़ी समस्या
ककईपार संकुल समन्वयक घनश्याम देशमुख ने बताया कि उनके संकुल में मोबाइल नेटवर्क की काफी समस्या है फिर भी शिक्षकों ने अधिक से अधिक बच्चो को ऑनलाइन क्लास से जोडऩे का प्रयास किया। इसी तरह अब मोहल्ला क्लास के माध्यम से शत प्रतिशत बच्चों को नियमित पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है।

कोरोनाकाल में छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग पढ़ई तुंहर दुआर योजना ले कर आई है। इस योजना के अंतर्गत गांव-गांव में पारा मोहल्ला क्लास का संचालन किया जा रहा है। मोहल्ला क्लास के माध्यम से बच्चों को सुरक्षित उनके घरों के आसपास कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। गोटाटोला जोन मीडिया प्रभारी शेख अफजल ने बताया कि मोहला वनांचल में भी पढ़ई तुंहर दुआर को कामयाब बनाने विशेष प्रयास किया जा रहा है।

रंग लाने लगी शिक्षकों की मेहनत
ककईपार संकुल के मिडिल स्कूल बिरसिंगटोला में भी मोहल्ला क्लास का संचालन नियमित और सुचारू रूप से किया जा रहा है। बिरसिंगटोला में मोहल्ला क्लास की कमान सम्भाल रखी है शाला के दिव्यांग शिक्षक दिलीप कुमार तारम और साथी शिक्षक बाबू लाल गावड़े ने, और उनका साथ दे रहे है शिक्षा सारथी फगेश कुमार उसेंडी और चंद्रिका सलामे। ककईपार संकुल के केशला, मचांदुर, बागदो, कुम्हली, बोगाटोला, भूरसाटोला, मटेवा, ककईपार, अद्मगोंदी, मिरेपारा के प्राथमिक और मिडिल स्कूल के साथ प्राथमिक शाला बिरसिंगटोला में भी शिक्षकों और शिक्षा सारथियों द्वारा नियमित मोहल्ला क्लास लिया जा रहा है। संकुल के शिक्षकों की कड़ी मेहनत और लगन का नतीजा है कि मोहल्ला क्लास से वनांचल के बच्चे निरंतर लाभान्वित हो रहे हैं।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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