सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मरीजों से कर रहे दुव्र्यवहार, शिकायत

Govind Sahu

Publish: May, 18 2018 12:03:56 PM (IST)

Rajnandgaon, Chhattisgarh, India
सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मरीजों से कर रहे दुव्र्यवहार, शिकायत

युवाओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग रखी है

राजनांदगांव / डोंगरगांव. स्थानीय सरकारी अस्पताल में अव्यवस्था तथा अस्पताल में अस्थायी तौर पर पदस्थ महिला-पुरूष एमबीबीएस डॉक्टरों द्वारा मरीजों व उनके परिजनों के साथ किए जा रहे दुव्र्यवहार के विरूद्ध नगर के युवाओं ने मोर्चा खोलते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मेडिकल से सांठगांठ
युवाओं ने बताया कि अस्पताल में लंबे समय से मरीजों को बाहर की दवाई लिखी जा रही है। इसके लिए अस्पताल के समीप स्थित मेडिकल दुकान की पर्चियों का उपयोग हो रहा है। जबकि, शासन द्वारा मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए अस्पताल परिसर में ही जनऔषधि केन्द्र खोला गया है और डॉक्टरों को यह भी निर्देश है कि जनऔषधि केन्द्र की ही दवाई लिखी जाए, लेकिन सरकारी अस्पताल में ऐसा कम ही होता है। वहीं जनऔषधि केन्द्र सतत मानिटरिंग नहीं होने से यहां सदैव दवाईयों का अभाव बना रहता है।

एक ही दवाई को दो बार लिख दिया
पार्षद रोहित गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में पदस्थ एक एमबीबीएस डॉक्टर द्वारा अपना इलाज करवाने पहुंची एक युवती को चेकअप के बाद प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स की पर्ची दी गई और उस पर एक ही दवाई को दो बार लिख दिया गया। इस संबंध में जब परिजनों व नगर के कुछ युवा जनप्रतिनिधियों ने उक्त एमबीबीएस डॉक्टर से बात की तो उनके साथ ही उलझ गए और दुव्र्यवहार किया तथा धमकी दी।

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
इसके अलावा अन्य छोटी-छोटी बातों को लेकर यदा-कदा यहां नवपदस्थ डॉक्टरों द्वारा मरीजों के साथ दुव्र्यवहार की शिकायतें आती रहती है। युवा पार्षद ने चेतावनी दी है कि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

जताई नाराजगी
ज्ञापन सौंपने वालों में लोकेश यदु, प्रफुल्ल जैन राजा, गिरिजाशंकर उके, गोविन्दा राजपूत, चुम्मन साहू, टामन साहू, लक्ष्मीनारायण सेन, नवनीत अहीर, मनोज बघेल, आशीष कामड़े, राहुल गुप्ता, राजिक बडग़ुजर सहित अन्य युवा उपस्थित थे।

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