डबल एमए वाले युवक खोदे मिट्टी और 10वीं पास युवक से करा रहे मैट का काम, हुई शिकायत

ग्राम बरनाराकला में रोजगार सहायिका की मनमानी, मनरेगा मजदूरों से बंधवाई अपने खेत की मेड़

By: Nakul Sinha

Updated: 24 May 2020, 05:29 AM IST

राजनांदगांव / डोंगरगढ़. डोंगरगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बरनाराकला में इन दिनों रोजगार सहायक स्पांजली शर्मा की मनमानी चरम सीमा पर है जिसका प्रमाण बरनाराकला के ही निवासी अनिल पिता बिहारीलाल ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से शिकायत करके दिया है। हाल ही में अनिल साहू ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत करते हुए रोजगार सहायिका स्पांजली शर्मा की मनमानी पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है। शिकायत के माध्यम से अनिल ने बताया कि मनरेगा कार्य के अंतर्गत मैट कार्य के लिए आवेदन किया था जिसके बाद 29 अप्रैल से 4 मई तक चिद्दों तालाब गहरीकरण कार्य में दो मैट को काम दिया गया जिसमें एक सुदर्शन पिता फेरुराम व अनिल पिता बिहारीलाल शामिल था लेकिन दूसरे सप्ताह में अनिल का नाम काट दिया गया और सुदर्शन को यथावत रखा गया।

मेरा व्यक्तिगत मामला
अनिल के द्वारा नाम काटने का कारण पूछने पर रोजगार सहायिका द्वारा तरह तरह के बहानेबाजी की गई पहले तो कहा गया कि प्रत्येक सप्ताह में मेट को बदलने का नियम बताया गया, फिर सुदर्शन को पुराना होने के कारण रखने की बात कही गई। कभी कहा गया यह मेरा व्यक्तिगत मामला है और आखिरी में कहा गया कि आप मजदूरों से वार्तालाप एवं डॉट फटकार नहीं लगाने का आरोप लगाते हुए दूसरे सप्ताह भी उन्हें कार्य से वंचित कर दिया गया।

हंस चुगेगा दाना और कौआं मोती खाएगा
रोजगार सहायिका अपनी मनमानी करते हुए हंस चुगेगा दाना और कौआ मोती खाएगा वाली कहावत को चरितार्थ कर रही हैं। अनिल साहू के द्वारा तालाब गहरीकरण कार्य के तीसरे सप्ताह फिर से मेट कार्य के लिए आवेदन करने पर डबल एमए किए हुए अनिल को मिट्टी खोदने का कार्य दिया गया और 10वीं पास सुदर्शन को लगातार तीसरे सप्ताह भी मेट का कार्य दिया गया है। यही नहीं अनिल के द्वारा ड्रेसिंग कार्य करने के दौरान मेट सुदर्शन से अनिल की हाजिरी नहीं भरने की बात कही और अनिल को लगातार तीसरे सप्ताह भी कार्य से वंचित कर दिया गया।

मनरेगा के मजदूरों से बंधवाई खेत की मेड़
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चिद्दों तालाब गहरीकरण कार्य में लगे मजदूरों में से ही रोजगार सहायिका ने देवकुमार पिता जगदीश, आशोबाई पति जगदीश, पवन बाई पति सन्तु व ओम बाई पति पन्नालाल से अपने खेत की मेड़ बंधवाने का कार्य करवाया जो पूर्णत: नियम विरूद्ध है। अब सवाल यह भी उठता है कि जब प्रत्येक सप्ताह में मेट को बदलने का नियम है तो क्या वह नियम सुदर्शन के ऊपर लागू नहीं होता।

रोजगार सहायिका की मर्जी- सीईओ
हैरानी की बात तो यह है कि जिस मुख्य कार्यपालन अधिकारी कचलाम के पास अनिल साहू अपनी फरियाद लेकर गए थे वह हिटलर के सहयोगी निकल गए और उल्टा अनिल को ही अपनी शिकायत को खामोशी के संदूक में रखने की सलाह दे दी। यानी रोजगार सहायिका पर कार्रवाई करने के बजाय कहा गया कि रोजगार सहायिका की मर्जी वह जिसे चाहे काम पर रखे जिसे चाहे निकाले।

Nakul Sinha Desk
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned