सिस्टम नहीं बनने से हिमालय की तराई पर पहुंची द्रोणिका, बारिश पर लगा ब्रेक

सिस्टम नहीं बनने से हिमालय की तराई पर पहुंची द्रोणिका, बारिश पर लगा ब्रेक

Nitin Dongre | Updated: 14 Jul 2019, 05:10:15 AM (IST) Rajnandgaon, Rajnandgaon, Chhattisgarh, India

अषाढ़ बीत रहा सूखा, अब सावन से किसानों को आस

राजनांदगांव. मौसम की बेरुखी से पूरा अषाढ़ के लगभग सूखा बीतने के आसार है। शुरुआती दौर में कुछ दिनों तक बारिश हुई। किसान अच्छी बारिश होने के उम्मीद पर धान, सोयाबनी व अन्य खरीफ फसल की बोनी कर चुके हैं लेकिन बारिश नहीं होने से बोनी किए धान व सोयाबीन की फसलें मरने के कगार पर पहुंच चुकी हंै।

मौसम विभाग विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सिस्टम नहीं बनने से द्रोणिका हिमालय की तराई में पहुंच गई है। इसकी वजह से बारिश पर ब्रेक लग गया है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में झमाझम बारिश के लिए 19 से 20 जुलाई तक इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग 20 जुलाई के बाद झमाझम बारिश का अनुमान लगा रहा है।

19 से 20 जुलाई तक इंतजार

मौसम विभाग के आंकड़ों में मानसून का इंतजार कर रहे लोगों के लिए पूरा अषाढ़ का महीना निराशा भरा रह सकता है। 16 जुलाई मंगलवार को आषाढ़ की समाप्ति हो रही है। 17 जुलाई से सावन माह का आगाज होने वाला है। मौसम विभाग द्वारा झमाझम बारिश के लिए 19 से 20 जुलाई तक का इंतजार बताया जा रहा है। ऐसे में आषाढ़ माह सूखा बीतने का अनुमान है। अभी भी आसमान से बारिश का नामोनिशान नहीं है। ऐसे में सावन के बारिश से सराबोर होनेे की आस लगाए किसान भगवान शिव से भी अच्छी बारिश की प्रार्थना कर रहे हैं।

बदली छाने के बाद नहीं हो रही बारिश

पिछले कुछ दिनों से आसमान में बदली छाई रहती है, लेकिन बारिश का नामोनिशान नहीं है। जिले में पिछले सप्ताह भर से पानी का बूंद नहीं गिरा है। इससे किसानों के चेहरे में मायूसी झलक रही है। कुछ समय पहले छिपुछ बारिश के बाद किसान धान की बोनी कर चुके हैं। बारिश नहीं होने की वजह से धान की फसले मरने की कगार पर पहुंच गई है। वहीं दूसरी ओर किसान जहां धान रोपाई को लेकर तेज बारिश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं मौसम विभाग अच्छी बारिश के लिए चार से पांच दिन इंतजार का हवाला दे रहा है। फिलहाल किसान अच्छी बारिश के इंतजार में है।

3 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान

खरीफ फसलों में जिले भर में 3 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान के फसल की बोनी होनी है। वहीं करीब 30 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन का दायरा है जिसमें आधे से अधिक किसान धान, सोयाबनी व अन्य फसलों की बोनी कर चुके हैं। अषाढ़ में औसत से कम बारिश होने की वजह से कुछ क्षेत्रों में बोनी का काम भी बचा हुआ है। रोपाई करने वाले किसानों का धान का धरहा तैयार हो गया है। इन किसानों को तेज बारिश का इंतजार है।

सक्रिय होगा मानसून

मौसम विशेष रायपुर से आरके वैश्य ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सिस्टम नहीं बनने से द्रोणिका हिमालय की तराई में पहुंच गई है। इसकी वजह से बारिश नहीं हो रही है। 19 से 20 जुलाई के बीच चक्रवात का सर्कुलेशन बन रहा है। इसके बाद मानसून सक्रिय हो जाएगा और तेज बारिश होगी।

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