कर्मचारी जलाएंगे ज्योति कलश, संकल्प भी वही लेंगे, दर्शन होंगे ऑनलाइन ...

वायरस को भगाने होगा शतचंडी पाठ

डोंगरगढ़. प्रदेश के सबसे बड़े तीर्थ क्षेत्र माई की नगरी डोंगरगढ़ में बुधवार 25 मार्च से प्रारंभ हो रहे सबसे बड़े धार्मिक आयोजन नवरात्रि पर्व की तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। कोरोना वायरस के चलते पर्व पूजा पाठ, यज्ञ हवन व धार्मिक आयोजन तक सीमित रहेगा। इसके लिए ट्रस्ट ने विशेष व्यवस्था की है। इस बार भक्त मां के दर्शन ऑनलाईन कर सकेंगे। मौजूदा स्थिति को देखते हुए ट्रस्ट ने भक्तों से संयम की अपील की है। ट्रस्ट के मंत्री नवनीत तिवारी ने बताया कि इस पर्व में ज्योति कलशों की संख्या में कमी आई है। गत वर्ष चैत्र नवरात्रि पर्व में ऊपर मंदिर में 6500 नीचे मंदिर में 911 तथा शीतला मंदिर में 61 ज्योति कलश स्थापित हुए थे किंतु कोरोना वायरस के चलते इस वर्ष ऊपर मंदिर में 4700, नीचे मंदिर में 700 से कम तथा शीतला मंदिर में 51 ज्योति कलश ही प्रज्वलित होंगे।

माता की पूजा अर्चना के लिए ट्रस्टियों के अलावा सेवादार, पुजारी व पर्व के दौरान बुलाए जाने वाले पंडित ही सेवा में रहेंगे। ट्रस्ट मंडल द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार प्रथम दिन ज्योति कलश पूजन का कार्यक्रम पूर्व की भांति ही होगा। पूर्व निर्धारित निश्चित समय पर ट्रस्ट के कर्मचारी स्वयं संकल्प लेंगे तथा ज्योति कलश भी प्रज्वलित करेंगे। मंदिर के सभी कर्मचारी 11 दिनों तक स्थाई रूप से ऊपर मंदिर व नीचे मंदिर मे ही रहेंगे। वे अपने घरों को नहीं जा सकेंगे। ऐसा कोरोना वायरस के चलते सुरक्षा की दृष्टि से किया गया है।

आय में होगी भारी कमी

ट्रस्ट मंडल को प्रत्येक नवरात्रि पर्व में डेढ़ से दो करोड़ रुपए की आय होती है। यह आय मूलत: ज्योति कलश, रसीद, दान, नारियल, श्रीप्रसाद, लाडू प्रसाद, पार्लर, कैंटीन, झालर आदि से प्राप्त होती है। इस बार कोरोना वायरस के चलते ट्रस्ट को खासा नुकसान होगा। हालांकि मेला नहीं लगने के चलते ट्रस्ट मंडल के खर्च में भी कटौती होगी।

वायरस को भगाने होगा शतचंडी पाठ

सीढिय़ों पर व्यवस्था के लिए स्थाई सेवादार अभी से साफ -सफाई का ध्यान रखे हुए हैं। ऊपर व नीचे मंदिर परिसर को प्रतिदिन सैनिटाइज कराया जा रहा है। पूजा पाठ के लिए ऊपर वह नीचे यज्ञ स्थल में प्रकांड पंडित श्रद्धालुओं के लिए एवं कोरोना वायरस को दूर भगाने का संकल्प लेकर शतचंडी पाठ, धार्मिक अनुष्ठान व शतचंडी यज्ञ करेंगे दुर्गा सप्तसती का पाठ भी होगा।

दुकानदारों की रोजी-रोटी भी होगी प्रभावित

माई की नगरी में ऊपर मंदिर से लेकर छीरपानी परिसर तक 200 से अधिक स्थाई दुकानें हैं जो गत 16 मार्च से ही बंद है और पूरे नवरात्रि पर्व के दौरान बंद रहेंगी। इन दुकानों में 400 से अधिक परिवारों का भरण पोषण पालन नियमित रूप से होता है। इस बार दुकानें बंद होने के कारण इनका माल भी जाम हो गया और आय भी शून्य हो गई। अत्यधिक हानि के चलते यह लोग खासे परेशान हैं।

ट्रस्ट ने दिया दर्शनार्थियों को संयम का संदेश

ट्रस्ट के अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल व मंत्री नवनीत तिवारी सहित सभी ट्रस्टियों ने माता के लाखों दर्शनार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि मंदिर के प्रति लोगों की आस्था जुड़ी हुई है। उनके लिए यज्ञ, हवन ,पूजा पाठ नियमित रूप से चलेगा। वे अपने स्थान से ही प्रार्थना करें माता के ऑनलाइन दर्शन करके कामना करें कि सब ठीक हो।

नहीं होंगे भंडारे

प्रदेश के सबसे बड़े इस धार्मिक आयोजन मे रायपुर से लेकर माई की नगरी तक लगने वाले सैकड़ों भंडारे इस पर्व के दौरान पहली बार नहीं होंगे। अंजोरा से लेकर डोंगरगढ तक लगने वाले 50 से अधिक भंडारे सहित छीरपानी प्रांगण में भी शिव शक्ति सेवा संघ व सिंध नवयुवक मंडल तीन-तीन दिनों तक, अग्रवाल समाज द्वारा 2 दिनों तक, यादव समाज राजनांदगांव व नवयुवक मंडल एक-एक दिन तक का भंडारा इस बार नहीं होगा।

प्रशासन ने उठाये कड़े कदम

महाराष्ट्र में कोरोना ने पहले पैर पसार लिए हैं इसलिए महाराष्ट्र की ओर से आने वाले सभी मार्गों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से माता के श्रद्धालुओं से विशेष रूप से अपील की है कि कोरोना को लेकर सतर्क रहें।

तैनात रहेगी फोर्स

मंदिरों की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने दर्शनार्थियों के लिए पहले ही प्रतिबंध लगाया है लेकिन 25 मार्च से बड़ी संख्या में पुलिस जवान यहां तैनात रहेंगे क्योंकि आव्हान के बाद भी यदि किसी तरह से भीड़ जुटती है तो उसे रोका जा सके। नगर के अन्य धार्मिक स्थलों मस्जिद, चर्च, गुरुद्वारा पर भी लोगों को सामान्य दिनों की तरह दर्शन पर रोक लगाई गई है।

Nitin Dongre Desk
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