Breaking: बागनदी जंगल में लगी भीषण आग, लोगों की सूचना पर भी नहीं पहुंचा वन विभाग का अमला, Video

Dakshi Sahu

Publish: Mar, 14 2018 12:37:18 PM (IST)

Rajnandgaon, Chhattisgarh, India
Breaking: बागनदी जंगल में लगी भीषण आग, लोगों की सूचना पर भी नहीं पहुंचा वन विभाग का अमला, Video

बागनदी बस्ती से लगी पहाड़ी पर मंगलवार की शाम अचानक आग लगने से कई हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया।

राजनांदगांव/सड़क चिरचारी/बागनदी. नेशनल हाइवे पर पर्यटन स्थल मनोहर सागर जलाशय और बागनदी बस्ती से लगी पहाड़ी पर मंगलवार की शाम अचानक आग लगने से कई हेक्टेयर जंगल जलकर राख हो गया।

रात भर जंगल आग से घिरा रहा और वन अमले को इसकी खबर तक नहीं लगी। इससे पहले सोमवार को भी पहाड़ी पर आग लगी थी, जिसे वन अमले ने बुझाया था। पहाड़ी से ठीक नीचे बस्ती है, ऐसे में आगजनी से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

बागनदी क्षेत्र की पहाड़ी में दो सौ हेक्टेयर से ज्यादा इलाका जंगल से घिरा है। गर्मी की शुरूआत में ही इस जंगल में आगजनी की घटनाएं हो रही हैं और वन अमला जंगल को इस तरह की आपदा से बचाने के लिए सचेत नहीं है। अभी तीन दिनों में दो बार पहाड़ी पर आग लग चुकी है।

सोमवार की आग पर तो वन विभाग ने काबू पा लिया था लेकिन मंगलवार की शाम को जंगल में आग लगी थी जो पूरी रात कायम रही। सुबह के वक्त आग खुद ब खुद शांत हुई, तब कहीं जाकर नीचे बस्ती के लोगों ने राहत की सांस ली।

बागनदी संवाददाता पाली नायडू और चिचोला संवाददाता सूरज लहरे ने बताया कि पर्यटन स्थल मनोहर सागर जलाशय और बागनदी बस्ती से लगा पहाड़ी पर मंगलवार शाम को लगभग साढ़े 5 बजे अज्ञात कारणों से आग लगी रही और रात भर जलती रही। इस दौरान नीचे बस्ती में रहने वाले लोग दहशत में रहे। गनीमत कि आग की चपेट में बस्ती नहीं आई, वरना परिणाम खौफनाक हो सकता था।

छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा में नेशनल हाईवे पर बागनदी में मशहूर पर्यटन स्थल मनोहर सागर जलाशय है। इस जलाशय और बागनदी बस्ती से लगी पहाड़ी पर अचानक शाम को आग लग गई जो हवा के झोकों के साथ साथ भीषण आग में तब्दील हो गई और पहाड़ी में रात भर आग लगी रही।

इस आगजनी में कई छोटे बड़े पेड़ पौधे और जीव जन्तु को क्षति पहुंचने की आशंका है। बस्ती से लगा वन परिक्षेत्र बागनदी का आफिस है जहां डिप्टी रेंजर सहित अन्य 5-6 वन कर्मचारी मौजूद रहते हैं पर न किसी को आगजनी की खबर मिली और न ही कोई आग बुझाने पहुंचा।

 

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आग इतना भीषण थी कि रात में 3-4 किलोमीटर दूर से स्पष्ट देखा जा सकता था। लोगों ने आगजनी की सूचना देने के लिए डिप्टी रेंजर को उनके मोबाइल में फोन भी लगाया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

एक दिन पहले 2 हेक्टेयर जंगल राख
पत्रिका ने आगजनी को लेकर डिप्टी रेंजर संजूलाल उसारे से बात की तो उन्होंने मंंगलवार रात की आगजनी की घटना की जानकारी होने से इंकार किया। अलबत्ता उन्होंने कहा कि सोमवार को पहाड़ी पर आग लगी थी, जिसे वन अमले ने काबू पाया था। उन्होंने बताया कि 232.50 हेक्टेयर में फैले इस जंगल के दो हेक्टेयर जंगल को सोमवार की आगजनी से नुकसान पहुंचा था।

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