कोरोना संक्रमण के साथ मलेरिया से बचाव की तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

घर घर हो रहा सर्वे, दवाई वितरण के साथ सुरक्षा के उपाय बताए जा रहे

By: Nakul Sinha

Published: 14 Jun 2020, 07:22 AM IST

राजनांदगाव / खैरागढ़. कोरोना संक्रमण से लड़ रहा स्वास्थ्य विभाग ब्लाक में मलेरिया की रोकथाम के लिए भी लगातार जुटा है। ब्लाक में मौसमी बीमारियों के साथ बारिश के दौरान मलेरिया संक्रमण बाहुल्यता वाले गांवों में विभाग की टीम पखवाड़े भर से सक्रिय है। स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया टीम के साथ स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एएनएम, मितानीन इसमें जुटे है गांवों में इसके लिए शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है। मलेरिया जन्य क्षेत्रों में इसके लिए विभाग सघन अभियान चला रहा है। मलेरिया प्रभावित पाए जा रहे मरीजों की पहचान करने के साथ साथ दवाई देकर रोजाना मरीज और उनके परिवारों का फालोअप लिया जा रहा है। गांव में घर- घर सर्वे कार्य भी जारी है।

दे रहे बचाव की जानकारी
मलेरिया सहित डेंगू की रोकथाम में लिए विभाग के कर्मचारी गांव पहुंच घर-घर इसके बचाव की जानकारी देने में जुटे है। रोकथाम के लिए घरों में और आसपास पानी का जमाव रोकने, पानी जमा नही होने देने, कुलर, टूटे सामानों, डब्बा सहित गड्ढों में भरें पानी को हटाने सहित मच्छरदानी का प्रयोग, पानी में टेलीफास का छिड़काव कर नियंत्रण की जानकारी दी जा रही है।

चंगुर्दा करेलागढ़ में मिले प्रकरण तो लगाया शिविर
ब्लाक के वनांचल क्षेत्र चंगुर्दा और करेलागढ़ में लगातार मलेरिया के मरीजों के मिलनें के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में शिविर लगातार ग्रामीणों का टेस्ट कराया जा रहा है। मलेरिया विभाग के कर्मचारियों के साथ इन गांवों में टेस्ट के बाद दवाईयों का वितरण, सावधानियां बरतने की जानकारी देकर ग्रामीणों को बचाव के तरीके बताए गए है। विभाग ने कर्मचारियों को पर्याप्त मात्रा में आरडी किट स्लाइड, दवाईयों का वितरण भी किया है। मरीज निकलने पर इसकी त्वरित जानकारी विभाग को देने सूचना तंत्र को मजबूत किया गया है।

ब्लाक के 64 गांव मलेरिया प्रभावित
बारिश के दौरान मलेरिया से प्रभावित होने वाले में ब्लाक के 64 गांव शामिल है। इसमें सबसे ज्यादा असर पाड़ादाह, गातापार जंगल, ईटार, सिंगारघाट, देवरी, चिचका वाले वनांचल से सटे इलाकें में है। बारिश के पहले इन गांवों में मलेरिया रोकथाम के उपाय और तैयारी शुरू कर दी गई थी। गातापार इलाकें के दर्जनभर गांव मलेरिया जन्य भी घोषित है। इन गांवों में मितानिनों के साथ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को तैनात कर मलेरिया प्रभावित मरीजों की जानकारी पर आरडी किट से जांच कराई जा रही है। मलेरिया निकलने पर गांव का सर्वे और रैपिड टेस्ट कराया जा रहा है। घर घर जाकर बुखार वाले मरीजों का आरडी किट जांच, इसकी रिपोर्ट के बाद दवाई वितरण और मरीज सहित परिवार को रोजाना फालों किया जा रहा है। लगातार पॉजीटिव रहने पर मरीजों को अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा है।

एक हजार लोगों की कर चुके जांच
मलेरिया रोकथाम के लिए जुटे विभाग द्वारा सप्ताह में प्रति गुरूवार ड्राई डे मनाकर मितानीनों को घर-घर जाकर जमा पानी को हटाने और बचाव संबंधी निर्देश दिए जा रहे है। अब तक विभाग द्वारा मलेरिया प्रभावित होने वाले गांवों में हजार भर ग्रामीणों की जांच की गई है। इसमें से प्रारंभिक तौर पर काफी कम मरीज सामने आए है जिसके बाद विभाग ने अपनी तैयारी पूरी रखी है।

गांवों में सर्वे कराकर बचाव के बताए जा रहे उपाय
बीपीएम स्वास्थ्य विभाग खैरागढ़, सतंजय ठाकुर ने कहा कि मलेरिया प्रभावित गांवों में लगातार सर्वे कर लोगों को इससे बचाव के तरीके बताकर उपाय करने कहा जा रहा है। बुखार सहित अन्य परेशानी पर त्वरित रूप से जांच की जा रही है मितानीन स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित कर्मचारी इसमें जुटे है।

Nakul Sinha
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