आए दिन हो रहा मुरुम का अवैध खनन, शासन को लगा रहे लाखों का चूना ...

सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध खनन कर मुरुम परिवहन कर रहे हैं

By: Nitin Dongre

Published: 30 May 2020, 05:39 AM IST

गंडई पंडरिया. गंडई से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत लालपुर में अवैध मुरुम खनन धड़ल्ले से हो रहा है। इसकी जानकारी न तो सरपंच को है और न ही सचिव को है। ठेकेदार ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध खनन कर मुरुम परिवहन कर रहे हैं। आलम यह है कि मुरुम वाली जगह में 10 से 15 फीट तक गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। खनन माफियाओं द्वारा आर्थिक हितों के फेर में तालाबों को बेहतरीन ढंग से खोदकर बर्बाद किया जा रहा है और शासन को लाखों का चूना लगाया जा रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार लिमों से पेंडरवानी जाने वाले मार्ग पर ग्राम पंचायत लालपुर मे गत दिनो से खनिज माफियाओं द्वारा मुरुम खनन का कार्य किया जा रहा है। इसकी जानकारी सरपंच तक को नहीं है। सूत्र बताते है की लगातार यहां एक जेसीबी और 6 हाइवा परिवहन में लगे हुए हैं। मुरूम का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। जेसीबी मशीन से मुरुम खोदकर जमीन को खाई में तब्दील किया जा रहा है। खनिज का बेतहाशा दोहन किया जा रहा है। तालाब से कितना मुरूम निकालना है पंचायत प्रतिनिधि भी नहीं बता पा रहे हैं।

कभी भी हो सकती है अनहोनी

उल्लेखनीय है कि अब तक यहां लगभग 10 फीट से ज्यादा गहरा गड्ढा बन चुका है। कई ट्रीप मुरुम का परिवहन किया जा चुका है। ऐसे में जमीन खाई बन गई है। तालाब में कभी भी अनहोनी की घटना घट सकती है। वही इस अनहोनी की आशंका को लेकर ग्रामीण बेहद नाराज है। तालाब में भी मुरूम के अवैध खनन का मामला प्रकाश में आया था फिर भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

अधिकारियों की निष्क्रियता हो रही उजागर

जानकारी के अनुसार अवैध खनन में शासकीय कर्मचारी, जनप्रतिनिधि और सड़क ठेकेदारों की संलिप्तता देखी जा रही है। संबंधित खनिज विभाग के अधिकारियों के निष्क्रियता के परिणाम स्वरूप खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है। मामला ग्राम लालपुर सहित कई गांव में तालाब खनन कर सैकड़ों ट्रक मुरुम परिवहन करने का है।

जमीन को कर रहे है बर्बाद

जिले में अवैध खनन का आलम यह है कि खनन माफियाओं द्वारा कहीं पर भी शासकीय भूमि को खोद दिया जा रहा है, वहीं तालाबों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। गौरतलब हो कि अल्प वर्षा व भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर तालाब सूख चुके हैं, ऐसी स्थिति में गांव के सूख चुके तालाबों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार आने वाले दिनों में तालाब में निस्तारी को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

जनप्रतिनिधि और ठेकेदारों की संलिप्तता

अवैध मुरूम खनन में सड़क ठेकेदारों के साथ ही साथ जनप्रतिनिधियों के नाम सामने आ रहे हैं। जहां संबंधितों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई करने की स्थिति में जनप्रतिनिधि और ठेकेदार अपने रसूख का इस्तेमाल कर कार्रवाई नहीं करने का दबाव बनाते हैं।

ग्रामीण और मवेशी हो सकते हैं चोटिल

ग्राम लालपुर के ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीणों के कई बार मौखिक रूप से मना करने के बावजूद खनन माफियाओं द्वारा तालाब को बेहतरीन ढंग से खोदकर मुरुम निकाला जा रहा है। गहरे गड्ढे में मवेशी और ग्रामीण गिरकर चोटिल होने की संभावना बनी हुई हैं। जनप्रतिनिधियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

मुझे कोई जानकारी नहीं है

ग्राम पंचायत लालपुर के सरपंच रानू पटेल ने कहा कि खनन माफियाओं द्वारा न ही लिखित रूप से और न ही मौखिक रूप से मुझे किसी भी प्रकार की कोई जानकारी दी गई है।

भेजकर जांच कराती हूं

एसडीएम डॉ. दीप्ति वर्मा ने कहा कि अवैध खनन संबंधी जानकारी मेरे पास नहीं आई है। यदि ऐसा हो रहा है तो संबंधित विभाग के अधिकारी को भेज कर जांच कराती हूं।

Nitin Dongre Desk
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